Pakistan की एक कोयला खदान में हुए धमाके के बाद से बचाव दल लगातार रेस्क्यू में जुटे हुए हैं। Balochistan के खान और खनिज मंत्री Shoaib Nosherwani ने बचाव कार्य के हालातों पर अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन बचाव दल खदान के भीतर बहुत ही मुश्किल हालातों में अपना काम कर रहे हैं। अंदर मौजूद जहरीली गैसों और अंधेरे के बावजूद बचावकर्मी फंसे हुए मजदूरों को निकालने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं। सरकार इस पूरे बचाव अभियान पर सीधे तौर पर अपनी कड़ी नजर बनाए हुए है।
पीड़ित परिवारों को मिलेगा मुआवजा खान मंत्री Shoaib Nosherwani ने हादसे में मारे गए खनिकों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की है। उन्होंने प्रांतीय सरकार की तरफ से सभी पीड़ित परिवारों को उचित आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की है। मंत्री ने कहा कि धमाके में मारे गए हर खनिक के परिवार को पांच लाख पाकिस्तानी रुपये दिए जाएंगे। यह मुआवजा राशि लगभग अठारह सौ अमेरिकी डॉलर के बराबर है जो जल्द ही परिवारों को सौंपी जाएगी। सरकार का यह कदम इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवारों को कुछ राहत प्रदान करने के लिए उठाया गया है।
हादसे की होगी पूरी जांच मुआवजे के ऐलान के साथ ही सरकार ने इस पूरे हादसे की गहन जांच करवाने का भी सख्त निर्देश दिया है। Shoaib Nosherwani ने स्पष्ट किया है कि खदान से जुड़े संबंधित अधिकारी धमाके की असल वजह की पूरी जांच करेंगे। इसके अलावा खदान में सुरक्षा के लिए लागू किए गए उपायों की भी फिर से बारीकी से समीक्षा की जाएगी। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खदान संचालन में किस स्तर पर लापरवाही बरती गई थी। यदि किसी अधिकारी या कंपनी की लापरवाही सामने आती है, तो उनके खिलाफ कड़ी दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
मजदूर यूनियन ने उठाई आवाज इस बड़े खदान हादसे के बाद कोयला खनिकों की एक प्रमुख मजदूर यूनियन ने अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। पाकिस्तान सेंट्रल माइंस लेबर फेडरेशन ने एक बयान जारी करके इस पूरे हादसे पर गहरी चिंता और आशंका जताई है। यूनियन के नेताओं का सीधा आरोप है कि यह भयानक धमाका प्रशासन और कंपनी की घोर लापरवाही के कारण हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इस घटना के लिए जो भी लोग जिम्मेदार हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। मजदूरों की जान से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अधिकारी या ठेकेदार को बख्शा नहीं जाना चाहिए।
सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू करने की अपील मजदूर फेडरेशन ने सरकार से खदान सुरक्षा से जुड़े नियमों को लेकर एक बहुत ही अहम अपील की है। उन्होंने कहा है कि खदानों में काम करने वाले मजदूरों के लिए बनाए गए सुरक्षा नियमों को सख्ती से लागू किया जाए। जो भी खनन कंपनियां इन सुरक्षा कानूनों का उल्लंघन करती हैं, उनके लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द किए जाने चाहिए। खदानों में गैस की जांच और आपातकालीन निकास जैसी बुनियादी सुरक्षा सुविधाएं हर हाल में अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। इन नियमों की अनदेखी के कारण ही आज बत्तीस बेगुनाह मजदूरों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा है।
परिवारों को सौंपे जा रहे शव सरकार और यूनियन की इन बातों के बीच खदान पर मौजूद अधिकारी शवों को उनके परिजनों को सौंप रहे हैं। अब तक बरामद किए गए बत्तीस शवों की पहचान के बाद उन्हें दफनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। जिन दस खनिकों का पता नहीं चल पाया है, उन्हें लेकर अभी भी बहुत ही गहरी निराशा छाई हुई है। गनी बलोच ने बताया है कि मीथेन गैस के कारण खदान में ऑक्सीजन न होने से हालात बेहद नाजुक हैं। सभी लोग बस इसी चमत्कार की उम्मीद कर रहे हैं कि खदान में फंसे बाकी लोग किसी तरह सुरक्षित बाहर आ जाएं।


























































