
23.26 लाख किशोरियों को लगाई गई एचपीवी वैक्सीन
मुरादाबाद 99.6 प्रतिशत टीकाकरण के साथ शीर्ष पर
लखनऊ।प्रदेश में 14 वर्ष आयु वर्ग की किशोरियों को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए चलाए जा रहे ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण अभियान में अब तक 86.3 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया जा चुका है जबकि देश का 80 प्रतिशत लक्ष्य हासिल किया है । प्रदेश में 28 फरवरी से शुरू हुए अभियान के तहत 10 सितम्बर तक 23,26,580 किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण किया जा चुका |
अमित घोष, अपर मुख्य सचिव, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण ने बताया, “उत्तर प्रदेश में एचपीवी टीकाकरण अभियान को लेकर लगातार सकारात्मक प्रगति हो रही है। 10 सितम्बर तक प्रदेश में निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष 86.3 प्रतिशत किशोरियों का टीकाकरण किया जा चुका है। जिलों में भी बेहतर कवरेज देखने को मिल रहा है। हमारा प्रयास है कि शेष पात्र किशोरियों तक भी पहुंच बनाकर उनका टीकाकरण पूरा किया जाए। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों और समुदाय स्तर पर जागरूकता एवं टीकाकरण गतिविधियों को और मजबूत कर रही हैं। अभिभावकों से भी अपील है कि वे अपनी पात्र बेटियों को एचपीवी वैक्सीन जरूर लगवाएं और सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में स्वास्थ्य विभाग के इस प्रयास में सहयोग करें।”
डॉ. पिंकी जोवेल, मिशन निदेशक, उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने कहा, “एचपीवी टीकाकरण अभियान में प्रदेश की अब तक की प्रगति उत्साहजनक है। हमारा विशेष ध्यान उन पात्र किशोरियों तक पहुंचने पर है, जिनका टीकाकरण अभी शेष है। इसके लिए जिलों को स्थानीय स्तर पर स्कूलों, स्वास्थ्य संस्थानों और समुदाय के साथ समन्वय करते हुए माइक्रो-प्लान के अनुसार टीकाकरण गतिविधियों को तेज करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही, किशोरियों और अभिभावकों को एचपीवी वैक्सीन की उपयोगिता एवं सुरक्षा के बारे में जागरूक किया जा रहा है, जिससे कि किसी भी भ्रांति के कारण कोई पात्र किशोरी टीकाकरण से वंचित न रहे।”
डॉ. अजय गुप्ता, राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी ने बताया कि जिलों के प्रदर्शन की बात करें तो मुरादाबाद 99.6 प्रतिशत उपलब्धि के साथ प्रदेश में पहले स्थान पर है। इसके बाद कानपुर देहात 97.7 प्रतिशत, मैनपुरी 97.5 प्रतिशत, बागपत और औरैया 97 प्रतिशत उपलब्धि के साथ आगे हैं।
रायबरेली में 95.5 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हो चुका है, जबकि लखनऊ में 94.3 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की गई है।
डॉ. मनोज शुकुल, महाप्रबंधक बाल स्वास्थ्य ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन सुरक्षित और स्वैच्छिक टीकाकरण है। पात्र किशोरियों को यह वैक्सीन आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल सहित नियमित टीकाकरण के विभिन्न प्लेटफॉर्म पर प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा लगाई जा रही है। उन्होंने बताया कि एचपीवी वैक्सीन खाली पेट नहीं लगवानी है। अभिभावक अपनी पात्र बेटियों का समय पर टीकाकरण कराकर उन्हें सर्वाइकल कैंसर से बचाव की दिशा में सुरक्षित भविष्य देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
गोमती नगर निवासी श्रद्धा यादव बताती हैं कि उन्होंने भी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) का टीका लगवाया है और टीकाकरण के बाद उन्हें किसी प्रकार की कोई परेशानी नहीं हुई। वह पूरी तरह स्वस्थ हैं। श्रद्धा का कहना है कि टीके को लेकर उनकी सभी आशंकाएं दूर हो गईं, जिसके बाद उन्होंने अपनी एक दोस्त को भी एचपीवी टीका लगवाने के लिए प्रेरित किया। उनका मानना है कि सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाव के लिए सभी पात्र किशोरियों को बिना किसी डर या भ्रांति के यह टीका अवश्य लगवाना चाहिए।







































