इजरायल में संसदीय चुनाव संपन्न होने के बाद सरकार बनाने को लेकर राजनीतिक दलों के बीच खींचतान जारी है। यिस्राएल बेतेनु पार्टी के प्रमुख एविगडोर लिबरमैन ने साफ कहा है कि वह प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू या जॉइंट लिस्ट के नेता अहमद तिबी के साथ मिलकर सरकार बनाने के पक्ष में नहीं हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के सामने उन्होंने कहा कि चुनाव से पहले उनकी पार्टी ने जो रुख स्पष्ट किया था, चुनाव के बाद वह बात और भी अधिक सच साबित होती है। उन्होंने दोहराया कि उनकी पार्टी न तो नेतन्याहू के साथ बैठेगी और न ही तिबी के साथ। नेतन्याहू को बीबी के नाम से भी जाना जाता है। लिबरमैन पहले से ही नेतन्याहू के नेतृत्व वाली सरकार में शामिल होने का विरोध करते आए हैं। वह ऐसे राजनीतिक गठबंधन को भी स्वीकार नहीं करना चाहते, जिसकी सरकार चलाने के लिए अरब दलों के समर्थन की जरूरत पड़े। मौजूदा राजनीतिक घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि अभी कई चीजें सामने आ रही हैं और वह स्थिति सामान्य होने तथा हालात स्पष्ट होने का इंतजार करेंगे। इसके बाद ही आगे के कदमों पर निर्णय लिया जाएगा।
पोते के भविष्य का हवाला देकर लिबरमैन ने रखी मजबूत इजरायल की कल्पना: चुनाव से पहले लिबरमैन ने विपक्ष के उस दृष्टिकोण का समर्थन किया था, जिसमें नेतन्याहू के नेतृत्व को इजरायल की सुरक्षा के लिए खतरनाक बताया गया था। उन्होंने कहा था कि नेतन्याहू के खिलाफ वोट देना एक मजबूत इजरायल के समर्थन में मतदान करने जैसा है। मतदान से एक दिन पहले लिबरमैन ने अपने पोते के साथ तस्वीर साझा की और उसके भविष्य को लेकर भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा था कि यदि सभी लोग मतदान करने निकलेंगे, तो उनका प्यारा पोता ऐसे देश में जागेगा, जहां हर नागरिक सेना या नागरिक सेवा में योगदान देगा, सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे और कानून के सामने बराबरी होगी। उन्होंने ऐसे देश की इच्छा जताई, जहां नागरिक विवाह की अनुमति हो, सभी बच्चों को पढ़ाई के जरूरी विषय सिखाए जाएं और किसी पर कोई विचार या व्यवस्था जबरन न थोपी जाए। अपने संदेश में उन्होंने अपने पोते के लिए समृद्ध, जायोनी, समझदार और मजबूत इजरायल की कल्पना रखी थी। लिबरमैन ने इसी लक्ष्य को अपनी प्रतिबद्धता बताया था। उनका यह संदेश चुनाव से पहले उनकी राजनीतिक प्राथमिकताओं और नेतन्याहू के नेतृत्व के प्रति विरोध को स्पष्ट करता था।
विपक्ष के संभावित सत्ता समीकरण पर नेतन्याहू ने जताई नाराजगी: प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि विपक्षी दल उन्हें सत्ता से हटाने के लिए एकजुट हो सकते हैं। उन्होंने विपक्ष को वामपंथी रुझान वाला गठबंधन बताते हुए आरोप लगाया कि ऐसी सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों के समर्थन की जरूरत पड़ सकती है। सोमवार देर रात सामाजिक माध्यम पर लिखे संदेश में नेतन्याहू ने कहा कि इजरायल के दुश्मन चाहते हैं कि उनका पक्ष हार जाए, ताकि गादी आइजनकोट और एविगडोर लिबरमैन के साथ ऐसी सरकार बने, जिसमें यायर गोलान और अरब राजनीतिक दल भी शामिल हों। उन्होंने मतदाताओं से केवल लिकुड पार्टी के पक्ष में मतदान करने की अपील की और कहा कि इस तरह के गठबंधन को रोकने का यही रास्ता है। नेतन्याहू का यह बयान ऐसे समय आया है, जब चुनाव के बाद किसी एक दल को स्पष्ट बहुमत मिलने की तस्वीर सामने नहीं आई थी और सरकार गठन के लिए राजनीतिक समर्थन जुटाने की चुनौती बनी हुई है। लिबरमैन की ओर से नेतन्याहू और अहमद तिबी के साथ सरकार बनाने से इनकार किए जाने के कारण गठबंधन की राजनीति और भी पेचीदा हो गई है।
कतर के कथित प्रभाव और विदेशी हस्तक्षेप की जांच से बढ़ी सियासी हलचल: इजरायल की सुरक्षा एजेंसी शिन बेट हाल ही में संपन्न संसदीय चुनाव में कथित विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों की जांच कर रही है। केंद्रीय चुनाव समिति ने भी चुनाव की निष्पक्षता से जुड़े आरोपों की जांच कराने का निर्णय लिया है। समिति के अध्यक्ष और न्यायाधीश नोआम सोलबर्ग ने शिन बेट प्रमुख डेविड जिनी को पत्र लिखकर मामले की जांच करने के लिए कहा था। जांच के दायरे में कतर का कथित प्रभाव और चुनाव प्रक्रिया में विदेशी तत्वों की संभावित भूमिका भी शामिल है। इस घटनाक्रम ने जेरूसलम की राजनीति में विवाद को तेज कर दिया है। नेतन्याहू ने जांच से जुड़े घटनाक्रम को भूकंप करार दिया और आरोप लगाया कि विदेशी तत्वों ने इजरायल के चुनाव में हस्तक्षेप किया। उनके मुताबिक, अरब पार्टियों के समर्थन में मतदाताओं को प्रभावित करने और उन्हें रिश्वत देने की भूमिका भी कथित रूप से सामने आई है। नेतन्याहू ने इन आरोपों को अभूतपूर्व झटका बताया। हालांकि, विदेशी हस्तक्षेप और चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने से जुड़े आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और उन्हें जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
नेतन्याहू ने संसद पर विदेशी प्रभाव और सेना की स्थिति को लेकर लगाए आरोप: नेतन्याहू ने कथित चुनावी हस्तक्षेप को लोकतंत्र पर हमला बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसका मकसद विदेशी ताकतों को नेसेट यानी इजरायल की संसद पर प्रभाव जमाने देना, देश का इस्लामीकरण करना और दक्षिणपंथी शासन को गिराना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि ऐसी स्थिति इजरायली सेना को विभिन्न मोर्चों पर पीछे हटने के लिए मजबूर कर सकती है और विशेष रूप से ईरान से जुड़े मामले में देश को हार का सामना करना पड़ सकता है। नेतन्याहू ने कहा कि विदेशी तत्वों द्वारा संसद पर कब्जा जमाने की कथित कोशिश के बाद किसी भी जायोनी पार्टी को रआम और जॉइंट लिस्ट के साथ सहयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने नकद राशि देकर खरीदे गए मतों के आधार पर संसद के अध्यक्ष को बदलने या ऐसी सरकार बनाने की कोशिश का विरोध किया, जिसे उन्होंने देश के लिए खतरनाक बताया। साथ ही उन्होंने शिन बेट और पुलिस से उपलब्ध सभी साधनों का उपयोग कर कथित अपराधों की तत्काल जांच करने की मांग की। इन बयानों के जरिए नेतन्याहू ने विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों को विपक्षी गठबंधन और सरकार गठन की बहस के साथ जोड़ दिया है।
लिबरमैन ने तेजी से जांच की मांग की, आइजनकोट ने नई संसद के गठन पर दिया जोर: नेतन्याहू के विरोधियों ने उन पर चुनावी प्रक्रिया के प्रति जनता में अविश्वास पैदा करने का आरोप लगाया, लेकिन उन्होंने चुनाव की निष्पक्षता पर वास्तविक संदेह होने की स्थिति में पूरी जांच कराने का समर्थन भी किया। लिबरमैन ने कहा कि न्यायाधीश नोआम सोलबर्ग का पत्र नाटकीय और अभूतपूर्व घटना है। उन्होंने कानून लागू करने वाली एजेंसियों से तेजी से कार्रवाई करने की अपील की, ताकि जांच के जरिए जल्द सच्चाई सामने आ सके। दूसरी ओर, याशर पार्टी के प्रमुख और इजरायल के पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजनकोट ने कहा कि किसी भी राजनीतिक पक्ष को 26वीं नेसेट के गठन में देरी करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि कथित विदेशी प्रभाव की जांच जारी रह सकती है, लेकिन इससे नई संसद के गठन की प्रक्रिया नहीं रुकनी चाहिए। चुनाव से पहले जारी निकास सर्वेक्षणों में भी किसी एक पार्टी को बहुमत मिलने के संकेत नहीं थे। इस कारण चुनाव के बाद सरकार गठन को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। एक ओर राजनीतिक दल संभावित गठबंधनों को लेकर अपने रुख स्पष्ट कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर विदेशी हस्तक्षेप के आरोपों की जांच चुनावी निष्पक्षता और नई सरकार के गठन से जुड़े विवाद के केंद्र में बनी हुई है।















































