आज 26 जुलाई का दिन देश के शिक्षा मंत्रालय के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत लेकर आया है। उपभोक्ता मामलों के केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi ने आज अपना नया और अहम कार्यभार संभाल लिया है। उन्हें आधिकारिक तौर पर देश के नए शिक्षा मंत्री के रूप में नियुक्त करके यह कार्यभार सौंपा गया है। उन्हें अपने वर्तमान मंत्रालय के कामकाज के अलावा यह बहुत ही महत्वपूर्ण अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। सरकार ने यह बड़ा फैसला अचानक उत्पन्न हुई राजनीतिक और सामाजिक परिस्थितियों के बाद तुरंत लिया है।
पूर्व मंत्री का अचानक इस्तीफा: शिक्षा मंत्रालय में यह बड़ा बदलाव शनिवार को हुई एक बड़ी राजनीतिक घटना के बाद किया गया। शनिवार को देश के तत्कालीन शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने अपने पद से अचानक इस्तीफा दे दिया था। अपना पद छोड़ने के बाद उन्होंने एक आधिकारिक त्यागपत्र जारी करके अपनी भावनाएं जनता के सामने व्यक्त की हैं। उन्होंने अपने इस बयान में कहा है कि यह मामला उनके लिए व्यक्तिगत प्रतिष्ठा का बिल्कुल भी नहीं है। उन्होंने स्पष्ट रूप से बताया कि पिछले दस दिनों की उथल-पुथल वाली घटनाओं से वह आंतरिक रूप से बहुत व्यथित हैं।
छात्रों का देशव्यापी विरोध: पूर्व मंत्री के व्यथित होने और इस्तीफा देने की मुख्य वजह देश में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन हैं। हाल ही में आयोजित हुई NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक होने की पुख्ता खबरें सामने आई थीं। इस गंभीर पेपर लीक के खुलासे के खिलाफ पूरे देश के छात्रों में भारी रोष और भयंकर गुस्सा व्याप्त है। इसी नाराजगी के चलते CJP के नेतृत्व में छात्रों ने देशभर में एकजुट होकर विशाल विरोध प्रदर्शन किए हैं। छात्रों के इस भारी दबाव और देशव्यापी आंदोलन के बीच ही शनिवार को शिक्षा मंत्री का यह इस्तीफा हुआ है।
नई जिम्मेदारी का स्वागत: शनिवार को इस्तीफा होने के तुरंत बाद नए मंत्री की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा की गई थी। नवनियुक्त केंद्रीय शिक्षा मंत्री Pralhad Joshi ने इस बड़ी घोषणा पर तुरंत अपनी प्रतिक्रिया भी दी थी। उन्होंने शनिवार को कहा कि उन्होंने दायित्व और गहरी विनम्रता की भावना के साथ यह नया पद स्वीकार किया है। देश के कई संवाददाताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने अपने आगे के काम की मंशा पूरी तरह साफ कर दी है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि देश के प्रधानमंत्री ने मुझ पर भरोसा जताकर एक बहुत बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है।
कर्तव्य भावना से कार्य का संकल्प: नए मंत्री ने देश के शीर्ष नेतृत्व द्वारा जताए गए इस भारी भरोसे के प्रति अपना आभार प्रकट किया है। उनका कहना है कि इस कठिन समय में यह जिम्मेदारी मिलना उनके लिए एक बड़ा अवसर और चुनौती दोनों है। उन्होंने अपने बयान में जोर देकर कहा कि मैं इस मिली हुई जिम्मेदारी को पूरी कर्तव्य भावना से अंत तक निभाऊंगा। इसके साथ ही उन्होंने पूरी विनम्रता के साथ इस नए पद और इसके कार्यों को स्वीकार करने की बात कही है। उपभोक्ता मामलों के साथ-साथ अब वे देश के शिक्षा क्षेत्र की सभी चुनौतियों का भी पूरी मजबूती से सामना करेंगे।
ऐतिहासिक उपलब्धियों का जिक्र: अपने संबोधन में नए मंत्री ने Modi सरकार के शानदार कामकाज की जमकर प्रशंसा की है। उन्होंने कहा कि सरकार के पिछले 12 वर्षों के लंबे कार्यकाल में कई बड़ी और ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल हुई हैं। उन्होंने अपने पूर्ववर्ती सहयोगी Dharmendra Pradhan के बेहतरीन कामकाज का भी अपने बयान में विशेष उल्लेख किया है। उन्होंने बताया कि पिछले चार-पांच वर्षों में पूर्व मंत्री ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति को सफलतापूर्वक लागू करके दिखाया है। अंत में उन्होंने यह आश्वासन दिया कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन में मैं अपनी क्षमता के अनुसार सर्वश्रेष्ठ कार्य करूंगा।









































