कनाडा और अमेरिका के बीच व्यापारिक संबंधों में इन दिनों भारी तनाव देखने को मिल रहा है। कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने गुरुवार को बताया कि वे अमेरिका के साथ व्यापक व्यापार समझौते पर काम कर रहे हैं। दोनों देश तेजी के साथ वार्ता की प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं ताकि किसी सहमति पर पहुंचा जा सके। लेकिन साथ ही मार्क कार्नी ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी धमकियों के आगे उनका देश झुकने वाला नहीं है। यदि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कनाडाई सामान पर 50 फीसदी टैरिफ लगाते हैं तो कनाडा भी करारा जवाब देगा।
चार्लोटटाउन में हुई अहम बैठक डोनाल्ड ट्रंप ने बीते सोमवार को कनाडा पर नए टैरिफ लगाने की घोषणा की थी जो 19 अगस्त से लागू होंगे। मार्क कार्नी ने प्रिंस एडवर्ड आइलैंड के चार्लोटटाउन में प्रांतीय और क्षेत्रीय नेताओं के साथ एक बैठक आयोजित की। इस बैठक के बाद कार्नी ने मीडिया से कहा कि यदि अमेरिका ये टैरिफ लागू करता है तो कनाडा के पास कई कदम उठाने का विकल्प है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि टैरिफ लागू होने की तिथि तक कोई डील नहीं हो पाती है तो सभी रास्ते खुले रहेंगे। कनाडाई नेतृत्व अपनी अर्थव्यवस्था और व्यापारिक हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने को तैयार है।
समय पूर्व प्रतिक्रिया पर कनाडाई रुख प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने यह भी कहा कि कनाडा को समय से पहले किसी भी प्रकार की प्रतिक्रिया देने की आवश्यकता नहीं है। उनका मानना है कि वर्तमान चरण में पहले से जवाब देना द्विपक्षीय बातचीत पर विपरीत असर डाल सकता है। इसलिए कनाडा सरकार संयम बरतते हुए 19 अगस्त की समय सीमा से पहले समझौता करने को प्राथमिकता दे रही है। हालांकि उन्होंने अमेरिका को सचेत किया कि कनाडाई हितों की अनदेखी करने पर कड़ी जवाबी कार्रवाई की जाएगी। कनाडा अपने सभी विकल्पों को खुला रखकर बातचीत की मेज पर अपनी स्थिति मजबूत बनाए रखना चाहता है।
प्रभावित और गैर-प्रभावित कनाडाई उत्पाद अमेरिकी टैरिफ योजना में कनाडा के कई प्रमुख उत्पादों और सामानों को निशाना बनाया गया है। इनमें मुख्य रूप से शहद, सीमेंट, शराब, डेयरी उत्पाद, कुछ लकड़ी के उत्पाद और हॉकी स्टिक शामिल हैं। दूसरी ओर ऊर्जा उत्पाद, मछली, महत्वपूर्ण खनिज और पोटाश को इन नए टैरिफों से बाहर रखा गया है। शामिल किए गए उत्पादों को पहले यूनाइटेड स्टेट्स-मेक्सिको-कनाडा एग्रीमेंट के तहत टैक्स से छूट प्राप्त थी। 2020 के उस ट्रेड डील को अमेरिका द्वारा रिन्यू न किए जाने के कारण ही बातचीत का यह नया दौर शुरू हुआ है।
डेसजार्डिन्स का चौंकाने वाला विश्लेषण कनाडा के प्रमुख वित्तीय संस्थान डेसजार्डिन्स द्वारा किए गए विश्लेषण में बड़े नुकसान का अनुमान लगाया गया है। इस रिपोर्ट के अनुसार इन टैरिफों का सबसे बुरा प्रभाव अमेरिका को होने वाले कनाडा के वार्षिक निर्यात पर पड़ेगा। आंकड़ों के अनुसार इस व्यापारिक कदम से कनाडा को लगभग 19.8 बिलियन डॉलर का आर्थिक नुकसान सहन करना पड़ सकता है। यह राशि अमेरिका द्वारा सालाना स्तर पर कनाडा से किए जाने वाले कुल आयात का लगभग 5 प्रतिशत है। इतने बड़े पैमाने पर होने वाला नुकसान कनाडाई अर्थव्यवस्था के लिए एक गंभीर चुनौती बन सकता है।
भारत सहित 60 देशों पर प्रभाव अमेरिका द्वारा उठाए गए इस व्यापारिक कदम की वजह से केवल कनाडा ही नहीं बल्कि कई अन्य देश भी प्रभावित हुए हैं। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन ने दुनिया के करीब 60 देशों को टैरिफ का भारी झटका दिया है। इस वैश्विक टैरिफ नीति के अंतर्गत भारत पर भी 10 फीसदी का अतिरिक्त टैक्स थोपा गया है। कनाडा अब 19 अगस्त से पहले अमेरिका के साथ एक नए संतुलित समझौते की राह तलाश रहा है। अगर दोनों देशों में सहमति नहीं बनती है तो अमेरिका और कनाडा के बीच पूर्ण ट्रेड वॉर छिड़ सकता है।


























































