इजरायल ने मध्य और उत्तरी गाजा के विभिन्न इलाकों में रात भर भीषण बमबारी की है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में एक बार फिर तनाव अत्यधिक बढ़ गया है। इससे पहले अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और हमास के बीच एक समझौता हुआ था। इसमें हमास ने अपने हथियार डालने और युद्धविराम की बात स्वीकार की थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद इजरायल द्वारा किए गए हमलों से माहौल बिगड़ गया।
हमास के समझौते पर इजरायल की प्रतिक्रिया इजरायल ने हमास द्वारा दिए गए बयान पर औपचारिक रूप से कोई सीधी प्रतिक्रिया दर्ज नहीं कराई है। हालांकि इजरायल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन-ग्वीर ने इस शांति ढांचे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह समझौता पूरी तरह से अस्वीकार है और इजरायल को जीतना ही होगा। इजरायल के इस कड़े रुख के बाद क्षेत्र में शांति की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है और युद्ध गहरा गया है।
ईरान द्वारा कुवैत और जहाजों पर हमला ईरान ने हाल के दिनों में कुवैत के क्षेत्रों में ड्रोन हमले करके तनाव को और ज्यादा भड़का दिया है। इसके अलावा उसने स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में गुजर रहे कई वाणिज्यिक जहाजों को भी निशाना बनाया है। ईरान के इन हमलों के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उस पर पलटवार की चेतावनी दी है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने अस्थायी रूप से लड़ाई रोकने वाले समझौते का उल्लंघन किया है।
अमेरिकी नागरिकों के लिए जारी हुई आपात एडवाइजरी स्थिति को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने नागरिकों के लिए सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। इसमें नागरिकों से मध्य पूर्व की यात्रा करने से बचने और वहां से निकलने की तैयारी करने को कहा गया है। एडवाइजरी के अनुसार आने वाले दिनों में हवाई सेवाएं ठप हो सकती हैं और हवाई क्षेत्र बंद हो सकते हैं। नागरिकों को आपातकालीन आकस्मिक योजनाएं बनाने और स्मार्ट ट्रैवलर एनरोलमेंट प्रोग्राम में पंजीकरण कराने का निर्देश दिया गया है।
संयुक्त अरब अमीरात से कर्मियों की वापसी सुरक्षा खतरों को देखते हुए अबू धाबी स्थित अमेरिकी दूतावास में कदम उठाए गए हैं। इसके साथ ही दुबई स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास से भी गैर-आवश्यक कर्मचारियों को हटा दिया गया है। इन सभी कर्मचारियों को संयुक्त अरब अमीरात से बाहर स्थानांतरित करने का आदेश जारी हुआ है। अमेरिका का मानना है कि ईरान और उसके सहयोगी वैश्विक स्तर पर अमेरिकी संस्थानों को निशाना बना सकते हैं। तेहरान ने मिस्र तक अपने हमलों का विस्तार किया है।
जीत तक हमले जारी रखने का अमेरिकी संकल्प कैबिनेट की बैठक में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हम केवल जीत हासिल करना चाहते हैं। अमेरिका ईरान के खिलाफ एक लंबे और कड़े सैन्य अभियान के लिए पूरी तरह तैयार है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को मारा है। इसलिए राष्ट्रपति ट्रंप इस कृत्य को बर्दाश्त नहीं करेंगे और ईरान पर तब तक हमले जारी रहेंगे जब तक वह सार्थक वार्ता में नहीं आता।









































