भारतीय स्पिनर आर साई किशोर इन दिनों इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट खेल रहे हैं। उनकी शानदार गेंदबाजी के दम पर ग्लॉस्टरशायर ने काउंटी क्रिकेट में डर्बीशायर को 213 रन के बड़े अंतर से हरा दिया। डर्बीशायर की टीम को यह मैच जीतने के लिए 319 रन बनाने थे, लेकिन पूरी टीम सिर्फ 105 रन बनाकर ऑलआउट हो गई। 29 वर्षीय भारतीय स्पिनर आर साई किशोर इंग्लैंड के काउंटी चैंपियनशिप में ग्लॉस्टरशायर टीम का हिस्सा बने हुए हैं। उन्होंने डर्बीशायर के खिलाफ इस मुकाबले की दोनों पारियों को मिलाकर कुल 7 विकेट झटके और टीम की जीत में बड़ी भूमिका निभाई।
साई किशोर का प्रदर्शन: डर्बीशायर की दूसरी पारी के दौरान आर साई किशोर ने घातक गेंदबाजी करते हुए महज 20 रन देकर 5 विकेट झटके। उनकी इस कातिलाना गेंदबाजी के आगे डर्बीशायर का कोई भी बल्लेबाज मैदान पर टिक नहीं सका और पूरी टीम ध्वस्त हो गई। इस पारी की सबसे खास और मजेदार बात यह रही कि डर्बीशायर के सभी 10 विकेट स्पिन गेंदबाजों ने हासिल किए। इससे पहले इस मैच की पहली पारी में भी तमिलनाडु के स्पिनर आर साई किशोर ने 2 विकेट हासिल किए थे। हाल ही में काउंटी क्रिकेट के एक मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी मानव सुथार ने भी ऐसी ही शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन किया था।
पहली पारी का लेखा-जोखा: ग्लॉस्टरशायर की टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया और अपनी पहली पारी में 237 रन बनाए। पहली पारी में जेम्स ब्रेसी के शानदार 113 रन, विलियम्स के 42 रन और साई किशोर के महत्वपूर्ण 20 रनों का योगदान रहा। डर्बीशायर की ओर से ब्रेट रैंडेल ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 5 विकेट चटकाए, जबकि बेन एचिसन और शोएब बशीर ने 2-2 विकेट हासिल किए। जवाब में बल्लेबाजी करने उतरी डर्बीशायर की पहली पारी 278 रन के स्कोर पर समाप्त हुई, जिसमें ओपनर मोहम्मद नईम ने 119 गेंदों पर 7 चौकों और 2 छक्कों की मदद से 71 रन बनाए।
ग्लॉस्टरशायर की पहली पारी की गेंदबाजी: डर्बीशायर को पहली पारी में 278 रन पर समेटने में ग्लॉस्टरशायर के गेंदबाजों ने काफी मेहनत की और महत्वपूर्ण सफलताएं हासिल कीं। ग्लॉस्टरशायर के ऑलिवर प्राइस ने शानदार गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए पहली पारी में विरोधी टीम के कुल 6 विकेट चटकाए। वहीं दूसरे छोर से कसी हुई गेंदबाजी करते हुए साई किशोर ने 23 ओवर के स्पेल में डर्बीशायर के 2 बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। पहली पारी के आधार पर डर्बीशायर को ग्लॉस्टरशायर के खिलाफ बढ़त हासिल हुई थी। इसके बाद ग्लॉस्टरशायर की टीम को अपनी दूसरी पारी में बड़ा स्कोर खड़ा करने की चुनौती का सामना करना पड़ा।
दूसरी पारी में रिकॉर्ड साझेदारी: दूसरी पारी में ग्लॉस्टरशायर की शुरुआत खराब रही और पहली पारी के झटकों के बाद टीम के 5 विकेट सिर्फ 37 रन पर गिर गए थे। इसके बाद टीम ने जबरदस्त वापसी की, जिसमें माइल्स हैमंड के 118 रन, जेम्स ब्रेसी के नाबाद 104 रन और जो फिलिप्स के 64 रन शामिल रहे। ग्लॉस्टरशायर ने 5 विकेट खोकर 359 रन बनाकर अपनी दूसरी पारी घोषित की और डर्बीशायर के सामने 319 रन का लक्ष्य रखा। जेम्स ब्रेसी ने मैच की दोनों पारियों में शतक लगाकर एक नया रिकॉर्ड बनाया और वह 1919 में हैरी स्मिथ के बाद एक ही मैच में दो शतक लगाने वाले ग्लॉस्टरशायर के पहले विकेटकीपर बने।
डर्बीशायर की करारी हार: डर्बीशायर की टीम को जीत के लिए 319 रन की चुनौती मिली थी, लेकिन जवाब में उनकी टीम सिर्फ 105 रन पर ही ढेर हो गई। साई किशोर की घातक गेंदबाजी (20 रन देकर 5 विकेट) के सामने डर्बीशायर का कोई भी बल्लेबाज क्रीज पर टिककर रन नहीं बना सका। इस तरह ग्लॉस्टरशायर ने डर्बीशायर के खिलाफ यह मुकाबला 213 रन के भारी भरकम अंतर से अपने नाम कर लिया। साई किशोर के 5 विकेट और सभी 10 विकेट स्पिनरों द्वारा लिए जाने से यह जीत ऐतिहासिक बन गई। इस मुकाबले में ग्लॉस्टरशायर की वापसी और साई किशोर की स्पिन गेंदबाजी ने मैच का रुख पूरी तरह बदल दिया।













































