मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने उपभोक्ता सेवाओं को और अधिक तकनीक आधारित बनाने के लिए एकीकृत व्यवस्था लागू की है। नवंबर 2025 से 1912 कॉल सेंटर की नई प्रणाली लखनऊ और नोएडा केंद्रों से संचालित की जा रही है। अब कॉल हैंडलिंग क्षमता प्रतिदिन 90 हजार तक बढ़ा दी गई है ताकि शिकायतों का निवारण हो सके। मुख्यमंत्री ने मंत्रियों को कॉल सेंटर का भौतिक निरीक्षण करने और व्यवस्था की पड़ताल करने के निर्देश दिए। उपभोक्ताओं को सही समय पर समाधान की सटीक जानकारी उपलब्ध कराना अब अनिवार्य कर दिया गया है।
स्मार्ट मीटर बिलिंग प्रदेश में अब तक 89.23 लाख स्मार्ट मीटर स्थापित हो चुके हैं जिन्हें पोस्टपेड व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया गया है। जून 2026 से प्रत्येक माह की 1 से 10 तारीख के बीच बिल पोस्टपेड आधार पर जारी किए जाएंगे। उपभोक्ताओं को ई-मेल, व्हाट्सऐप और एसएमएस के माध्यम से बिल की जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाएगी। स्मार्ट मीटर संबंधी शिकायतों के निस्तारण के लिए 15 मई से 30 जून तक विशेष कैंप लगाए गए हैं। समय पर सही बिल देने की व्यवस्था से उपभोक्ताओं का विश्वास विभाग में और अधिक मजबूत होगा।
अतिरिक्त क्षमता लक्ष्य वर्ष 2015 से 2026 के बीच प्रदेश ने कुल 32,305 मेगावाट की विद्युत क्षमता के लिए टाई-अप किए हैं। पिछले तीन वर्षों में कुल क्षमता का लगभग 62 प्रतिशत हिस्सा जोड़ा गया है जो एक बड़ी उपलब्धि है। वर्ष 2029 तक 10,719 मेगावाट अतिरिक्त क्षमता जोड़ने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसमें विंड, बैटरी स्टोरेज, पंप्ड हाइड्रो और हाइब्रिड ऊर्जा जैसी परियोजनाएं शामिल की गई हैं। भविष्य की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकार ने एक ठोस योजना तैयार की है।
पारदर्शी संवाद जरूरी मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत दर्ज करना ही काफी नहीं बल्कि समस्या का समाधान कब तक होगा यह भी बताएं। संवाद और पारदर्शिता से ही उपभोक्ताओं का विश्वास और शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिजली केवल तकनीकी विषय नहीं बल्कि आमजन के जीवन से जुड़ी है। फील्ड अधिकारियों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं ताकि कोई भी लापरवाही न हो। जवाबदेही तय होने से बिजली वितरण की गुणवत्ता में भी सुधार देखने को मिलेगा।
प्रोटोकॉल का पालन आंधी और तूफान जैसी विषम परिस्थितियों में भी फील्ड स्तर पर त्वरित रिस्पॉन्स टीम को सक्रिय रखना प्राथमिकता है। 4, 7 और 15 मई को आए आंधी-तूफान के बावजूद बहाली कार्य तत्परता से पूरा किया गया था। भविष्य में किसी भी प्रकार की तकनीकी बाधा को न्यूनतम रखने के लिए लगातार मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए। स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतों को लेकर सरकार विशेष कैंपों के माध्यम से जनता तक पहुंच रही है। बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता बनी रहे इसके लिए हर स्तर पर ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
सरकार की प्राथमिकता प्रदेशवासियों को गर्मी के मौसम में पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है। बिजली आपूर्ति न केवल घरेलू बल्कि किसानों की सिंचाई और औद्योगिक विकास के लिए भी अत्यंत आवश्यक है। सभी डिस्कॉम को मिलकर एक टीम की तरह कार्य करने के लिए मुख्यमंत्री ने प्रोत्साहित किया है। भविष्य की दीर्घकालिक ऊर्जा रणनीति पर काम करते हुए सरकार आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही है। लापरवाही पाए जाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि आम जनता को कोई समस्या न हो।





































