तेल विपणन कंपनियों ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को पेट्रोल, डीजल और एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी कर दी हैं। नई दरें आज से लागू हो गई हैं। इस बार आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है, क्योंकि कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के खुदरा दाम में कोई बदलाव नहीं किया है। इसी तरह घरों में खाना पकाने के लिए इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत भी पहले की तरह स्थिर रखी गई है। हालांकि, व्यावसायिक इस्तेमाल वाले 19 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर के दाम में बढ़ोतरी की गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहने के बावजूद घरेलू ईंधन की कीमतें नहीं बढ़ाई गई हैं, जिससे आम लोगों को फिलहाल राहत मिली है।
दिल्ली में 19 किलोग्राम वाला व्यावसायिक गैस सिलेंडर 10 रुपये महंगा: तेल कंपनियों ने राजधानी दिल्ली में व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में 10 रुपये की वृद्धि की है। इसके बाद 19 किलोग्राम वाले सिलेंडर का दाम 2810 रुपये से बढ़कर 2820 रुपये हो गया है। इस श्रेणी के सिलेंडर का इस्तेमाल मुख्य रूप से होटल, रेस्तरां, ढाबों और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में किया जाता है। लगातार बढ़ती कीमतों के कारण कारोबारियों की रसोई गैस पर होने वाली लागत में इजाफा हो रहा है। इससे पहले 1 अक्टूबर 2026 को भी 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर के दाम में 62.50 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। अब नवंबर की शुरुआत में फिर कीमत बढ़ने से व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त खर्च का बोझ पड़ा है।
14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में बदलाव नहीं: घरों में इस्तेमाल होने वाले 14.2 किलोग्राम के घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत इस महीने भी स्थिर रखी गई है। तेल विपणन कंपनियों ने 1 नवंबर को जारी नई दरों में घरेलू गैस सिलेंडर को महंगा नहीं किया है। इससे रसोई गैस पर निर्भर परिवारों को राहत मिली है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू होने के बाद घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी की गई थी। उसके बाद से इसकी दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है। नवंबर में भी घरेलू उपभोक्ताओं को पुराने दाम पर ही सिलेंडर मिलेगा।
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बावजूद पेट्रोल और डीजल के भाव जस के तस: अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, लेकिन इसका असर फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों पर नहीं पड़ा है। तेल विपणन कंपनियों ने 1 नवंबर को दोनों ईंधनों के दाम में कोई बढ़ोतरी या कटौती नहीं की है। यानी वाहन चालकों को पेट्रोल और डीजल उसी कीमत पर मिलता रहेगा, जिस दर पर वे पहले खरीद रहे थे। घरेलू रसोई गैस की तरह पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रहने से आम उपभोक्ताओं को राहत मिली है। हालांकि, व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में हुई बढ़ोतरी से होटल, रेस्तरां और ढाबा संचालकों का खर्च बढ़ेगा।
हर महीने की 1 तारीख को जारी होती हैं ईंधन की नई कीमतें: देश में तेल विपणन कंपनियां आम तौर पर हर महीने की 1 तारीख को एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतों की समीक्षा कर नई दरें जारी करती हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों और अन्य परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जरूरत के मुताबिक इन दरों में बढ़ोतरी या कटौती की जाती है। नवंबर महीने के लिए जारी नई दरों में घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल की कीमतें अपरिवर्तित रखी गई हैं, जबकि 19 किलोग्राम वाले व्यावसायिक सिलेंडर को 10 रुपये महंगा किया गया है। इस तरह इस महीने ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर मुख्य रूप से व्यावसायिक गैस उपभोक्ताओं पर पड़ा है।
घरेलू उपभोक्ताओं को राहत, कारोबारियों की बढ़ी गैस लागत: 1 नवंबर से लागू कीमतों के मुताबिक, आम परिवारों को घरेलू एलपीजी सिलेंडर, पेट्रोल और डीजल के मोर्चे पर तत्काल कोई अतिरिक्त खर्च नहीं उठाना पड़ेगा। दूसरी ओर, होटल, रेस्तरां और ढाबों में इस्तेमाल होने वाले 19 किलोग्राम के सिलेंडर की कीमत दिल्ली में बढ़कर 2820 रुपये हो गई है। अक्टूबर में हुई 62.50 रुपये की बढ़ोतरी के बाद नवंबर में 10 रुपये का नया इजाफा व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए एक और लागत वृद्धि है। फिलहाल तेल कंपनियों ने घरेलू ईंधन की दरों को स्थिर रखा है और व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ही बदलाव किया है।
















































