सनातन धर्म में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करने से पहले पंचांग, ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति और शुभ-अशुभ मुहूर्त देखने की परंपरा सदियों पुरानी है। 23 जुलाई 2026, गुरुवार का दिन आध्यात्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आज आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि है। दशमी तिथि 23 जुलाई को पूरा दिन और पूरी रात पार करके अगले दिन, यानी शुक्रवार सुबह 9 बजकर 13 मिनट तक प्रभावी रहेगी।
आज के दिन ग्रहों और नक्षत्रों का एक बहुत ही उत्तम संयोग बन रहा है। जहां एक ओर शाम 7 बजकर 20 मिनट तक ‘शुभ योग’ रहेगा, वहीं देर रात 1 बजकर 43 मिनट तक ‘विशाखा नक्षत्र’ का प्रभाव आकाशमंडल में रहेगा। इसके साथ ही एक बड़ा ज्योतिषीय परिवर्तन भी होने जा रहा है, जिसमें 24 जुलाई की भोर 4 बजकर 28 मिनट पर बुध ग्रह मिथुन राशि में मार्गी हो जाएंगे। आइए आचार्य इंदु प्रकाश के अनुसार विस्तार से जानते हैं आज का पंचांग, महत्वपूर्ण मुहूर्त और देश के विभिन्न शहरों में राहुकाल का सटीक समय।
23 जुलाई 2026 का विस्तृत पंचांग
- तिथि: आषाढ़ शुक्ल पक्ष दशमी (23 जुलाई को पूरे दिन-रात से लेकर शुक्रवार सुबह 9:13 बजे तक)
- योग: शुभ योग (23 जुलाई की शाम 07:20 बजे तक)
- नक्षत्र: विशाखा नक्षत्र (23 जुलाई की देर रात 01:43 बजे तक)
आज के शुभ मुहूर्त (23 जुलाई 2026) किसी भी नए कार्य की शुरुआत, खरीद-बिक्री या पूजा-पाठ के लिए शुभ समय का विशेष ध्यान रखा जाता है। आज के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं:
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:45 से सुबह 05:29 तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:19 से दोपहर 01:11 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:56 से दोपहर 03:48 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 07:18 से शाम 07:40 तक
- अमृत काल: दोपहर 03:56 से शाम 05:42 तक
सूर्योदय और सूर्यास्त का समय
- सूर्योदय: सुबह 05:38 बजे
- सूर्यास्त: शाम 07:18 बजे (19:18)
शुभ योग और विशाखा नक्षत्र का विशेष संयोग वैदिक ज्योतिष में ‘शुभ योग’ को अत्यंत मंगलकारी माना गया है। मान्यता है कि शुभ योग में किए गए किसी भी कार्य से सदैव सकारात्मक और शुभ फलों की ही प्राप्ति होती है।
वहीं, अगर बात विशाखा नक्षत्र की करें, तो यह आकाशमंडल में स्थित 27 नक्षत्रों में से 16वां महत्वपूर्ण नक्षत्र है। इस नक्षत्र के स्वामी देवताओं के गुरु, देवगुरु बृहस्पति हैं। ‘विशाखा’ का शाब्दिक अर्थ होता है विभाजित या एक से अधिक शाखाओं वाला। यही कारण है कि विवाह या अन्य मांगलिक कार्यों के समय सजाए गए मुख्य द्वार को विशाखा नक्षत्र का प्रतीक चिन्ह माना जाता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, तुला और वृश्चिक राशि के जातकों पर इस नक्षत्र का गहरा प्रभाव देखने को मिलता है।
विशाखा नक्षत्र में कारीगरी, चित्रकारी, और औषधियों से संबंधित किसी भी नए कार्य का आरंभ करना बेहद शुभ माना गया है। वनस्पतियों की बात करें तो विशाखा नक्षत्र का सीधा संबंध ‘विकंकत’ के पेड़ से है। यह बेर की प्रजाति के अंतर्गत आने वाला एक कंटीला झाड़ीदार वृक्ष है, जिसे कई स्थानों पर ‘पिण्डारा’ के नाम से भी जाना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, विशाखा नक्षत्र में जन्मे लोगों को इस वृक्ष की उपासना करनी चाहिए और इस बात का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए कि विशाखा नक्षत्र के दौरान विकंकत (पिण्डारा) के पेड़ को किसी भी प्रकार की क्षति न पहुंचाई जाए।
भारत के प्रमुख शहरों और राज्यों की राजधानियों में आज का राहुकाल राहुकाल के दौरान किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत करना वर्जित माना जाता है। चूंकि राहुकाल का समय सूर्योदय और सूर्यास्त की स्थिति पर निर्भर करता है, इसलिए भौगोलिक स्थिति के अनुसार हर शहर में इसका समय अलग-अलग होता है। यहां जानिए देश के प्रमुख शहरों में 23 जुलाई 2026 को राहुकाल का समय:
- उत्तर प्रदेश (लखनऊ): दोपहर 02:10 बजे से 03:53 बजे तक
- नई दिल्ली (दिल्ली): दोपहर 02:10 बजे से 03:53 बजे तक
- महाराष्ट्र (मुंबई): दोपहर 02:22 बजे से 04:01 बजे तक
- कर्नाटक (बेंगलुरु): दोपहर 02:12 बजे से 03:49 बजे तक
- पश्चिम बंगाल (कोलकाता): दोपहर 01:45 बजे से 03:26 बजे तक
- तमिलनाडु (चेन्नई): दोपहर 02:03 बजे से 03:39 बजे तक
- तेलंगाना (हैदराबाद): दोपहर 02:08 बजे से 03:45 बजे तक
- बिहार (पटना): दोपहर 01:54 बजे से 03:36 बजे तक
- राजस्थान (जयपुर): दोपहर 02:16 बजे से 03:58 बजे तक
- गुजरात (गांधीनगर): दोपहर 02:23 बजे से 04:03 बजे तक
- मध्य प्रदेश (भोपाल): दोपहर 02:09 बजे से 03:51 बजे तक
- पंजाब (चंडीगढ़): दोपहर 02:09 बजे से 03:53 बजे तक
- हरियाणा (चंडीगढ़): दोपहर 02:09 बजे से 03:53 बजे तक
- आंध्र प्रदेश (अमरावती): दोपहर 02:05 बजे से 03:42 बजे तक
- केरल (तिरुवनंतपुरम): दोपहर 02:11 बजे से 03:46 बजे तक
- ओडिशा (भुवनेश्वर): दोपहर 01:52 बजे से 03:33 बजे तक
- असम (दिसपुर): दोपहर 01:14 बजे से 02:56 बजे तक
- झारखंड (रांची): दोपहर 01:53 बजे से 03:34 बजे तक
- छत्तीसगढ़ (रायपुर): दोपहर 02:03 बजे से 03:44 बजे तक
- गोवा (पणजी): दोपहर 02:19 बजे से 03:57 बजे तक
- उत्तराखंड (देहरादून): दोपहर 02:07 बजे से 03:51 बजे तक
- हिमाचल प्रदेश (शिमला): दोपहर 02:08 बजे से 03:52 बजे तक
- जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर): दोपहर 02:07 बजे से 03:55 बजे तक
- सिक्किम (गंगटोक): दोपहर 01:28 बजे से 03:09 बजे तक
- अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर): दोपहर 12:47 बजे से 02:29 बजे तक
- नागालैंड (कोहिमा): दोपहर 12:54 बजे से 02:35 बजे तक
- मणिपुर (इम्फाल): दोपहर 12:59 बजे से 02:41 बजे तक
- मिजोरम (आइजोल): दोपहर 01:02 बजे से 02:44 बजे तक
- त्रिपुरा (अगरतला): दोपहर 01:13 बजे से 02:55 बजे तक
- मेघालय (शिलांग): दोपहर 01:17 बजे से 02:59 बजे तक


























































