राम मंदिर चढ़ावा चोरी के इस गंभीर मामले में अब कानूनी लड़ाई काफी तेज हो गई है। इस पूरे प्रकरण को लेकर देश की शीर्ष अदालत में कुल चार अलग-अलग याचिकाएं दाखिल की गई हैं। सर्वोच्च न्यायालय में दाखिल की गई इन सभी महत्वपूर्ण याचिकाओं पर एक साथ सोमवार को सुनवाई होनी है। याचिकाकर्ताओं ने मंदिर ट्रस्ट के कामकाज और प्रशासन पर गंभीर सवाल उठाते हुए उच्च स्तरीय जांच मांगी है। सुप्रीम कोर्ट में इसी अहम सुनवाई के दौरान जांच टीम भी अपनी विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दाखिल करेगी।
सीबीआई जांच की मांग: मामले के एक प्रमुख याचिकाकर्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी ने सीधे तौर पर सीबीआई जांच कराने की मांग रखी है। उन्होंने अपनी याचिका में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के वित्तीय कामकाज पर चिंता व्यक्त की है। इसके साथ ही उन्होंने मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन का कैग से ऑडिट कराने की भी सख्त मांग की है। वहीं अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने भी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच को लेकर याचिका दायर की है। उन्होंने कहा है कि इन कथित अवैध कृत्यों की जांच सीबीआई की अगुवाई में गठित समिति से ही करानी चाहिए।
सांसद और परिषद की मांग: इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल के सांसद सुधाकर सिंह की ओर से तीसरी अहम याचिका दायर की गई है। सांसद ने अपनी याचिका में सुप्रीम कोर्ट की कड़ी निगरानी में पूरे मामले की सीबीआई जांच कराने का अनुरोध किया है। इसके साथ-साथ उन्होंने ट्रस्ट के पूरे वित्तीय लेनदेन का विशेष फोरेंसिक ऑडिट कराने की भी अहम मांग रखी है। वहीं हिंदू धर्म परिषद नाम के संगठन की ओर से भी शीर्ष अदालत में एक अन्य याचिका दायर की गई है। इस चौथी याचिका में भी शीर्ष अदालत की सीधी निगरानी में सभी गंभीर आरोपों की जांच कराने का अनुरोध किया गया है।
आठ आरोपियों की गिरफ्तारी: मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी के मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद सख्त और बड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे मामले की जांच करते हुए पुलिस ने अब तक कुल आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए इन सभी आरोपियों में रमाकांत उर्फ टिन्नू यादव और सुभाष श्रीवास्तव का नाम मुख्य रूप से शामिल है। इनके अलावा अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडे, मनीष यादव और रमाशंकर मिश्रा को भी पकड़ा गया है। पुलिस द्वारा पकड़े गए ये सभी आठ आरोपी मुख्य रूप से मंदिर में दान की रकम की काउंटिग से जुड़े हुए हैं।
कैशियरों की मुख्य भूमिका: पुलिस जांच में गिरफ्तार किए गए इन आरोपियों के काम और उनकी भूमिकाओं का पूरा खुलासा हुआ है। पकड़े गए इन आठ लोगों में से कुल छह लोग मुख्य रूप से कैशियर के पद पर काम करते थे। ये सभी छह कैशियर सीधे तौर पर मंदिर में आने वाले दान के पैसों की गिनती करने का काम करते थे। मंदिर ट्रस्ट द्वारा इन सभी कर्मचारियों को दान के पैसों का सही हिसाब-किताब रखने की जिम्मेदारी दी गई थी। इन्हीं कर्मचारियों पर आरोप है कि उन्होंने अपनी जिम्मेदारी का गलत फायदा उठाकर दान के पैसों में कथित हेराफेरी की है।
सुपरवाइजरों की बड़ी जिम्मेदारी: इन छह कैशियरों के अलावा बाकी बचे दो अन्य कर्मचारियों की भूमिका पूरी तरह से निगरानी करने वाली थी। आरोपी टिन्नू यादव का मुख्य काम कैश की भारी काउंटिग को अच्छी तरह से सुपरवाइज़ करने का होता था। इसके अलावा गिने गए सभी कैश को सुरक्षित रूप से बैंक तक ले जाने की जिम्मेदारी भी टिन्नू यादव की ही थी। वहीं दूसरे मुख्य आरोपी सुभाष श्रीवास्तव की कड़ी निगरानी में ये सभी छह कैशियर चढ़ावे का पूरा हिसाब किताब रखते थे। जांच एजेंसियां अब इन सभी पहलुओं की गहनता से पड़ताल कर रही हैं।


























































