दिनांक 09 अगस्त 2026 (रविवार) को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी (कामिका एकादशी) तिथि है। आज सूर्य देव दक्षिणायन, उत्तर गोल में और वर्षा ऋतु में रहेंगे। पंचांगीय गणना के अनुसार एकादशी तिथि प्रातः 11:04 बजे तक रहेगी, जिसके उपरांत द्वादशी तिथि का आरंभ होगा। चन्द्रमा दिन-रात मिथुन राशि पर संचार करेंगे, जबकि सूर्य देव कर्क राशि में विराजमान हैं।
1. तिथि, संवत व सूर्य-चंद्र स्थिति
- विक्रम संवत: 2083
- शक संवत: 1948
- मास एवं पक्ष: श्रावण मास, कृष्ण पक्ष
- वार: रविवार (09 अगस्त 2026)
- तिथि: एकादशी (प्रातः 11:04 बजे तक, उसके पश्चात द्वादशी)
- नक्षत्र: मृगशिरा (दोपहर 02:43 बजे तक, उसके पश्चात आर्द्रा)
- योग: हर्षण (रात्रि 02:04 बजे तक, 10 अगस्त तक, उसके पश्चात वज्र)
- करण: बालव (प्रातः 11:04 बजे तक, उसके पश्चात कौलव)
- सूर्य राशि: कर्क राशि
- चंद्र राशि: मिथुन राशि
- सूर्योदय समय: प्रातः 05:47 बजे
- सूर्यास्त समय: सायं 07:06 बजे
- चंद्रोदय समय : रात 02:45 बजे
- चंद्रास्त समय : सायं 04:20 बजे
2. कामिका एकादशी 2026 व्रत एवं पारण समय
- एकादशी तिथि प्रारंभ: 08 अगस्त 2026, दोपहर 01:59 बजे
- एकादशी तिथि समाप्त: 09 अगस्त 2026, प्रातः 11:04 बजे
- व्रत पारण समय: 10 अगस्त 2026, प्रातः 05:47 बजे से सुबह 08:00 बजे तक
3. शुभ समय एवं चौघड़िया मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: प्रातः 03:55 बजे से प्रातः 04:41 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से दोपहर 12:53 बजे तक
- अमृत काल: प्रातः 06:42 बजे से प्रातः 08:09 बजे तक तथा अगले दिन तड़के 03:23 बजे से 04:50 बजे (10 अगस्त) तक
दिन का चौघड़िया (09 अगस्त 2026):
- उद्वेग (सामान्य): प्रातः 05:47 बजे से 07:27 बजे तक
- चर (सामान्य): प्रातः 07:27 बजे से 09:07 बजे तक
- लाभ (उन्नति): प्रातः 09:07 बजे से 10:47 बजे तक
- अमृत (सर्वोत्तम): प्रातः 10:47 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक
4. अशुभ समय एवं वर्जित काल
- राहुकाल (मुख्य): सायं 05:26 बजे से सायं 07:06 बजे तक
- यमगंड काल: दोपहर 12:26 बजे से दोपहर 02:06 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 03:46 बजे से सायं 05:26 बजे तक
- दिशा शूल: पश्चिम दिशा (इस दिशा में यात्रा से बचें)
5. भारत की प्रमुख राज्य राजधानियों में राहुकाल समय (09.08.2026)
(नोट: राहुकाल का समय स्थानीय सूर्योदय और सूर्यास्त के आधार पर लगभग 90 मिनट का होता है, अतः स्थान भेद से भिन्न राजधानियों के समय में कुछ मिनटों का अंतर होता है।)
| राज्य / राजधानी | राहुकाल समय (09 अगस्त 2026) |
| नई दिल्ली (दिल्ली) | सायं 05:26 बजे से सायं 07:05 बजे तक |
| लखनऊ (उत्तर प्रदेश) | सायं 05:18 बजे से सायं 06:57 बजे तक |
| पटना (बिहार) | सायं 04:58 बजे से सायं 06:38 बजे तक |
| कोलकाता (पश्चिम बंगाल) | सायं 04:42 बजे से सायं 06:23 बजे तक |
| मुंबई (महाराष्ट्र) | सायं 05:12 बजे से सायं 06:49 बजे तक |
| चेन्नई (तमिलनाडु) | सायं 04:49 बजे से सायं 06:21 बजे तक |
| बेंगलुरु (कर्नाटक) | सायं 05:00 बजे से सायं 06:33 बजे तक |
| हैदराबाद (तेलंगाना) | सायं 05:00 बजे से सायं 06:34 बजे तक |
| भोपाल (मध्य प्रदेश) | सायं 05:21 बजे से सायं 07:00 बजे तक |
| जयपुर (राजस्थान) | सायं 05:33 बजे से सायं 07:13 बजे तक |
| चंडीगढ़ (पंजाब/हरियाणा) | सायं 05:29 बजे से सायं 07:09 बजे तक |
| श्रीनगर / जम्मू (जम्मू और कश्मीर) | सायं 05:37 बजे से सायं 07:21 बजे तक |
| अमरावती (आंध्र प्रदेश) | सायं 04:50 बजे से सायं 06:23 बजे तक |
| तिरुवनंतपुरम (केरल) | सायं 04:55 बजे से सायं 06:27 बजे तक |
| गांधीनगर (गुजरात) | सायं 05:31 बजे से सायं 07:09 बजे तक |
| रायपुर (छत्तीसगढ़) | सायं 05:04 बजे से सायं 06:43 बजे तक |
| रांची (झारखंड) | सायं 04:49 बजे से सायं 06:29 बजे तक |
| भुवनेश्वर (ओडिशा) | सायं 04:46 बजे से सायं 06:27 बजे तक |
| दिसपुर / गुवाहाटी (असम) | सायं 04:15 बजे से सायं 05:56 बजे तक |
| ईटानगर (अरुणाचल प्रदेश) | सायं 04:03 बजे से सायं 05:44 बजे तक |
| कोहिमा (नागालैंड) | सायं 04:09 बजे से सायं 05:51 बजे तक |
| इम्फाल (मणिपुर) | सायं 04:12 बजे से सायं 05:54 बजे तक |
| शिलोंग (मेघालय) | सायं 04:20 बजे से सायं 06:01 बजे तक |
| आइजोल (मिजोरम) | सायं 04:19 बजे से सायं 06:01 बजे तक |
| अगरतला (त्रिपुरा) | सायं 04:26 बजे से सायं 06:08 बजे तक |
| गंगटोक (सिक्किम) | सायं 04:39 बजे से सायं 06:21 बजे तक |
| पणजी (गोवा) | सायं 05:09 बजे से सायं 06:43 बजे तक |
| शिमला (हिमाचल प्रदेश) | सायं 05:30 बजे से सायं 07:11 बजे तक |
| देहरादून (उत्तराखंड) | सायं 05:25 बजे से सायं 07:05 बजे तक |
6. आज का विशेष उपाय
आज रविवार एवं कामिका एकादशी का पावन योग है। प्रातःकाल स्नान के पश्चात भगवान सूर्य देव को तांबे के पात्र से जल अर्पित करें, ‘आदित्य हृदय स्तोत्र’ का पाठ करें तथा तांबे के बर्तन या गेहूं का दान करें।


























































