पढ़ाई के लिए ब्रिटेन गए एक होनहार भारतीय छात्र की अचानक मौत की खबर ने सभी को झकझोर कर रख दिया है। पच्चीस वर्षीय यह होनहार युवक पिछले करीब चौदह महीने से वहां रहकर अपने सुनहरे भविष्य के लिए कड़ी मेहनत कर रहा था। बाइस जून की रात को एक जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने के बाद इस छात्र ने कथित तौर पर फांसी लगा ली। अगले दिन सुबह उसका शव फंदे से लटकता हुआ मिला, जिसकी जानकारी उसके रूममेट ने तुरंत अन्य परिचितों को दी। घटना के बाद से ही गांव में मातम का माहौल है और परिवार के सभी सदस्य अपने बेटे को खोने के गम में डूबे हैं।
मास्टर डिग्री का छात्र: मृतक छात्र श्रीकांत लीसेस्टर स्थित डी मोंटफोर्ट विश्वविद्यालय से अपनी मास्टर डिग्री की पढ़ाई पूरी करने के लिए विदेश गया था। अब उसके मृत शरीर को भारत वापस लाने के लिए दोस्तों और रिश्तेदारों ने एक आर्थिक मुहीम की शुरुआत की है। इसके लिए एक विशेष गोफंडमी पेज बनाया गया है जिसमें सभी लोगों से खुले दिल से दान करने की अपील की गई है। उनके चचेरे भाइयों, सनोज और मनीष ने इस अभियान की कमान संभाली है ताकि शव को वापस लाने के खर्चों को पूरा किया जा सके। सोशल मीडिया के माध्यम से भी लोग इस दुखद घड़ी में परिवार की मदद करने के लिए लगातार आगे आ रहे हैं।
पिता का रो-रोकर बुरा हाल: मृतक छात्र मूल रूप से दक्षिण भारत के राज्य के कामारेड्डी जिले के तालमडला गांव का स्थायी निवासी था। छात्र के पिता मधुसूदन रेड्डी ने शनिवार को भारी मन से पत्रकारों को इस पूरे दुखद घटनाक्रम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। पिता ने रोते हुए बताया कि उनके बेटे ने बाइस जून की रात को ही परिवार के सभी सदस्यों से फोन पर सामान्य बातचीत की थी। उस बातचीत के दौरान ऐसा बिल्कुल भी नहीं लगा कि वह किसी भारी मानसिक तनाव या किसी बड़ी परेशानी से गुजर रहा था। पिता ने केंद्र और राज्य सरकार से हाथ जोड़कर अपील की है कि उनके बेटे का शव जल्द से जल्द स्वदेश लाया जाए।
रूममेट ने दी घटना की जानकारी: घटना वाली रात को जन्मदिन की पार्टी से लौटने के बाद छात्र अपने कमरे में सोने के लिए चला गया था। परिवार के एक करीबी रिश्तेदार ने बताया कि तेईस जून की सुबह रूममेट को वह कमरे में मृत अवस्था में मिला था। मृतक के एक रिश्तेदार का बेटा भी वहां रहता है, जिसके माध्यम से यह दुखद सूचना गांव में बैठे परिवार तक पहुंचाई गई। इस पूरे संवेदनशील मामले में ब्रिटेन के पुलिस अधिकारियों ने अभी तक अपनी तरफ से कोई भी सार्वजनिक टिप्पणी नहीं की है। अभी तक मौत की असली वजहों और परिस्थितियों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी या रिपोर्ट भी सामने नहीं आई है।
बीआरएस पार्टी से जुड़ाव: अपनी पढ़ाई के साथ-साथ यह छात्र वहां रहकर राजनीतिक और सामाजिक गतिविधियों में भी काफी सक्रिय रूप से हिस्सा लेता था। भारत राष्ट्र समिति पार्टी की एनआरआई विंग से जुड़े नेता अनिल कुरमानचलम ने युवा कार्यकर्ता की मौत पर अपना गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि मृतक हाल ही में नेता के चंद्रशेखर राव के महान विचारों से प्रेरित होकर बीआरएस पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल हुआ था। वह पूरी ईमानदारी के साथ विदेश में अपनी पार्टी को मजबूत करने और लोगों को जोड़ने का महत्वपूर्ण काम कर रहा था। पार्टी के सभी वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने इस होनहार युवा की अचानक मृत्यु को संगठन के लिए एक बहुत बड़ी क्षति बताया है।
एनआरआई टीम करेगी मदद: बीआरएस नेता अनिल कुरमानचलम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट लिखकर मृतक की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की है। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा कि इस युवा की मृत्यु परिवार, सभी रिश्तेदारों और साथ काम करने वाले सहयोगियों के लिए बहुत बड़ा सदमा है। नेता ने अपनी तरफ से पीड़ित परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और हर कदम पर साथ खड़े रहने का वादा किया है। उन्होंने खुले तौर पर यह स्पष्ट किया है कि एनआरआई बीआरएस यूके टीम इस मुश्किल समय में परिवार की हर संभव आर्थिक और नैतिक मदद करेगी। यह विशेष टीम छात्र के शव को सुरक्षित रूप से भारत वापस लाने की पूरी कागजी और कानूनी प्रक्रिया में अपना पूरा सहयोग प्रदान करेगी।





































