मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर लखनऊ स्थित अपने सरकारी आवास पर ध्वजारोहण किया। इस दौरान उन्होंने प्रदेश के युवाओं के लिए एक समर्पित नई यूथ पॉलिसी लाने का बड़ा ऐलान किया। यह एकीकृत नीति Gen Z और Gen Alpha पीढ़ी की आवश्यकताओं को पूरा करने के उद्देश्य से बनाई जा रही है। इस नीति का मुख्य उद्देश्य कौशल विकास, शोध और रोजगार के क्षेत्र में युवाओं को सीधे तौर पर मजबूती प्रदान करना है। इसमें राज्य के विद्यार्थियों, खिलाड़ियों, शोधार्थियों और युवा उद्यमियों की सीधी सहभागिता रहेगी।
आधुनिक टेक्नोलॉजी पर बढ़ा काम: अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश ने आधुनिक तकनीकों को अपनाने में तेज गति से कार्य आगे बढ़ाया है। आज प्रदेश में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग, सेमीकंडक्टर और डेटा सेंटर के क्षेत्र में अभूतपूर्व काम हो रहा है। इसके साथ ही साइबर सिक्योरिटी, एग्रीटेक, फिनटेक और रोबोटिक्स में भी नए अवसर पैदा किए जा रहे हैं। इन सभी आधुनिक तकनीकों के विस्तार से राज्य में भारी निवेश आ रहा है। इसके चलते प्रदेश के युवाओं के लिए नवाचार और रोजगार के नए-नए द्वार लगातार खुल रहे हैं।
पलायन से मुक्त हुआ उत्तर प्रदेश: सीएम योगी ने कहा कि ‘सीएम युवा उद्यमी योजना’ के तहत युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए बिना ब्याज और बिना गारंटी के ऋण दिया जा रहा है। सरकार के इन निरंतर प्रयासों के कारण आज उत्तर प्रदेश का युवा पलायन की समस्या से पूरी तरह मुक्त हो चुका है। सरकार का स्पष्ट संकल्प है कि हर युवा के पास अपनी स्किल, इनोवेशन और सम्मानजनक रोजगार हो। जल्द आने वाली यूथ पॉलिसी एक इंटीग्रेटेड अप्रोच के जरिए युवाओं के कौशल और रोजगार की संभावनाओं को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का कार्य करेगी।
रोजगार और स्टार्टअप के आंकड़े: मुख्यमंत्री ने अपने शासनकाल में युवाओं के हित में उठाए गए ऐतिहासिक कदमों और आंकड़ों को जनता के सामने रखा। उन्होंने बताया कि 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को पारदर्शी प्रक्रिया से सरकारी नौकरियां दी गई हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न योजनाओं के जरिए 4 करोड़ युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों का सृजन किया गया है। प्रदेश में 22 हजार से ज्यादा नए स्टार्टअप्स सफलतापूर्वक शुरू हो चुके हैं। ये सभी प्रयास राज्य के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें स्थानीय स्तर पर रोजगार देने में बेहद कारगर साबित हुए हैं।
शैक्षणिक और प्रतियोगी सहयोग: राज्य के विद्यार्थियों को आगे बढ़ाने के लिए ‘ऑपरेशन कायाकल्प’ और ‘अभ्युदय योजना’ जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं सफलता के साथ संचालित की जा रही हैं। ऑपरेशन कायाकल्प के माध्यम से स्कूलों की स्थिति में व्यापक सुधार किया गया है। वहीं अभ्युदय योजना से गरीब और होनहार छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं की नि:शुल्क तैयारी करने का सुअवसर प्राप्त हो रहा है। सरकार विभिन्न वर्गों के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़कर उनके सपनों को उड़ान देने के लिए लगातार काम कर रही है। इन योजनाओं ने युवाओं के आत्मविश्वास को बहुत बढ़ाया है।
आत्मनिर्भरता की ओर कदम: 80वें स्वतंत्रता दिवस पर सीएम योगी द्वारा की गई घोषणाएं उत्तर प्रदेश को एक विकसित राज्य बनाने की दिशा में अहम मानी जा रही हैं। नई यूथ पॉलिसी के जरिए युवाओं की प्रतिभा को निखारने और उन्हें वैश्विक मंच पर प्रतिस्पर्धी बनाने का रोडमैप तैयार किया गया है। खेल, शिक्षा, शोध और उद्योग जगत से जुड़े युवाओं को इस नीति से सीधा प्रोत्साहन मिलेगा। सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक युवा को कुशल और समर्थ बनाकर राज्य के नवनिर्माण में भागीदार बनाना है, जिससे उत्तर प्रदेश का भविष्य और अधिक समृद्ध हो सके।









































