Tamil Nadu विधानसभा में सनातन धर्म को लेकर एक बार फिर से बहुत बड़ा और भारी राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। इस विवाद की शुरुआत तब हुई जब DMK नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Udhayanidhi Stalin ने मंगलवार को एक नया बयान दिया। उन्होंने सदन के भीतर सनातन धर्म को पूरी तरह से खत्म करने की बात कहकर राजनीतिक गलियारों में भारी हलचल मचा दी है। अपने इस कड़े बयान में उन्होंने कहा कि सनातन ने हमेशा लोगों को बांटा है, इसलिए इसे समाज से पूरी तरह समाप्त कर देना चाहिए। इस विवादास्पद बयान के तुरंत बाद ही विपक्षी दलों ने उन पर तीखा हमला बोलना शुरू कर दिया और राजनीतिक माहौल पूरी तरह गरमा गया है।
भारतीय जनता पार्टी का पलटवार: Udhayanidhi Stalin के इस विवादित बयान के तुरंत बाद BJP ने अपनी बहुत ही तीखी और कड़ी प्रतिक्रिया दर्ज कराई है। पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ता CR Kesavan ने आगे आकर इस बयान को पूरी तरह से अस्वीकार्य और समाज के लिए बहुत ही खतरनाक बताया है। उन्होंने इस तरह की विभाजनकारी बयानबाजी को सीधे तौर पर जहरीली राजनीति करार देते हुए DMK नेता की बहुत कड़ी आलोचना की है। भाजपा का मानना है कि इस तरह के बयानों का एकमात्र उद्देश्य समाज में नफरत फैलाना और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना है। पार्टी नेताओं ने कहा है कि भारत जैसे महान देश में किसी भी धर्म के खिलाफ इस तरह की अभद्र भाषा का इस्तेमाल बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगा।
तमिलनाडु के राहुल गांधी: भाजपा प्रवक्ता CR Kesavan ने अपने हमले को और तेज करते हुए एक बहुत ही बड़ी और चौंकाने वाली राजनीतिक तुलना कर दी। उन्होंने Udhayanidhi Stalin को तंज कसते हुए सीधे तौर पर Tamil Nadu का Rahul Gandhi कहकर पुकारा और उनकी राजनीति पर कड़े सवाल उठाए। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि Udhayanidhi भी उसी तरह समाज को बांटने वाली नफरत की राजनीति कर रहे हैं जैसी कांग्रेस पार्टी करती है। उनका कहना था कि इन दोनों नेताओं का मुख्य एजेंडा सिर्फ बहुसंख्यक समाज की आस्थाओं का अपमान करके अपना राजनीतिक स्वार्थ साधना है। इस तुलना ने राज्य की राजनीति में एक नई बहस को जन्म दे दिया है और राष्ट्रीय स्तर पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है।
सेंगोल और राम मंदिर का जिक्र: अपनी इस तुलना को सही ठहराने के लिए भाजपा प्रवक्ता ने Rahul Gandhi से जुड़े कुछ पुराने और अहम विवादों का भी जिक्र किया। उन्होंने याद दिलाया कि किस तरह से कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने संसद में स्थापित किए गए पवित्र सेंगोल का खुलेआम मजाक उड़ाया था। इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस ने Ayodhya में बने भव्य Ram Mandir की प्राण प्रतिष्ठा के ऐतिहासिक कार्यक्रम का भी बहिष्कार किया था। इन घटनाओं का हवाला देते हुए CR Kesavan ने कहा कि हिंदू धर्म का अपमान करने में DMK और कांग्रेस दोनों का वैचारिक स्तर बिल्कुल एक जैसा है। उन्होंने कहा कि Udhayanidhi Stalin भी उसी राह पर चलते हुए लगातार ऐसे विवादित बयान दे रहे हैं जो सीधे तौर पर करोड़ों हिंदुओं का अपमान हैं।
हिंदू परंपराओं का पुराना विरोध: भाजपा नेता ने अपनी बातचीत में यह भी दावा किया कि DMK का हिंदू विरोधी रुख कोई नई बात बिल्कुल नहीं है। उन्होंने कहा कि यह राजनीतिक पार्टी पहले भी कई बार महान हिंदू परंपराओं और पवित्र रीति-रिवाजों का लगातार कड़ा विरोध करती रही है। पार्टी के इतिहास पर नजर डालें तो उनके कई बड़े नेताओं ने समय-समय पर सनातन मान्यताओं पर बहुत ही आपत्तिजनक टिप्पणियां की हैं। भाजपा का आरोप है कि वोट बैंक की अपनी गंदी राजनीति के लिए DMK हमेशा से एक विशेष धर्म को निशाना बनाने का काम जानबूझकर करती आई है। सनातन धर्म को मिटाने की बात कहना भी उसी पुरानी हिंदू विरोधी मानसिकता का एक बहुत ही स्पष्ट और नया जीता-जागता उदाहरण माना जा रहा है।
विवादों से है पुराना नाता: यह कोई पहला मौका नहीं है जब Udhayanidhi Stalin ने सनातन धर्म को लेकर इस तरह की बेहद भड़काऊ और विवादित टिप्पणी की हो। बता दें कि इससे पहले भी वह सनातन धर्म को लेकर कई ऐसे आपत्तिजनक बयान दे चुके हैं जिन पर पूरे देश में भारी बवाल मच चुका है। उनके पिछले बयानों को लेकर देश के कई हिस्सों में उनके खिलाफ गंभीर पुलिस केस दर्ज हुए थे और मामला सर्वोच्च न्यायालय तक भी पहुंचा था। इसके बावजूद उनके रवैये में कोई खास बदलाव नहीं आया है और वह लगातार एक ही तरह की नफरत भरी और विभाजनकारी बयानबाजी कर रहे हैं। अब देखना होगा कि आने वाले समय में Tamil Nadu की जनता और देश का राजनीतिक समाज उनके इस ताजे और जहरीले बयान का क्या जवाब देता है।





































