ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बघेर गालिबफ ने डोनाल्ड ट्रंप की धमकियों का सोशल मीडिया पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि अमेरिका की मौजूदा नीतियां इस क्षेत्र के हर परिवार के लिए एक “जीता जागता नरक” (Living Hell) साबित हो सकती हैं।
6 अप्रैल की डेडलाइन और वैश्विक चिंता (6th April Deadline & Global Concern)
भारतीय समयानुसार कल सुबह 5 बजे ट्रंप की दी गई अंतिम मोहलत खत्म हो रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वार्ता विफल रही, तो:
- Global Economy: वैश्विक अर्थव्यवस्था चरमरा सकती है।
- Crude Oil Prices: कच्चे तेल की कीमतों में बेतहाशा बढ़ोतरी होना तय है।
- Massive Military Conflict: पूरे खाड़ी क्षेत्र में एक ऐसा सैन्य संघर्ष छिड़ सकता है जिसे संभालना नामुमकिन होगा।
विमानों को लेकर विरोधाभासी दावे (Conflicting Claims on Aircraft)
युद्ध के मैदान से सूचनाओं का द्वंद्व भी जारी है। ईरान ने दावा किया है कि उसने हालिया संघर्ष में US Aircraft को मार गिराया है। दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा विभाग का कहना है कि उन्होंने तकनीकी खराबी या संवेदनशील तकनीक को दुश्मन के हाथ लगने से बचाने के लिए अपने विमानों को खुद ही नष्ट किया है।
निष्कर्ष
ईरान का मानना है कि अमेरिका पूरे इलाके को एक बड़े संघर्ष (Large-scale Conflict) की ओर धकेल रहा है। अब सबकी नजरें कल सुबह 5 बजे की समय-सीमा पर टिकी हैं, जो यह तय करेगी कि मिडिल-ईस्ट शांति की ओर बढ़ेगा या विनाशकारी युद्ध की ओर।




































