Britain और Israel के रिश्तों में Gaza युद्ध के बाद से लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। दोनों देशों के बीच मतभेद अब इतने गहरे हो चुके हैं कि सीधी कार्रवाई शुरू हो गई है। हाल ही में ब्रिटेन ने West Bank के कब्जे वाले क्षेत्रों की इजरायली बस्तियों के साथ व्यापार पर पूरी तरह रोक लगा दी। इस फैसले के जवाब में इजरायल की सरकार ने ब्रिटिश सांसदों और नागरिकों पर कई पाबंदियां लगाने की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही दोनों देशों के कूटनीतिक संबंध अपने सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं।
इजरायल का पलटवार और पाबंदियां: इजरायल ने ब्रिटेन के व्यापार प्रतिबंधों का कड़ा जवाब देते हुए त्वरित और कड़े कदम उठाए हैं। इजरायल ने Britain के 11 सांसदों के देश में आने पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। इसके अलावा मंगलवार को पूर्वी Jerusalem में बने ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास के कामकाज को पूरी तरह बंद कर दिया गया। ब्रिटेन के कई अन्य नागरिकों को भी इजरायल में प्रवेश करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इन जवाबी कार्रवाइयों के बाद दोनों देशों के बीच राजनीतिक और व्यापारिक संबंध बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं।
ब्रिटिश विदेश मंत्री का रुख: ब्रिटेन के विदेश मंत्री Ed Miliband ने इजरायल की इन कार्यवाहियों पर गहरा अफसोस जताया है। उन्होंने कहा कि इजरायल की सरकार द्वारा की गई इस तरह की कार्रवाई से उन्हें बेहद निराशा हुई है। हालांकि Ed Miliband ने यह भी साफ किया कि ब्रिटेन को अपने द्वारा लिए गए फैसलों पर पूरा गर्व है। उन्होंने दोहराया कि West Bank की बस्तियों पर व्यापार रोक लगाने का निर्णय पूरी तरह से सही और तर्कसंगत था। ब्रिटेन अपने इस रुख से पीछे हटने को तैयार नहीं दिख रहा है।
वैश्विक नेताओं का समर्थन: ब्रिटेन के इस साहसिक फैसले का असर अब वैश्विक राजनीति पर भी साफ देखने को मिल रहा है। France और Canada के शीर्ष नेताओं ने घोषणा की है कि वे भी जल्द ही ऐसे ही कड़े कदम उठाने जा रहे हैं। उनका मानना है कि West Bank में जारी हिंसा से भविष्य में फलस्तीनी राज्य के गठन पर संकट मंडरा रहा है। इससे पूर्व UAE सहित 8 मुस्लिम राष्ट्रों ने एक संयुक्त बयान जारी कर इजरायल की नीतियों की कड़ी आलोचना की थी। इस तरह ब्रिटेन के इस फैसले को वैश्विक पटल पर काफी समर्थन मिल रहा है।
इजरायल की जवाबी रणनीति: इजरायल के विदेश मंत्री Gideon Sa’ar ने ब्रिटेन की नीतियों पर कड़ा एतराज जताते हुए जवाबी उपायों की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि Gaza में सीजफायर मॉनिटरिंग के लिए बने UN सेंटर से ब्रिटेन के प्रतिनिधियों को हटाया जाना चाहिए। इसके अलावा West Bank में फलस्तीनी प्राधिकरण के सुरक्षाबलों को ब्रिटेन द्वारा दी जा रही सैन्य ट्रेनिंग को भी तुरंत बंद किया जाएगा। Gideon Sa’ar ने स्पष्ट किया कि इजरायल अपनी संप्रभुता के खिलाफ उठाए गए किसी भी कदम को बर्दाश्त नहीं करेगा।
एंटी-सेमिटिज्म का आरोप: विदेश मंत्री Gideon Sa’ar ने ब्रिटेन के सांसदों और नागरिकों पर बैन लगाने के पीछे के कारणों को सार्वजनिक किया। उन्होंने कहा कि जिन 11 सांसदों की एंट्री बैन की गई है, वे यहूदी-विरोधी अभियानों में शामिल रहे हैं। इसके साथ ही वे इजरायल-विरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम भी लगातार कर रहे थे। इजरायल सरकार के अनुसार ऐसे लोगों को अपने देश की सीमा में प्रवेश की अनुमति देना सुरक्षा के लिहाज से उचित नहीं है। इसी वजह से यह कड़ा कदम उठाया गया है।













































