मिडिल ईस्ट में जारी भयंकर सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान पर बेहद कड़ा बयान सामने आया है। अमेरिका और ईरान लगातार एक दूसरे के सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले कर रहे हैं। इस जारी युद्ध के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ एक भयानक और बड़े हमले की खुली धमकी दी है। ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर होने वाले हर हमले का करारा जवाब दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच जारी सैन्य संघर्ष के और खतरनाक होने की आशंका बढ़ गई है।
बुरी तरह कुचलने की कसम अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान द्वारा किए जा रहे हमलों पर जोरदार और आक्रामक जवाबी कार्रवाई करने की कसम खाई है। ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि अमेरिका ईरान को बेहद बुरी तरह से कुचल देगा। अपने बयान को और सख्त बनाते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिकी सेना ईरान की बहुत बुरी तरह से धुलाई करेगी। उनका यह बयान दर्शाता है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ किसी भी हद तक जाने को तैयार है। ट्रंप की इस कड़ी चेतावनी से वाशिंगटन और तेहरान के बीच युद्ध की लपटें और तेज हो गई हैं।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की रेस ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य चेतावनियों के साथ-साथ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तकनीकी मोर्चे पर भी बात की। ट्रंप ने वाशिंगटन में प्रेस से बात करते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई की वैश्विक रेस के मुद्दे पर चीन पर निशाना साधा। उन्होंने तकनीक के क्षेत्र में अमेरिका के प्रभुत्व और चीन के बढ़ते प्रभाव पर अपना पक्ष रखा। ट्रंप ने कहा कि एआई की इस आधुनिक और महत्वपूर्ण रेस में अमेरिका वर्तमान में चीन से काफी आगे बना हुआ है। इस तकनीकी रेस को उन्होंने भविष्य के लिए अत्यंत निर्णायक और अहम करार दिया।
चीन में एआई पर अनियंत्रित काम राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन में एआई तकनीक के विकास के तरीके पर गंभीर सवाल खड़े किए। ट्रंप ने कहा कि चीन में एआई तकनीक पर लगभग कोई सरकारी या कानूनी कंट्रोल नहीं है। वहां बिना किसी रोक-टोक और नियम-कानून के एआई पर तेजी से काम जारी है। चीन की इस अनियंत्रित कार्यशैली को देखते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका को दोनों तरह से बेहद सावधान रहना होगा। उन्होंने माना कि चीन जिस गति से बिना पाबंदी के काम कर रहा है, वह अमेरिका के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है।
पाबंदियों पर संतुलन की जरूरत डोनाल्ड ट्रंप ने एआई क्षेत्र में अमेरिका द्वारा चीन या अपनी कंपनियों पर लगाई जाने वाली पाबंदियों पर संतुलन की बात की। ट्रंप ने कहा कि हम चीन या अपने उद्योग पर ऐसी पाबंदियां नहीं लगाना चाहते कि अचानक हम इस रेस में चीन से पीछे रह जाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी एआई की इस वैश्विक रेस को जीतेगा, अंततः वही दुनिया पर राज करेगा। ट्रंप ने माना कि यह मामला अमेरिका के भविष्य के लिए बेहद अहम और संवेदनशील है। इसलिए वे अपनी कंपनियों को बेहतरीन काम करने से किसी भी स्थिति में रोकना नहीं चाहते हैं।
वैश्विक वर्चस्व की लड़ाई अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान से साफ होता है कि अमेरिका एक साथ दो बड़े मोर्चों पर लड़ाई लड़ रहा है। एक तरफ जहां मिडिल ईस्ट में अमेरिका ईरान को बुरी तरह कुचलने की सैन्य धमकियां दे रहा है, वहीं दूसरी तरफ वह चीन के साथ एआई रेस में अपना वर्चस्व बनाए रखने के लिए गंभीर है। ट्रंप ने यह स्पष्ट कर दिया है कि एआई की प्रतिस्पर्धा जीतना अमेरिका के लिए अनिवार्य है। चीन के अनियंत्रित एआई विकास और ईरान के साथ सैन्य संघर्ष के बीच अमेरिकी रणनीति अब बेहद आक्रामक नजर आ रही है।

























































