हाथ में डमरू, जटा में गंगा लहर लहर लहराए
इसीलिए तो भोले बाबा गंगाधर कहलाए
बोलो ओम नमः शिवाय –
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
Music
सागर मंथन से जो विष निकला,
शिव ने उसे पिया है
अमृत रूपी जीवन देकर
सब कुछ हमें दिया है
पीके हलाहल भोले बाबा
नीलकंठ कहलाए
बीच भंवर से सबकी नईया
शंभू पार लगाए
बोलो ओम नमः शिवाय –
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
Music
डमरू वाले, औघड़दानी,
बाबा अंतर्यामी
शिव भोले कैलाशपति तो भूतों के हैं स्वामी
इसीलिए शमशान के वासी भी भोले कहलाए
शिव भोले अपने भक्तों की बिगड़ी बात बनाए
बोलो ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
हाथ में डमरू, जटा में गंगा लहर लहर लहराए
इसीलिए तो भोले बाबा गंगाधर कहलाए
बोलो ओम नमः शिवाय –
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
ओम नमः शिवाय
























































