9 अक्टूबर 2026, शुक्रवार को आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है। इस दिन चतुर्दशी तिथि में दिवंगत परिजनों का श्राद्ध किया जाएगा। चतुर्दशी तिथि रात 9 बजकर 36 मिनट तक रहेगी, इसके बाद अमावस्या तिथि शुरू हो जाएगी। शुक्रवार को रात 11 बजकर 21 मिनट तक ब्रह्म योग रहेगा, जबकि उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र रात 9 बजकर 20 मिनट तक प्रभावी रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन श्राद्ध कर्म करने का विशेष महत्व है। आइए जानते हैं शुक्रवार का पंचांग, शुभ-अशुभ मुहूर्त, चौघड़िया और राहुकाल का समय।
मुख्य पंचांग एवं ज्योतिषीय विवरण
वार: शुक्रवार
विक्रम संवत: 2083 (सिद्धार्थी)
शक संवत: 1948 (पराभव)
अयन: दक्षिणायन
ऋतु: शरद ऋतु
मास: आश्विन मास
पक्ष: कृष्ण पक्ष
तिथि: चतुर्दशी, रात 9:36 बजे तक; इसके बाद अमावस्या
नक्षत्र: उत्तराफाल्गुनी, रात 9:20 बजे तक; इसके बाद हस्त नक्षत्र
योग: ब्रह्म योग, रात 11:21 बजे तक; इसके बाद इंद्र योग
करण: विष्टि (भद्रा), सुबह 9:52 बजे तक; इसके बाद शकुनि करण, रात 9:36 बजे तक
सूर्य राशि: कन्या
चंद्र राशि: कन्या
शुभ मुहूर्त
कुतुप मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
रौहिण मुहूर्त: दोपहर 12:31 बजे से 1:18 बजे तक
अपराह्न काल: दोपहर 1:18 बजे से 3:38 बजे तक
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:40 बजे से 5:29 बजे तक
प्रातः संध्या: सुबह 5:04 बजे से 6:18 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:45 बजे से दोपहर 12:31 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 2:05 बजे से 2:51 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 5:58 बजे से 6:23 बजे तक
सायाह्न संध्या: शाम 5:58 बजे से शाम 7:12 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 2:07 बजे से 3:43 बजे तक
अशुभ मुहूर्त
राहुकाल (दिल्ली): सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:08 बजे तक
यमगण्ड काल: सुबह 6:17 बजे से 7:44 बजे तक
गुलिक काल: सुबह 7:48 बजे से 9:15 बजे तक
भद्रा (विष्टि): सुबह 6:18 बजे से 9:52 बजे तक
दिशाशूल: पश्चिम दिशा
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शुक्रवार को पश्चिम दिशा में यात्रा करने से बचने की सलाह दी जाती है। यदि यात्रा करना जरूरी हो, तो परंपरागत मान्यता के अनुसार जौ या राई खाकर प्रस्थान किया जा सकता है।
सूर्योदय और चंद्रमा का समय
सूर्योदय: सुबह 6:21 बजे
सूर्यास्त: शाम 5:53 बजे
चन्द्रोदय: आज शाम को चन्द्रमा उदय नहीं होगा। आज आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि है और अगले दिन अमावस्या है, इसलिए चन्द्रमा अगले दिन भोर में सुबह 05:53 बजे (10 अक्टूबर को) उदय होगा।
चन्द्रास्त: आज शाम 05:00 बजे चन्द्रमा अस्त होगा।
दिन की चौघड़िया
दिन की अवधि: सुबह 6:21 बजे से शाम 5:53 बजे तक
चर: सुबह 6:21 बजे से 7:47 बजे तक
लाभ: सुबह 7:47 बजे से 9:14 बजे तक
अमृत: सुबह 9:14 बजे से 10:40 बजे तक
काल: सुबह 10:40 बजे से दोपहर 12:07 बजे तक
शुभ: दोपहर 12:07 बजे से 1:33 बजे तक
रोग: दोपहर 1:33 बजे से 3:00 बजे तक
उद्वेग: दोपहर 3:00 बजे से शाम 4:26 बजे तक
चर: शाम 4:26 बजे से 5:53 बजे तक
रात्रि की चौघड़िया
रात्रि की अवधि: शाम 5:53 बजे से अगले दिन सुबह 6:22 बजे तक
रोग: शाम 5:53 बजे से रात 7:27 बजे तक
काल: रात 7:27 बजे से 9:01 बजे तक
लाभ: रात 9:01 बजे से 10:35 बजे तक
उद्वेग: रात 10:35 बजे से मध्यरात्रि 12:09 बजे तक
शुभ: मध्यरात्रि 12:09 बजे से देर रात 1:43 बजे तक
अमृत: देर रात 1:43 बजे से 3:17 बजे तक
चर: देर रात 3:17 बजे से सुबह 4:51 बजे तक
रोग: सुबह 4:51 बजे से 6:22 बजे तक
राज्यवार राहुकाल
शुक्रवार को राहुकाल का समय अलग-अलग राज्यों और शहरों में स्थानीय सूर्योदय के अनुसार बदलता है। नीचे 9 अक्टूबर 2026 के लिए उपलब्ध अनुमानित समय दिए गए हैं। स्थानीय पंचांग के अनुसार इनमें कुछ मिनटों का अंतर संभव है।
| क्रमांक | राज्य/केंद्रशासित प्रदेश | राजधानी/मुख्य शहर | राहुकाल समय |
|---|---|---|---|
| 1 | उत्तर प्रदेश | लखनऊ | सुबह 10:26 से 11:53 बजे तक |
| 2 | दिल्ली (एनसीआर) | नई दिल्ली | सुबह 10:41 से दोपहर 12:08 बजे तक |
| 3 | जम्मू-कश्मीर | श्रीनगर | सुबह 10:49 से दोपहर 12:15 बजे तक |
| 4 | आंध्र प्रदेश | अमरावती | सुबह 10:24 से 11:53 बजे तक |
| 5 | अरुणाचल प्रदेश | ईटानगर | सुबह 9:20 से 10:48 बजे तक |
| 6 | असम | दिसपुर | सुबह 9:27 से 10:55 बजे तक |
| 7 | बिहार | पटना | सुबह 10:04 से 11:32 बजे तक |
| 8 | छत्तीसगढ़ | रायपुर | सुबह 10:22 से 11:50 बजे तक |
| 9 | गोवा | पणजी | सुबह 10:51 से दोपहर 12:20 बजे तक |
| 10 | गुजरात | गांधीनगर/अहमदाबाद | सुबह 10:59 से दोपहर 12:26 बजे तक |
| 11 | हरियाणा | चंडीगढ़ | सुबह 10:43 से दोपहर 12:10 बजे तक |
| 12 | हिमाचल प्रदेश | शिमला | सुबह 10:42 से दोपहर 12:09 बजे तक |
| 13 | झारखंड | रांची | सुबह 10:06 से 11:34 बजे तक |
| 14 | कर्नाटक | बेंगलुरु | सुबह 10:40 से दोपहर 12:09 बजे तक |
| 15 | केरल | तिरुवनंतपुरम | सुबह 10:42 से दोपहर 12:12 बजे तक |
| 16 | मध्य प्रदेश | भोपाल | सुबह 10:40 से दोपहर 12:08 बजे तक |
| 17 | महाराष्ट्र | मुंबई | सुबह 10:56 से दोपहर 12:24 बजे तक |
| 18 | मणिपुर | इंफाल | सुबह 9:17 से 10:45 बजे तक |
| 19 | मेघालय | शिलांग | सुबह 9:28 से 10:56 बजे तक |
| 20 | मिजोरम | आइजोल | सुबह 9:21 से 10:49 बजे तक |
| 21 | नागालैंड | कोहिमा | सुबह 9:18 से 10:46 बजे तक |
| 22 | ओडिशा | भुवनेश्वर | सुबह 10:03 से 11:31 बजे तक |
| 23 | पंजाब | चंडीगढ़ | सुबह 10:43 से दोपहर 12:10 बजे तक |
| 24 | राजस्थान | जयपुर | सुबह 10:50 से दोपहर 12:18 बजे तक |
| 25 | सिक्किम | गंगटोक | सुबह 9:44 से 11:12 बजे तक |
| 26 | तमिलनाडु | चेन्नई | सुबह 10:29 से 11:58 बजे तक |
| 27 | तेलंगाना | हैदराबाद | सुबह 10:30 से 11:58 बजे तक |
| 28 | त्रिपुरा | अगरतला | सुबह 9:26 से 10:54 बजे तक |
| 29 | उत्तराखंड | देहरादून | सुबह 10:39 से दोपहर 12:06 बजे तक |
| 30 | पश्चिम बंगाल | कोलकाता | सुबह 9:56 से 11:23 बजे तक |
चतुर्दशी तिथि पर श्राद्ध का महत्व
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को उन दिवंगत परिजनों का श्राद्ध किया जाएगा, जिनका निधन किसी भी महीने के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को हुआ था। इस दिन उन लोगों के लिए भी श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है, जिनकी मृत्यु दुर्घटना, शस्त्र या किसी अन्य असामयिक कारण से हुई हो। ऐसी मान्यता है कि विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की जाती है और परिवार को अज्ञात भय से मुक्ति का आध्यात्मिक संबल मिलता है। श्राद्ध कर्म करते समय परिवार की परंपरा और योग्य आचार्य के निर्देशों का पालन करना उचित माना जाता है।













































