डॉ. कृष्ण कुमार झा
भारत से बाहर भी भारतीय स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह, उमंग और देशभक्ति की भावना के साथ मनाया जाता है। प्रवासी भारतीयों के बीच इस दिवस के आयोजन की एक विशिष्ट और गौरवशाली परंपरा मॉरीशस में देखने को मिलती है। उपलब्ध ऐतिहासिक परंपराओं के अनुसार, मॉरीशस में भारतीय स्वतंत्रता दिवस के सार्वजनिक आयोजन की शुरुआत वर्ष 1948 से हुई थी और तब से यह परंपरा निरंतर आगे बढ़ती आ रही है।

मॉरीशस में भारतीय स्वतंत्रता दिवस के आयोजन को एक सुदृढ़ सांस्कृतिक और वैचारिक आधार देने का श्रेय भारतीय संस्कृति के पुरोधा, मॉरीशस के स्वतंत्रता संग्राम के प्रमुख नायकों में से एक तथा गांधीवादी विचारधारा के अनुयायी प्रो. वासुदेव विष्णुदयाल को जाता है। लालमाटी गाँव से आरंभ हुई इस परंपरा में स्थानीय लोग गांधीवादी टोपी धारण कर जुलूस के रूप में स्वराज भवन तक पहुँचते थे। वहाँ प्रो. वासुदेव विष्णुदयाल लोगों को संबोधित करते हुए भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा तथा उसके जीवन-मूल्यों की विशेषताओं और महत्ता पर प्रकाश डालते थे। उनके प्रवचनों में भारतीय संस्कृति की उदात्त परंपराओं, नैतिक मूल्यों और मानवीय आदर्शों का विशेष उल्लेख होता था।

महात्मा गांधी की प्रसिद्ध दांडी यात्रा की ऐतिहासिक तिथि 12 मार्च को मॉरीशस के स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाए जाने की परंपरा तथा गांधीजी के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने की परंपरा भी भारत-मॉरीशस के गहरे ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंधों की प्रतीक है। प्रत्येक वर्ष गांधीजी की पुण्यतिथि पर विष्णुदयाल बंधुओं द्वारा स्वराज भवन तथा लावोंचियेर स्थित गांधी प्रतिमा के समक्ष कार्यक्रम आयोजित कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के योगदान को स्मरण करने और उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करने की यह परंपरा आज भी कायम है।

इसी गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाते हुए 15 अगस्त 2026 को भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मॉरीशस स्थित भारतीय उच्चायोग के उच्चायुक्त महामहिम अनुराग श्रीवास्तव के नेतृत्व में फेनिक्स स्थित इंदिरा गांधी भारतीय संस्कृति केंद्र के प्रांगण में भारतीय ध्वजारोहण समारोह का भव्य आयोजन किया गया।
‘वन्दे मातरम्’ और राष्ट्रगान की गूँज के साथ पूरा वातावरण देशभक्ति, भारतीयता और राष्ट्रीय गौरव की भावना से ओत-प्रोत हो उठा। इसके पश्चात सभागार में आयोजित कार्यक्रम के दौरान भारतीय उच्चायुक्त महामहिम श्री अनुराग श्रीवास्तव ने भारत की राष्ट्रपति महामहिम श्रीमती द्रौपदी मुर्मु द्वारा 80वें स्वतंत्रता दिवस की पूर्वसंध्या पर राष्ट्र के नाम दिए गए संदेश का वाचन किया। कार्यक्रम के दौरान भारत द्वारा मॉरीशस को विभिन्न क्षेत्रों में प्रदान किए जा रहे सहयोग और दोनों देशों के बीच विद्यमान ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं जन-जन के अटूट संबंधों को भी रेखांकित किया गया।
भारत और मॉरीशस के बीच सदियों से चले आ रहे सांस्कृतिक संबंधों तथा पारस्परिक सहयोग की झलक ने उपस्थित लोगों को विशेष रूप से भावविभोर किया। इस अवसर पर स्थानीय तथा भारतीय कलाकारों द्वारा प्रस्तुत गीत-संगीत और नृत्य के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समारोह में उपस्थित दर्शकों का मन मोह लिया। कलाकारों की प्रस्तुतियों में भारतीय संस्कृति की विविधता, समृद्धि और जीवंतता की सुंदर अभिव्यक्ति देखने को मिली।
भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के इस पावन अवसर पर आइए, हम सभी मिलकर भारत की गौरवशाली सांस्कृतिक एवं सभ्यतागत परंपराओं को आगे बढ़ाने और राष्ट्र को प्रगति, समृद्धि तथा गौरव के नए शिखर पर पहुँचाने का संकल्प लें।
जय हिन्द! जय भारत!










































