एसजीपीजीआई में पैराथायरॉयड सर्जरी की नई तकनीकों पर विशेषज्ञ करेंगे मंथन लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (एसजीपीजीआईएमएस) के एंडोक्राइन सर्जरी विभाग की ओर से 6 सितंबर को ‘पैराथायरॉयड सर्जरी मास्टरक्लास एवं एलुमनी मीट’ का आयोजन किया जाएगा। विभाग के 38वें स्थापना दिवस के अवसर पर होने वाले इस कार्यक्रम में देश के प्रमुख चिकित्सा संस्थानों के विशेषज्ञ एक मंच पर जुटेंगे।कार्यक्रम में एंडोक्राइन सर्जन, एंडोक्राइनोलॉजिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट, न्यूक्लियर मेडिसिन विशेषज्ञ, पैथोलॉजिस्ट, वरिष्ठ चिकित्सक, शोधकर्ता और एसजीपीजीआई के पूर्व छात्र भाग लेंगे। इसमें पैराथायरॉयड रोगों एवं हाइपरपैराथायरॉयडिज्म के आधुनिक निदान, इमेजिंग, सर्जरी तथा ऑपरेशन के बाद की देखभाल से जुड़े नवीनतम ज्ञान और अनुभव साझा किए जाएंगे।वैज्ञानिक सत्र में गुम हुई पैराथायरॉयड ग्रंथि की पहचान से लेकर उन्नत न्यूक्लियर एवं रेडियोलॉजिकल इमेजिंग तक के विषयों पर चर्चा होगी। वास्तविक और जटिल मामलों पर केस आधारित चर्चा भी आयोजित की जाएगी। साथ ही भारत में पैराथायरॉयड सर्जरी के विकास पर विशेष व्याख्यान होगा।मास्टरक्लास में फोकस्ड पैराथायरॉयडेक्टॉमी, बाइलेटरल नेक एक्सप्लोरेशन तथा रिमोट एक्सेस पैराथायरॉयड सर्जरी की वीडियो प्रस्तुतियां विशेषज्ञों द्वारा चर्चा के साथ प्रदर्शित की जाएंगी। इसके अलावा यह भी मंथन होगा कि फोकस्ड पैराथायरॉयडेक्टॉमी के दौरान आईओपीटीएच को अनिवार्य माना जाना चाहिए या नहीं।नॉर्मोकैल्सीमिक, फैमिलियल, रिकरेंट एवं पर्सिस्टेंट हाइपरपैराथायरॉयडिज्म जैसे जटिल मामलों के साथ हाइपोकैल्सीमिया, हंग्री बोन सिंड्रोम और रीनल हाइपरपैराथायरॉयडिज्म के उपचार पर भी चर्चा होगी।कार्यक्रम में एसजीपीजीआई एलुमनी कनेक्ट सत्र भी होगा, जिसमें पैराथायरॉयड सर्जरी के विकास में संस्थान के पूर्व छात्रों के योगदान पर चर्चा होगी। स्थापना दिवस समारोह में विभाग की वार्षिक रिपोर्ट, डीन एवं निदेशक का संबोधन तथा सम्मान समारोह होगा। प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉ. अम्बरीश मित्तल फाउंडेशन डे ओरैशन देंगे।विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव अग्रवाल और आयोजन सचिव डॉ. ज्ञान चंद ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य विशेषज्ञों, युवा सर्जनों, प्रशिक्षुओं और पूर्व छात्रों को साझा मंच पर लाकर ज्ञान एवं अनुभव का आदान-प्रदान करना है।