टेनिस जगत में 18 वर्षीय भारतीय खिलाड़ी अर्णव पापरकर का नाम इस समय काफी चर्चा का विषय बना हुआ है। उनकी इस शानदार चर्चा के पीछे जूनियर विंबलडन टूर्नामेंट में उनका ऐतिहासिक और बेहतरीन प्रदर्शन है। अर्णव पापरकर ने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल तक पहुंचकर खेल जगत में देश का नाम रोशन किया है। वह पूरे 36 साल के लंबे अंतराल के बाद इस बड़े मुकाम तक पहुंचने वाले पहले भारतीय बने हैं। इस शानदार उपलब्धि के कारण पूरे देश में युवा खिलाड़ी अर्णव की जमकर तारीफ हो रही है।
जापान के खिलाड़ी को दी मात – राउंड 16 के महत्वपूर्ण मुकाबले में अर्णव पापरकर का सामना जापान के खिलाड़ी र्यो तबाता से हुआ था। अर्णव ने इस कड़े मुकाबले में केवल 52 मिनट के अंदर लगातार दो सेट में शानदार जीत हासिल की। प्री-क्वार्टर फाइनल के इस मैच के पहले सेट को अर्णव ने 6-2 के बड़े अंतर से अपने नाम किया। इसके बाद दूसरे सेट में भी उन्होंने अपना जलवा बरकरार रखते हुए 6-1 से एकतरफा जीत दर्ज की। इस बेहतरीन और आक्रामक प्रदर्शन की बदौलत उन्होंने जापान के र्यो तबाता को वापसी का कोई मौका नहीं दिया।
लिएंडर पेस की बराबरी – जूनियर विंबलडन के क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर अर्णव पापरकर ने महान खिलाड़ी लिएंडर पेस की बराबरी कर ली है। अर्णव अब साल 1990 में लिएंडर पेस के बाद क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बन गए हैं। आपको बता दें कि दिग्गज खिलाड़ी लिएंडर पेस ने उस ऐतिहासिक साल में जूनियर विंबलडन का खिताब भी जीता था। अब पूरे देश की नजरें अर्णव पर टिकी हैं और उनसे भी इस बड़े खिताब को जीतने की उम्मीदें लगाई जा रही हैं। लिएंडर पेस के 36 साल पुराने सफर को दोहराना अर्णव के करियर की एक बहुत बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
अब अमेरिका के जॉर्डन ली से टक्कर – अंतिम आठ में अपनी जगह पक्की करने के बाद अब अर्णव का सामना अमेरिकी खिलाड़ी जॉर्डन ली से होगा। विंबलडन बॉयज सिंगल्स क्वार्टर फाइनल में जगह पक्की करने वाले अर्णव पापरकर कुल मिलाकर सिर्फ चौथे भारतीय खिलाड़ी बने हैं। अर्णव से पहले केवल लिएंडर पेस, रामनाथन कृष्णन और रमेश कृष्णन ही ऐसा अनोखा कारनामा करने में कामयाब हो सके थे। इन तीन महान भारतीय खिलाड़ियों की सूची में शामिल होना अर्णव की अद्भुत खेल प्रतिभा को स्पष्ट रूप से दर्शाता है। अब क्वार्टर फाइनल में अमेरिकी खिलाड़ी जॉर्डन ली को हराकर सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए अर्णव पूरी तरह तैयार हैं।
युकी भांबरी के बाद पहले खिलाड़ी – अर्णव जूनियर ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले हालिया समय के सबसे सफल भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं। साल 2009 में युकी भांबरी ने जूनियर यूएस ओपन के दौरान जूनियर ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। युकी भांबरी के उस बेहतरीन प्रदर्शन के बाद अर्णव जूनियर ग्रैंड स्लैम के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने वाले पहले खिलाड़ी हैं। यह बड़ी उपलब्धि अर्णव के निरंतर बेहतर होते खेल और उनकी दिन-रात की कड़ी मेहनत का सीधा परिणाम है। इतने सालों बाद किसी भारतीय का इस स्तर तक पहुंचना देश के टेनिस भविष्य के लिए बहुत ही शुभ संकेत है।
रैंकिंग और पुराने खिताब – अर्णव पापरकर इस समय इंटरनेशनल टेनिस फेडरेशन की जूनियर रैंकिंग में 19वें नंबर पर मजबूती से काबिज हैं। उन्होंने महज 14 साल की कम उम्र में ही मेलबर्न में ऑस्ट्रेलियन ओपन अंडर-14 एशिया पेसेफिक एलीट ट्रॉफी जीती थी। मेलबर्न में मिली वह शानदार खिताबी जीत उनके युवा टेनिस करियर की सबसे पहली और बड़ी कामयाबी थी। इसके बाद उसी साल के आखिर में उन्होंने नेशनल अंडर-16 टूर्नामेंट में वाइल्ड कार्ड एंट्री के जरिए हिस्सा लिया था। उस टूर्नामेंट में भी अपना दमदार प्रदर्शन जारी रखते हुए अर्णव ने नेशनल अंडर-16 का खिताब भी अपने नाम किया था।


























































