जैसे-जैसे युद्ध लंबा खिंच रहा है, दोनों पक्ष एक-दूसरे की अर्थव्यवस्था और बुनियादी ढांचे (Infrastructure) की कमर तोड़ने में लगे हैं। इजरायल ने ईरान के सबसे महत्वपूर्ण एनर्जी सेंटर पर अब तक का सबसे बड़ा हमला बोला है।
माशहर पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स पर स्ट्राइक (Airstrikes on Mahshahr Zone): इजरायल ने ईरान के माशहर (अहवाज) स्थित स्पेशल पेट्रोकेमिकल जोन पर 25 से अधिक हवाई हमले किए।
- 70% गैसोलिन सप्लाई ठप: इस कॉम्प्लेक्स से ईरान की 70% घरेलू गैसोलिन सप्लाई होती थी। इस हमले के बाद ईरान में कारों, ट्रकों और जनरेटरों के लिए ईंधन का संकट पैदा हो गया है।
- प्रमुख सेंटर निशाना: इजरायल ने बंदर इमाम, आमिर कबीर, करून और फज्र एनर्जी जैसे कई कॉम्प्लेक्स को बमबारी कर धुआं-धुआं कर दिया।
ईरान का जवाबी हमला और नेतन्याहू का बयान (Counter-Attack & Netanyanu’s Stand): ईरान ने इस हमले के जवाब में कुवैत के Electricity and Water Desalination Plants को निशाना बनाकर तबाह कर दिया है, जिससे युद्ध का दायरा अब पड़ोसी देशों तक फैल गया है। इजरायली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने गर्व से कहा कि US Army के सहयोग से उन्होंने पहले ईरान की 70% स्टील उत्पादन क्षमता को नष्ट किया और अब पेट्रोकेमिकल सेक्टर को कुचल दिया है।
शांति की अपील (Appeal for Peace): इसी बीच, IAEA के पूर्व प्रमुख एल बरदेई ने वैश्विक शक्तियों से ट्रंप को रोकने की भावुक अपील की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस “पागलपन” को नहीं रोका गया, तो पूरा मध्य-पूर्व आग की लपटों में जलकर खाक हो जाएगा।
मुख्य बिंदु (Key Highlights):
- US Fighter Jet: अमेरिका द्वारा खुद का विमान गिराने का दावा।
- MQ-9 Drones: ईरान द्वारा अमेरिकी ड्रोनों को लगातार इंटरसेप्ट और नष्ट करना।
- Energy Crisis: ईरान में 70% घरेलू ईंधन की आपूर्ति बाधित।
- Regional Spread: कुवैत के बुनियादी ढांचे पर ईरान का हमला।




































