भारतीय शेयर बाजार में नए कारोबारी सप्ताह का आगाज गिरावट के साथ हुआ। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और प्रमुख बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के दबाव ने घरेलू बाजार की धारणा को प्रभावित किया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 269.07 अंक यानी 0.37 प्रतिशत गिरकर 72,854.76 के स्तर पर पहुंच गया। दूसरी ओर, एनएसई निफ्टी 50 में भी कमजोरी देखने को मिली और यह 99.75 अंक यानी 0.44 प्रतिशत टूटकर 22,500.25 के स्तर पर आ गया। बाजार की शुरुआत से ही निवेशकों की सतर्कता दिखाई दी और प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बना रहा। बड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली के कारण बाजार में तेजी का माहौल नहीं बन पाया और कारोबारी सप्ताह के पहले दिन निवेशकों को कमजोर शुरुआत का सामना करना पड़ा।
बढ़त वाले शेयरों से लगभग दोगुने रहे गिरावट वाले शेयर: बाजार में बिकवाली का दबाव केवल सेंसेक्स और निफ्टी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बड़ी संख्या में शेयर भी गिरावट के साथ कारोबार करते दिखाई दिए। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, कुल 877 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 1,794 शेयरों के भाव नीचे रहे। वहीं, 202 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। यह आंकड़ा दर्शाता है कि बाजार में बढ़त हासिल करने वाले शेयरों की तुलना में गिरने वाले शेयरों की संख्या लगभग दोगुनी रही। हालांकि, कमजोरी के इस माहौल में कुछ चुनिंदा कंपनियों के शेयरों ने मजबूती भी दिखाई। कोटक महिंद्रा बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील और सन फार्मा में खरीदारी देखने को मिली, जबकि इन्फोसिस, बजाज फाइनेंस और एसबीआई लाइफ जैसे शेयरों पर दबाव बना रहा। इस तरह बाजार में व्यापक स्तर पर बिकवाली हावी रही, हालांकि कुछ बैंकिंग, धातु और दवा कंपनियों के शेयरों ने गिरावट के बीच मजबूती दिखाई।
आईटी और सरकारी बैंकों के शेयरों में सबसे ज्यादा कमजोरी: क्षेत्रवार प्रदर्शन पर नजर डालें तो सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र बाजार की गिरावट के प्रमुख केंद्रों में शामिल रहा। निफ्टी आईटी सूचकांक 1.59 प्रतिशत टूटकर 31,486.50 के स्तर पर आ गया, जो प्रमुख क्षेत्रीय सूचकांकों में सबसे बड़ी गिरावटों में से एक रही। इसके अलावा निफ्टी पीएसयू बैंक सूचकांक में 0.96 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो सूचकांक में 0.61 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज की गई। रियल एस्टेट क्षेत्र का निफ्टी रियल्टी सूचकांक 0.78 प्रतिशत गिरा, जबकि निफ्टी एफएमसीजी में 0.31 प्रतिशत की नरमी रही। निफ्टी मेटल सूचकांक भी 0.31 प्रतिशत नीचे आया और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 0.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। बैंकिंग क्षेत्र का निफ्टी बैंक सूचकांक भी दबाव से अछूता नहीं रहा और 0.21 प्रतिशत टूट गया। अलग-अलग क्षेत्रों में आई इस कमजोरी से स्पष्ट हुआ कि बिकवाली का असर बाजार के कई प्रमुख हिस्सों में फैला हुआ था।
कोटक महिंद्रा बैंक बना सबसे बड़ा तेजी वाला शेयर: निफ्टी 50 में शामिल कंपनियों के प्रदर्शन में मिला-जुला रुख देखने को मिला। बाजार की कमजोरी के बीच कोटक महिंद्रा बैंक का शेयर 2.82 प्रतिशत उछलकर 442.65 रुपये पर पहुंच गया और सूचकांक में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज करने वाला शेयर रहा। इसके अलावा डॉ. रेड्डीज के शेयर में 1.67 प्रतिशत और जेएसडब्ल्यू स्टील में 1.17 प्रतिशत की तेजी आई। सिप्ला के शेयर 0.62 प्रतिशत चढ़े, जबकि सन फार्मा में 0.47 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। मारुति सुजुकी का शेयर भी 0.11 प्रतिशत की मामूली तेजी के साथ कारोबार करता दिखाई दिया। इन शेयरों में खरीदारी ने बाजार की व्यापक कमजोरी के बीच कुछ राहत दी। खास तौर पर बैंकिंग और दवा क्षेत्र की कुछ कंपनियों में निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही, जबकि दूसरी ओर कई बड़े शेयरों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांकों पर दबाव कायम रहा।
श्रीराम फाइनेंस में सबसे बड़ी गिरावट, इन्फोसिस और बजाज फाइनेंस भी फिसले: निफ्टी 50 के गिरावट वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस सबसे आगे रहा, जिसका भाव 5.10 प्रतिशत टूट गया। इसके बाद इन्फोसिस के शेयर में 1.82 प्रतिशत और बजाज फाइनेंस में 1.78 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एशियन पेंट्स का शेयर 1.44 प्रतिशत नीचे आया, जबकि टाइटन में 1.23 प्रतिशत की कमजोरी रही। एचडीएफसी लाइफ के शेयर 1.16 प्रतिशत गिरे और हिंडाल्को में 1.14 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। एसबीआई लाइफ का शेयर भी 1.13 प्रतिशत टूट गया। इन प्रमुख कंपनियों में बिकवाली ने बाजार की गिरावट को और गहरा किया। विशेष रूप से वित्तीय सेवाओं और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयरों पर दबाव दिखाई दिया। जहां कोटक महिंद्रा बैंक और कुछ दवा कंपनियों में तेजी रही, वहीं श्रीराम फाइनेंस, इन्फोसिस और बजाज फाइनेंस जैसे शेयरों में कमजोरी ने निवेशकों का ध्यान खींचा।
निवेशकों के लिए कमजोर रहा नए कारोबारी सप्ताह का पहला दिन: सोमवार को बाजार की शुरुआत में सेंसेक्स और निफ्टी की गिरावट के साथ-साथ अधिकांश शेयरों में बिकवाली ने घरेलू बाजार की कमजोर तस्वीर पेश की। वैश्विक बाजारों से मिले सुस्त संकेतों के बीच आईटी, सरकारी बैंकों, वाहन और रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों के सूचकांक लाल निशान में रहे। हालांकि, कोटक महिंद्रा बैंक, जेएसडब्ल्यू स्टील, डॉ. रेड्डीज और सन फार्मा जैसे शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, लेकिन इससे व्यापक गिरावट का रुख नहीं बदल पाया। दूसरी ओर, श्रीराम फाइनेंस, इन्फोसिस और बजाज फाइनेंस में तेज गिरावट ने प्रमुख सूचकांकों पर दबाव बनाए रखा। शेयर बाजार में इस तरह की शुरुआत के दौरान निवेशकों के लिए अलग-अलग कंपनियों और क्षेत्रों के प्रदर्शन पर नजर रखना महत्वपूर्ण रहा। कुल मिलाकर, सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार में तेजी की तुलना में गिरावट का पलड़ा भारी रहा और प्रमुख सूचकांक नुकसान के साथ कारोबार करते दिखाई दिए।

















































