बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद दोनों देशों में बड़ा विवाद पैदा हो गया है। बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने आधिकारिक सोशल मीडिया एक्स पोस्ट में अपनी भारी नाराजगी और विरोध जाहिर किया है। उन्होंने कहा है कि इस तरह के आयोजनों से भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध सुधारने की कोशिशों पर काफी असर पड़ेगा। इस बीच भारत ने पहले ही स्पष्ट किया है कि यह प्रेस कॉन्फ्रेंस एक निजी मीडिया चैनल द्वारा आयोजित कराई गई थी। भारत सरकार का इस निजी मीडिया कार्यक्रम के आयोजन में कोई योगदान नहीं है और यह पूरी तरह स्वतंत्र कार्यक्रम था।
विदेश मंत्रालय का एक्स पोस्ट बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने दिल्ली में पूर्व प्रधानमंत्री हसीना की मीडिया बातचीत पर नाराजगी जताते हुए एक्स पर पोस्ट किया। विदेश मंत्रालय ने लिखा कि नरसंहार की दोषी और फरार शेख हसीना को नई दिल्ली में लाइव बातचीत करने की इजाजत मिली। कार्यक्रम में उन्होंने और उनके साथियों ने बांग्लादेश तथा वहां के नागरिकों के खिलाफ बहुत ही जहरीली बातें कही हैं। ढाका ने कहा कि भारत सरकार को पहले ही बता दिया गया था कि इस कार्यक्रम से द्विपक्षीय संबंधों पर क्या असर पड़ सकता है। इसके बावजूद भारत में इस सार्वजनिक कार्यक्रम को आयोजित करने की इजाजत दी गई जिससे ढाका को गहरा अफसोस है।
हसीना का भारत में प्रवास शेख हसीना 5 अगस्त 2024 को ढाका छोड़कर भारत आई थीं और तब से वह सुरक्षित रूप से यहीं पर निवास कर रही हैं। भारत में रहते हुए ही उन्होंने वर्चुअल माध्यम से प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया और बांग्लादेश जाने की बात कही। हसीना ने अपने संबोधन में कहा कि वह अपने देश बांग्लादेश जरूर वापस जाएंगी क्योंकि उन्हें किसी बात का डर नहीं है। उन्होंने बेबाकी से कहा कि उन्हें किसी भी तरह की मौत या जेल जाने का रत्ती भर भी भय या डर महसूस नहीं होता है। हसीना ने कहा कि उन्हें पता है कि विरोधी उन्हें जेल में डाल सकते हैं या मार सकते हैं फिर भी वह वापस जाएंगी।
अवामी लीग का रुख अवामी लीग की वरिष्ठ नेता हसीना ने भारत की सराहना करते हुए कहा कि भारत हमेशा से बांग्लादेश का मित्र रहा है। उन्होंने कहा कि भारत हमेशा हर स्थिति में बांग्लादेश के साथ मजबूती से खड़ा रहा है और वह एक सच्चा पड़ोसी है। अपनी वापसी का उद्देश्य बताते हुए हसीना ने कहा कि मेरी वापसी सत्ता हासिल करने के लिए बिल्कुल भी नहीं हो रही है। मेरी वापसी का असल मकसद बांग्लादेश को विकास धर्मनिरपेक्षता और समृद्धि के पुराने रास्ते पर वापस तेजी से लाना है। उन्होंने अपने संबोधन के दौरान अपने देश के मौजूदा राजनीतिक माहौल और नागरिकों के सामने मौजूद चुनौतियों को भी रेखांकित किया।
बांग्लादेश की कड़ी प्रतिक्रिया बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने हसीना की इस प्रेसवार्ता पर बहुत ही कड़ी और तीखी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। उन्होंने कहा कि भारतीय धरती पर शेख हसीना का यह मीडिया कार्यक्रम सीधा बांग्लादेश की संप्रभुता का बड़ा अपमान है। बांग्लादेश ने कहा कि भारत के साथ ऐसे संबंध चाहते हैं जो रचनात्मक दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद और भविष्योन्मुखी हों। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह संबंध संप्रभु समानता आपसी सम्मान और एक-दूसरे के आंतरिक मामलों में दखल न देने पर हों। बांग्लादेश का मानना है कि आपसी संबंध हमेशा राष्ट्रीय सम्मान और एक-दूसरे की क्षेत्रीय अखंडता के आधार पर चलने चाहिए।
द्विपक्षीय संबंधों पर प्रभाव ढाका का कहना है कि पूर्व प्रधानमंत्री को मीडिया मंच देना दोनों देशों के बीच संबंधों को सुधारने में बाधा डालेगा। इस घटनाक्रम के बाद दोनों देशों के कूटनीतिक गलियारों में एक बार फिर से भारी हलचल और गर्माहट देखने को मिल रही है। बांग्लादेश सरकार ने इस पूरे मुद्दे पर अपना कड़ा एतराज जताते हुए भविष्य में ऐसे आयोजनों को रोकने की उम्मीद की है। भारत द्वारा स्थिति स्पष्ट किए जाने के बावजूद बांग्लादेश इस पूरे मामले को लेकर लगातार अपना विरोध जता रहा है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद से ही दोनों पड़ोसी देशों के बीच जारी कूटनीतिक संबंध काफी संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गए हैं।


























































