आज से शुरू हो रहे संसद के इस महत्वपूर्ण मॉनसून सत्र के दौरान मोदी सरकार कई नए कानून बनाने की पूरी तैयारी में है। आगामी 13 अगस्त तक चलने वाले इस सत्र के दौरान सरकार द्वारा कुल 7 महत्वपूर्ण बिल संसद के पटल पर पेश किए जाएंगे। इन सभी विधेयकों को पारित कराने के लिए सरकार ने अपनी आंतरिक रणनीति को पूरी तरह से अंतिम रूप दे दिया है। संसद के दोनों सदनों में इन प्रस्तावित कानूनों पर आने वाले दिनों में व्यापक रूप से चर्चा की जाएगी।
सत्र की कुल बैठकें: संसदीय कार्य मंत्रालय से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के मुताबिक 13 अगस्त तक चलने वाले इस मॉनसून सत्र में कुल 19 बैठकें आयोजित की जाएंगी। इन 19 बैठकों के दौरान सरकार अपने विधायी कार्यों को पूरा करने के साथ-साथ विपक्ष के सवालों का जवाब भी देगी। सोमवार को सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में सबसे पहले बहुप्रतीक्षित वंदे मातरम् बिल पेश किया जाना सुनिश्चित हुआ है। इस महत्वपूर्ण बिल के सदन में आने के साथ ही सत्र की विधायी कार्यवाही का औपचारिक रूप से आगाज हो जाएगा।
आर्थिक और कानूनी बिल: सरकार द्वारा इस सत्र के दौरान पेश किए जाने वाले 7 प्रमुख विधेयकों की सूची में कई अत्यंत महत्वपूर्ण नाम शामिल हैं। इस सूची में सबसे पहला बड़ा नाम इनकम टैक्स संशोधन बिल का है जो देश की कर व्यवस्था से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है। इसके साथ ही न्याय व्यवस्था में सुधार के उद्देश्य से सुप्रीम कोर्ट संशोधन बिल भी इस सत्र में पेश किया जाएगा। इसके अलावा आम जनता से जुड़े जन्म और मृत्यु पंजीकरण बिल को भी सदन की मंजूरी के लिए पेश किया जाना तय हुआ है।
राष्ट्रीय सम्मान और व्यापार: इस सत्र में राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम संशोधन बिल को भी सरकार द्वारा चर्चा और पारित कराने के लिए लाया जा रहा है। इसके साथ ही देश के छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम विकास संशोधन बिल भी पेश होगा। इन दोनों विधेयकों के माध्यम से सरकार देश की आंतरिक व्यवस्था और व्यापारिक नियमों को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास करेगी। इन सभी विधेयकों पर सदन के भीतर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस होने की पूरी उम्मीद है।
शिक्षा और विदेशी योगदान: इस विधायी कार्यसूची में शामिल अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों में विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन विधेयक भी एक बहुत बड़ा और अहम नाम है। इसके साथ ही देश की उच्च शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधारों के उद्देश्य से विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक भी पेश किया जाएगा। इन दोनों विधेयकों को देश के विकास और सुरक्षा के दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार इन सभी 7 विधेयकों को इस 19 बैठकों वाले छोटे सत्र में ही पारित कराने का पूरा प्रयास करेगी।
प्रधानमंत्री की मीडिया वार्ता: संसद के इस मॉनसून सत्र की औपचारिक शुरुआत होने से ठीक पहले सोमवार को देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मीडिया से रूबरू होंगे। इस दौरान पीएम मोदी मीडिया के माध्यम से देश के सामने कई अत्यंत महत्वपूर्ण और समसामयिक मुद्दों पर सरकार का पक्ष रख सकते हैं। सत्र के दौरान सुचारू कामकाज सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी विपक्षी दलों से भी सकारात्मक सहयोग की अपील कर सकते हैं। प्रधानमंत्री की इस media बातचीत पर इस समय पूरे राजनीतिक जगत की निगाहें टिकी हुई हैं।


























































