कश्मीरियों के समर्थन में पाकिस्तान की राजधानी में एक विशाल रैली का सफल आयोजन किया गया। यह ऐतिहासिक प्रदर्शन इकतीस जुलाई को राजधानी के जी-टेन मरकज़ इलाके में संपन्न हुआ। इस महत्वपूर्ण रैली में भारी संख्या में स्थानीय और कश्मीरी लोगों ने पूरे जोश के साथ हिस्सा लिया। प्रदर्शनकारियों ने कश्मीरियों के प्रति अपनी गहरी एकजुटता और पूरा समर्थन खुले तौर पर व्यक्त किया। राजधानी की सड़कों पर लोगों ने राज्य के दमनकारी रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पूर्व सीनेटर का अहम योगदान इस विशाल और प्रभावशाली रैली का नेतृत्व पाकिस्तान के पूर्व सीनेटर मुश्ताक खान ने किया था। उन्होंने नागरिकों से आह्वान किया था कि वे कश्मीरियों के हक में अपनी आवाज़ बुलंद करें। मुश्ताक खान के इसी आह्वान पर हजारों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए। उन्होंने खुले तौर पर प्रशासन की हिंसक नीतियों और कार्यप्रणाली की कड़ी आलोचना की। उनकी इस ऐतिहासिक पहल को अवाम की तरफ से भरपूर और व्यापक जनसमर्थन प्राप्त हुआ है।
कश्मीरी नेताओं का आभार संदेश रावलाकोट से प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कश्मीरी नेताओं ने इस रैली का खुले दिल से स्वागत किया। नेता उमर नज़ीर कश्मीरी ने सीनेटर मुश्ताक खान का तहे दिल से शुक्रिया अदा किया है। उन्होंने कहा कि संकट की इस कठिन घड़ी में राजधानी का समर्थन उनके लिए बहुत मायने रखता है। कमेटी ने इस एकजुटता को जन आंदोलन की एक बहुत बड़ी नैतिक जीत बताया है। उन्होंने उन सभी नागरिकों को धन्यवाद दिया जिन्होंने इस ऐतिहासिक रैली में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।
सरकारी दमन की कड़ी निंदा राजधानी में हुए इस प्रदर्शन में हालिया हिंसक घटनाओं की बहुत ही कड़ी निंदा की गई। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि प्रशासन निर्दोष लोगों पर पूरी तरह से अकारण गोलियां बरसा रहा है। उन्होंने पचास से अधिक नागरिकों की दर्दनाक मौत पर गहरा शोक और दुख व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की कि वह तुरंत बल प्रयोग करना पूरी तरह बंद कर दे। उनका साफ कहना था कि बातचीत के जरिए ही इस गंभीर समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाना चाहिए।
शांतिपूर्ण समाधान की जोरदार अपील इस विशाल रैली के माध्यम से देश भर में शांति और न्याय का एक कड़ा संदेश दिया गया। सभी प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में जारी हिंसा को तत्काल रोकने की जोरदार अपील की। उन्होंने कहा कि अवाम के बुनियादी अधिकारों को कुचलना किसी भी देश के लिए बेहद शर्मनाक है। सरकार को अपनी दमनकारी नीतियां छोड़कर लोगों की जायज मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। इस तरह के आयोजनों से पूरे प्रशासन और सत्ता प्रतिष्ठान पर भारी दबाव बन रहा है।
भविष्य की नई उम्मीदें और संघर्ष इस सफल प्रदर्शन ने कश्मीरियों के हौसले और उनके मनोबल को काफी हद तक बढ़ा दिया है। कमेटी को उम्मीद है कि अब पूरे देश से उन्हें इसी तरह का सक्रिय समर्थन हमेशा मिलता रहेगा। नेता उमर नज़ीर ने कहा कि सच की आवाज़ को गोलियों से कभी भी दबाया नहीं जा सकता है। वे अपने मूल अधिकारों की प्राप्ति के लिए आखिरी सांस तक यह शांतिपूर्ण लड़ाई लड़ते रहेंगे। इस भारी जनसमर्थन के बाद अब सरकार को अपनी क्रूर रणनीति में बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।


























































