मेरठ के दौराला क्षेत्र में मातम पसरा हुआ है। एक साथ तीन अर्थियां उठने से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। परिजनों का आरोप है कि अवैध रूप से बेची जा रही जहरीली शराब ने उनके अपनों की जान ली है।
विस्तृत विवरण:
- परिजनों की जुबानी: बाबूराम के बेटे सचिन ने बताया कि शराब पीने के कुछ ही देर बाद तीनों को असहनीय दर्द और बेचैनी होने लगी। उन्हें तुरंत टोल प्लाजा के पास एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
- अधिकारियों का जमावड़ा: घटना की सूचना मिलते ही जिलाधिकारी (DM) वी.के. सिंह और एसपी सिटी आयुष विक्रम मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
- फॉरेंसिक जांच की चुनौती: बरामद किए गए शराब के नमूनों को फॉरेंसिक लैब भेजा गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या यह शराब असली थी या ब्रांडेड बोतलों में मिलावटी ‘मौत’ परोसी जा रही थी?
- गाँव में सन्नाटा: इस घटना ने एक बार फिर मिलावटी शराब के काले कारोबार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण अब उन रसूखदारों के नाम सामने लाने की मांग कर रहे हैं जो चोरी-छिपे इस अवैध धंधे को संरक्षण देते हैं।



































