उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने हालिया पत्र में राज्य सरकार की शिक्षक कल्याण नीतियों के बारे में बहुत विस्तार से अपनी अहम जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि विगत नौ वर्षों में उनकी सरकार ने शिक्षक सम्मान और उनके समग्र सशक्तीकरण को अपने कार्यकाल की सर्वोच्च प्राथमिकता में रखा है। मुख्यमंत्री के अनुसार शिक्षकों का पूरा सम्मान और उनका हर प्रकार का कल्याण सुनिश्चित करना वर्तमान राज्य सरकार की प्रमुख नीतियों का सबसे अहम हिस्सा है। पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से राज्य में योग्य शिक्षकों को बिना किसी भेदभाव के काम करने का एक बहुत ही शानदार अवसर सरकार द्वारा प्रदान किया गया है। सरकार ने समयबद्ध सेवा-सुविधाएं और आधुनिक डिजिटल संसाधन मुहैया कराकर गुरुजनों को एक समर्थ परिवेश देने का पूरा प्रयास इन सभी सालों में लगातार किया है।
राष्ट्रनिर्माण में शिक्षकों की अहम भूमिका: मुख्यमंत्री ने अपने इस लंबे संदेश में इस बात पर भी जोर दिया है कि एक शिक्षक समाज को सही दिशा देने में सबसे महत्वपूर्ण और बड़ी भूमिका हमेशा निभाता है। सरकार का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को एक ऐसा बेहतरीन और पूरी तरह से समर्थ परिवेश देना है जहां वे बिना किसी परेशानी के अपना रोजमर्रा का काम कर सकें। ऐसे सकारात्मक परिवेश में ही शिक्षक ज्ञान और संस्कार बांटने की अपनी महान भूमिका का बहुत ही प्रभावी ढंग से निर्वहन आसानी से समाज के अंदर कर सकते हैं। शिक्षक न केवल बच्चों को किताबी शिक्षा देते हैं बल्कि वे देश के राष्ट्रनिर्माण के इस पूरे काम में भी अपना बहुत ही बड़ा और अहम योगदान नियमित रूप से देते हैं। इसीलिए समाज की उन्नति के लिए यह बहुत जरूरी है कि शिक्षकों को उचित संसाधन और पूरा सामाजिक सम्मान सरकार की तरफ से बिना किसी बाधा के लगातार मिलता रहे।
कैशलेस चिकित्सा योजना की शानदार शुरुआत: शिक्षकों के बेहतर स्वास्थ्य और संपूर्ण कल्याण को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना की एक बहुत ही बड़ी शुरुआत की है। इस विशेष सरकारी योजना का मुख्य लाभ बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े हुए प्रदेश के लाखों शिक्षकों को सीधे तौर पर अस्पताल में मिल रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस समय प्रदेश के साठ लाख शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी इस अहम सरकारी चिकित्सा योजना का पूरा लाभ उठा रहे हैं। केवल शिक्षक और कर्मचारी ही नहीं बल्कि उनके परिवार के सभी आश्रित परिजन भी इस कैशलेस स्वास्थ्य सुविधा का फायदा आसानी से अस्पतालों में प्राप्त कर रहे हैं। बीमारी के कठिन समय में आर्थिक तंगी से बचाने के लिए सरकार की यह स्वास्थ्य योजना सभी शिक्षकों के लिए एक बहुत बड़ा और बेहद अहम सहारा बन गई है।
उच्च शिक्षा विभाग को भी मिला पूरा लाभ: बेसिक और माध्यमिक शिक्षा के बाद अब इस कैशलेस चिकित्सा योजना का दायरा उच्च शिक्षा विभाग के सभी कर्मचारियों के लिए भी सरकार द्वारा बढ़ा दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग के राज्य एवं निजी विश्वविद्यालयों और अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के शिक्षकों को भी इस अहम योजना की परिधि में लाया गया है। इसके साथ ही स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों में काम करने वाले शिक्षक भी अब इस सरकारी स्वास्थ्य योजना का पूरा लाभ बहुत ही आसानी से अस्पतालों में ले सकते हैं। आंकड़ों के मुताबिक इन उच्च शिक्षण संस्थानों के 7.50 लाख से अधिक शिक्षकों तथा उनके आश्रित परिजनों को भी इस योजना का सीधा लाभ आसानी से मिल रहा है। सरकार का यह अहम कदम यह सुनिश्चित करता है कि उच्च शिक्षा में काम करने वाले गुरुजनों को भी बेहतरीन स्वास्थ्य सेवाएं बिल्कुल मुफ्त में हमेशा मिल सकें।
शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को मिलेगी जल्द सुविधा: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने पत्र में उच्च शिक्षा विभाग में काम करने वाले शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के लिए भी एक बहुत बड़ी और काफी अच्छी खबर दी है। उन्होंने बताया है कि बहुत ही शीघ्र उच्च शिक्षा विभाग के 2.50 लाख से अधिक शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी इस महत्वपूर्ण योजना से आधिकारिक तौर पर जोड़ा जाएगा। योजना से जुड़ने के बाद ये सभी कर्मचारी और उनके परिवार के आश्रित परिजन भी बिना किसी पैसे के अपना मुफ्त इलाज बड़े अस्पतालों में आराम से करवा सकेंगे। शैक्षणिक संस्थानों में शिक्षकों के साथ-साथ इन शिक्षणेत्तर कर्मचारियों की भूमिका भी बहुत अहम होती है इसलिए सरकार इनका भी पूरा ध्यान बारीकी से रख रही है। इस नई और बड़ी घोषणा के बाद प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों में खुशी और सुरक्षा की एक बहुत बड़ी भावना पैदा हो गई है।
सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर का बड़ा प्रावधान: बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के अलावा राज्य सरकार ने शिक्षकों के आर्थिक भविष्य को पूरी तरह से सुरक्षित करने के लिए भी कई महत्वपूर्ण और बड़े कदम हाल ही में उठाए हैं। मुख्यमंत्री ने जानकारी दी है कि प्रदेश के सभी शिक्षकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को अब सरकार द्वारा एक सामाजिक सुरक्षा बीमा कवर भी अलग से प्रदान किया जा रहा है। इस सामाजिक बीमा कवर का मुख्य उद्देश्य किसी भी अनहोनी की स्थिति में शिक्षकों और उनके परिवारों को एक बहुत ही मजबूत आर्थिक सुरक्षा तुरंत प्रदान करना है। सरकार की यह दूरदर्शी पहल शिक्षकों के मन से भविष्य की सभी आर्थिक चिंताओं को पूरी तरह खत्म करके उन्हें पूरी तरह से चिंतामुक्त करने का बड़ा काम करेगी। इन सभी कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से राज्य सरकार ने यह स्पष्ट कर दिया है कि वह गुरुजनों के सम्मान और सशक्तीकरण के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

























































