वैदिक ज्योतिष के अनुसार 9 सितंबर 2026 को सभी 9 ग्रहों की स्थिति, उनके नक्षत्र और आगामी राशि परिवर्तन का संपूर्ण विवरण नीचे दिया गया है। इसके अलावा शुक्र ग्रह के नक्षत्र परिवर्तन और आगामी विष योग का विभिन्न राशियों पर पड़ने वाला प्रभाव भी नीचे विस्तार से प्रस्तुत है।
आज का ग्रह गोचर चार्ट (09.09.2026)
| क्रम | ग्रह (Planet) | वर्तमान राशि | वर्तमान नक्षत्र | आगामी राशि परिवर्तन विवरण |
| 1 | सूर्य | सिंह राशि | पूर्वा फाल्गुनी | 17 सितंबर 2026 को कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। |
| 2 | चंद्रमा | कर्क (दोपहर 03:14 तक), तत्पश्चात सिंह | आश्लेषा (दोपहर 03:14 तक), तत्पश्चात मघा | अगला गोचर 11-12 सितंबर को कन्या राशि में होगा। |
| 3 | मंगल | मिथुन राशि | पुनर्वसु | 18 सितंबर 2026 को अपनी नीच राशि कर्क में प्रवेश करेंगे। |
| 4 | बुध | कन्या राशि | उत्तरा फाल्गुनी | 26 सितंबर 2026 को तुला राशि में गोचर करेंगे। |
| 5 | गुरु | कर्क राशि | आश्लेषा | वर्ष 2026 में इसी राशि में लंबे समय तक रहेंगे। |
| 6 | शुक्र | तुला राशि (स्वराशि) | चित्रा | 10-11 सितंबर की मध्यरात्रि (लगभग 01:06 AM) को वृश्चिक में प्रवेश करेंगे। |
| 7 | शनि | मीन राशि | रेवती | मीन राशि में मंद गति से गोचररत हैं। |
| 8 | राहु | कुंभ राशि | धनिष्ठा | वक्री चाल से 2026 में इसी राशि में विराजमान रहेंगे। |
| 9 | केतु | सिंह राशि | मघा | वक्री चाल से 2026 में इसी राशि में विराजमान रहेंगे। |
आज के गोचर की मुख्य विशेषताएं:
- चंद्रमा का गोचर: चंद्रमा दोपहर 03:14 बजे कर्क राशि व आश्लेषा नक्षत्र को छोड़कर सिंह राशि और मघा नक्षत्र में प्रवेश कर चुके हैं।
- ग्रहण योग: दोपहर 03:14 के बाद सिंह राशि में चंद्रमा और केतु की युति होने से ‘ग्रहण योग’ बन रहा है।
- गजकेसरी योग: दोपहर 03:14 से पूर्व कर्क राशि में गुरु और चंद्रमा की युति रहने के कारण गजकेसरी योग प्रभावी था।
शुक्र का स्वाती नक्षत्र में प्रवेश (11 सितंबर – 24 अक्टूबर)
11 सितंबर को शुक्र ग्रह राहु के स्वामित्व वाले स्वाती नक्षत्र में प्रवेश करेंगे और 24 अक्टूबर तक इसी नक्षत्र में रहेंगे। इस परिवर्तन से निम्नलिखित राशियों को विशेष सावधानी बरतनी होगी:
सिंह राशि
- प्रभाव: प्रेम संबंधों में गलतफहमियों से अलगाव की स्थिति बन सकती है। वित्तीय मामलों में जमा पूंजी खर्च होने का खतरा है; बिना सोचे-समझे निवेश न करें।
- उपाय: भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की नियमित पूजा-अर्चना करें।
वृश्चिक राशि
- प्रभाव: शुक्र के द्वादश भाव (त्रिक भाव) में होने और राहु के नक्षत्र में जाने से वैवाहिक जीवन व प्रेम संबंधों में तनाव आ सकता है। लेन-देन में सतर्कता बरतें और पैसों के मामले में किसी पर अत्यधिक भरोसा न करें।
- उपाय: प्रतिदिन शुक्र मंत्र ‘ॐ शुं शुक्राय नमः’ का जप करें।
मीन राशि
- प्रभाव: अष्टम भाव में शुक्र के होने से संबंधों में भ्रम की स्थिति पैदा हो सकती है। किसी बाहरी व्यक्ति के बहकावे में न आएं। फिजूलखर्च से बजट बिगड़ सकता है और स्वास्थ्य के प्रति भी सतर्क रहना होगा।
- उपाय: सफेद वस्तुओं जैसे चावल, चीनी, दूध इत्यादि का दान करें।
चंद्रमा-शनि का विष योग (11 सितंबर से 13 सितंबर)
11 सितंबर 2026 (भाद्रपद अमावस्या) की रात्रि 7:08 बजे चंद्रमा कन्या राशि में प्रवेश करेंगे, जहां से मीन राशि में स्थित शनि के साथ उनकी समसप्तक (सातवीं) दृष्टि होगी। इससे बनने वाला ‘विष योग’ 13 सितंबर की देर रात तक प्रभावी रहेगा।
विशेष सावधानी योग्य राशियां:
- सिंह राशि: विष योग के दौरान चंद्रमा आपके दूसरे भाव में और शनि अष्टम भाव में होंगे। धन संबंधी फैसलों में जोखिम न लें, वाणी पर नियंत्रण रखें और पैतृक कारोबार में वरिष्ठों की सलाह अवश्य लें।
- उपाय: प्रतिदिन ‘शिव चालीसा’ का पाठ करें।
- तुला राशि: चंद्रमा आपके द्वादश भाव और शनि छठे भाव में रहेंगे। गुप्त शत्रुओं से सावधान रहें, कार्यक्षेत्र में सतर्कता बरतें और कानूनी मामलों में जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचें।
- उपाय: नियमित रूप से शिवलिंग पर शुद्ध जल अर्पित करें।
- कुंभ राशि: चंद्रमा आपके अष्टम भाव में और शनि दूसरे भाव में होंगे। कार्यों में अचानक रुकावटें आ सकती हैं। वाहन चलाने में सावधानी रखें और बाहर के खान-पान से परहेज करें।
- उपाय: शनि देव के बीज मंत्रों का जप करें।













































