बीते शनिवार की सुबह एक कमर्शियल शिप पर एक बहुत ही खतरनाक हमला किया गया। यह भयानक घटना सीधे तौर पर Caspian Sea के पानी में घटी है जिसने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। इस व्यापारिक जहाज पर एक बड़ा ब्लास्ट हुआ जिसके कारण वहां अफरातफरी और भयानक दहशत का माहौल बन गया। इस जानलेवा और अचानक हुई घटना में दुर्भाग्य से जहाज पर मौजूद एक मासूम सेलर की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं इस दर्दनाक ब्लास्ट की भयानक चपेट में आने से एक दूसरा सेलर भी बहुत ही गंभीर रूप से घायल हो गया है।
Tehran की सख्त चेतावनी: इस बड़े हादसे के तुरंत बाद विदेश मंत्रालय ने अपनी तरफ से एक सख्त स्टेटमेंट जारी किया है। शनिवार को दिए गए इस कड़े बयान में सीधे तौर पर Ukraine की तरफ से किए गए हमले की आलोचना की गई है। सरकार ने स्पष्ट लहजे में कहा है कि वे अपनी सुरक्षा के लिए संभावित जवाबी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे। अधिकारियों का साफ तौर पर मानना है कि अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अपने राष्ट्रीय हितों की रक्षा करना उनका अधिकार है। Tehran ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि वे अपनी संप्रभुता की रक्षा करने में कभी भी जरा भी संकोच नहीं करेंगे।
UN नियमों की अनदेखी: सरकार ने इस गंभीर मामले में अंतरराष्ट्रीय कानूनों और नियमों का कड़ाई से हवाला दिया है। मंत्रालय ने इस यूक्रेनी एक्शन की निंदा करते हुए इसे UN चार्टर के अनुच्छेद 2 (4) का सीधा उल्लंघन कहा है। बयान में इस खतरनाक अटैक को व्यापक क्षेत्र में अस्थिरता फैलाने के मकसद से की गई आक्रामकता भी करार दिया गया है। अधिकारियों के मुताबिक शिप पर हमला करके इंटरनेशनल लेवल पर एक बहुत ही ज्यादा गलत कार्य को अंजाम दिया गया है। इसके जरिए पूरे समुद्री इलाके में जानबूझकर और बहुत ही खतरनाक तरीके से असुरक्षा फैलाने की कोशिश की गई है।
Russia के साथ युद्ध का जिक्र: विदेश मंत्रालय ने बयान में मौजूदा वैश्विक युद्ध का भी एक बहुत ही महत्वपूर्ण जिक्र किया है। सरकार ने पूरी दुनिया को याद दिलाया है कि उन्होंने Russia और उनके विरोधियों के युद्ध में कभी दखल नहीं दिया है। उनका कहना है कि इस तटस्थता के बावजूद उनके कमर्शियल शिप को निशाना बनाना एक बहुत बड़ी कूटनीतिक गलती है। यह हमला बिना किसी सीधे उकसावे के किया गया है जो कि अंतरराष्ट्रीय शांति के लिए एक बहुत बड़ा और गंभीर खतरा है। इस तरह के कदमों से दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद तनाव और भी ज्यादा खतरनाक स्तर पर पहुंच सकता है।
Europe से जिम्मेदार रुख की मांग: देश ने दुनिया के सभी प्रमुख देशों और संगठनों से तुरंत न्याय दिलाने की अपील की है। सरकार ने UN सुरक्षा परिषद और सभी यूरोपीय देशों से हमलावरों को जल्द से जल्द जवाबदेह ठहराने की विशेष मांग की है। मंत्रालय ने कहा है कि Eastern Europe और आसपास के क्षेत्रों में शांति चाहने वाले किसी भी पक्ष को आगे आना ही होगा। इन सभी जिम्मेदार देशों को इस उकसावे वाले काम के लिए वहां की सरकार के खिलाफ कड़ा रुख जरूर अपनाना चाहिए। यह पूरे अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है कि वे इस तरह के अकारण हमलों को रोकने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाएं।
Donald Trump पर भी फूटा गुस्सा: सरकार ने यह भी साफ चेतावनी दी है कि अब इन बिगड़ती परिस्थितियों की पूरी जिम्मेदारी हमलावर देश की होगी। इस खतरनाक माहौल के लिए वह देश और उसके सभी अंतरराष्ट्रीय समर्थक पूरी तरह से जिम्मेदार और जवाबदेह माने जाएंगे। इसके साथ ही सेना ने अपने बचाव में किसी भी तरह का कठोर जवाबी एक्शन करने के लिए अपनी पूरी तैयारी होने का संकेत दिया है। इससे पहले अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने भी उनके देश के फ्रीज पैसों को लेकर एक बहुत बड़ा ऐलान किया था। उन्होंने जहाजों और कार्गो के नुकसान की भरपाई उसी पैसे से करने की बात कही थी जिसको लेकर भी अब भारी गुस्सा भड़क गया है।









































