असम के बारपेटा में आयोजित जनसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास के साथ-साथ ‘सांस्कृतिक राष्ट्रवाद’ (Cultural Nationalism) के मुद्दे को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने असम को पूर्वोत्तर का द्वार बताते हुए यहाँ की आध्यात्मिक परंपरा को भारत की शक्ति बताया।
प्रमुख वैचारिक प्रहार:
- राम जन्मभूमि और आस्था: सीएम योगी ने याद दिलाया कि कैसे कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने भगवान राम के अस्तित्व को नकारा था। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी के नेतृत्व में 500 साल का सपना साकार हुआ और अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण हुआ।
- तुष्टीकरण पर प्रहार: उन्होंने ‘लव जिहाद’ (Love Jihad) और ‘लैंड जिहाद’ (Land Jihad) जैसे मुद्दों को उठाते हुए कहा कि असम की पवित्र धरा को इन साजिशों का शिकार नहीं होने दिया जाएगा।
- सार्वजनिक अनुशासन: यूपी का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि अब सड़कों पर नमाज पढ़ने या धार्मिक स्थलों से शोर मचाने की परंपरा खत्म हो गई है, जिससे आम जनता को सुशासन का अनुभव हो रहा है।



































