प्रयागराज और उसके आस-पास के पांच महत्वपूर्ण जिलों में आयोजित होने वाली कांस्टेबल जीडी 2026 की परीक्षा को अचानक बोर्ड द्वारा रद्द कर दिया गया है। इस परीक्षा के अचानक निरस्त होने का मुख्य कारण परीक्षा प्रणाली में आई कुछ गंभीर तकनीकी गड़बड़ियों को बताया जा रहा है। इस प्रशासनिक फैसले के कारण प्रयागराज के साथ-साथ कानपुर, लखनऊ, गोरखपुर और बिहार के मुजफ्फरपुर स्थित केंद्रों की परीक्षाएं भी रद्द करनी पड़ी हैं। परीक्षा रद्द होने की खबर मिलते ही केंद्रों पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हजारों छात्रों के भविष्य पर तलवार लटक गई है।
क्रोधित परीक्षार्थियों का हिंसक प्रदर्शन
कर्मचारी चयन आयोग (SSC) की इस कांस्टेबल जीडी परीक्षा के निरस्त होने से नाराज अभ्यर्थियों ने प्रयागराज के अंदावा केंद्र पर जमकर उत्पाद मचाया है। परीक्षा में बैठने की अनुमति न मिलने से नाराज परीक्षार्थियों ने परीक्षा केंद्र की इमारत के भीतर घुसकर बड़े पैमाने पर तोड़फोड़ की वारदात को अंजाम दिया। उपद्रव कर रहे छात्रों ने परीक्षा हॉल में लगे दर्जनों कंप्यूटर सिस्टम, सीपीयू और लैपटॉप को उठाकर जमीन पर पटक दिया और तोड़ दिया। इसके साथ ही वहां रखे कीमती फर्नीचर और कुर्सियों को भी पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया गया।
अंदावा परीक्षा केंद्र पर मची भगदड़
यह पूरा विवाद सोमवार को उस समय शुरू हुआ जब सैकड़ों छात्र एसएससी कांस्टेबल जीडी परीक्षा देने के लिए अंदावा स्थित आईटेक जोन परीक्षा केंद्र पर पहुंचे थे। परीक्षा में शामिल न हो पाने की वजह से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने देखते ही देखते परीक्षा केंद्र को युद्ध का मैदान बना दिया। तोड़फोड़ की इस हिंसक घटना के कारण परीक्षा केंद्र के भीतर और बाहर मौजूद कर्मचारियों में भारी भगदड़ और अफरा-तफरी मच गई। इसके बाद छात्रों का हुजूम सड़क पर उतर आया और उन्होंने वहां भी यातायात को पूरी तरह बाधित कर दिया।
भीषण गर्मी और अव्यवस्था का आरोप
परीक्षा केंद्र पर मौजूद परीक्षार्थियों ने आयोग पर बदइंतजामी का आरोप लगाते हुए कहा कि जब केंद्र पर संसाधन ही नहीं थे, तो इतनी भीषण गर्मी के मौसम में इतनी दूर इतनी बड़ी तादाद में लड़कों को क्यों बुलाया गया। जब एसएससी मध्य क्षेत्र की तरफ से दूसरी और तीसरी पाली की परीक्षा को स्थगित करने का नोटिस केंद्र के गेट पर चिपकाया गया, तब जाकर छात्र शांत हुए। छात्रों का आरोप है कि आयोग ने जानबूझकर उनके समय और पैसे की बर्बादी की है और उन्हें इस तपती गर्मी में परेशान होने के लिए छोड़ दिया।
ईमेल से मिली क्षमता से अधिक की सूची
एसएससी मध्य क्षेत्र ने परीक्षा संपन्न कराने का जिम्मा बेंगलुरु की एडूक्विटी कॅरियर टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी को दे रखा था। अंदावा के इस परीक्षा केंद्र पर मात्र 650 कंप्यूटर चालू हालत में थे, लेकिन लापरवाही की हद पार करते हुए दूसरी पाली में 505 की जगह 1035 छात्र और तीसरी पाली में 495 की जगह 1034 छात्रों का सेंटर यहां अलॉट कर दिया गया। केंद्र के व्यवस्थापकों ने खुलासा किया कि अभ्यर्थियों के इस भारी आवंटन की लिखित जानकारी उन्हें सोमवार को ही अचानक ईमेल के माध्यम से प्राप्त हुई थी।
भारी पुलिस बल ने खोला जाम
छात्रों द्वारा किए जा रहे पथराव, तोड़फोड़ और चक्का जाम की भयावह स्थिति को संभालने के लिए जिले के कई आला पुलिस अधिकारी दलबल के साथ मौके पर पहुंचे। इनमें ट्रेनी आईपीएस ईश्वर लाल गुर्जर, एसीपी थरवई अरुण पाराशर, एसीपी फूलपुर विवेक यादव और सराय इनायत थाना अध्यक्ष संजय गुप्ता प्रमुख रूप से शामिल थे। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद उग्र छात्रों को समझाकर सड़क से हटाया और मार्ग पर वाहनों का आवागमन सुचारू रूप से शुरू करवाया। इसी कार्रवाई के दौरान केंद्र से सरकारी लैपटॉप चुराकर भाग रहे एक छात्र को पुलिस ने दौड़ाकर हिरासत में ले लिया।





































