चंडीगढ़ के अंतर्गत आने वाले बुड़ैल गांव के एक रिहायशी मकान में तीन गैस सिलेंडरों में बैक-टू-बैत भीषण विस्फोट हुआ। यह हादसा इतना जबरदस्त था कि इसके प्रभाव से वह तीन मंजिला मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गया। धमाके के वक्त आसपास की धरती कांप उठी और पड़ोसी घरों की दीवारें तक बुरी तरह हिल गईं। इस हादसे के चलते वहां रहने वाले तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। इस अचानक हुई दुर्घटना से पूरे क्षेत्र के लोग पूरी तरह चौंक गए और सहम गए हैं।
सिलेंडरों में सिलसिलेवार भयानक धमाके
यह दर्दनाक हादसा सोमवार की शाम के समय बुड़ैल गांव की तंग गलियों में स्थित एक मकान में हुआ। जब मकान के अंदर पहला गैस सिलेंडर फटा तो उसकी आवाज सुनकर पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर भागे पर वे कुछ समझ पाते उससे पहले दो और धमाके हुए। इन जोरदार विस्फोटों की गूंज इतनी शक्तिशाली थी कि इसकी आवाज दूर-दूर के इलाकों तक साफ तौर पर सुनाई दी। लगातार हुए इन तीन धमाकों ने पूरे स्थानीय रिहायशी क्षेत्र में भारी दहशत का माहौल पैदा कर दिया।
मलबे से निकाले गए घायलों की हालत नाजुक
इस गैस सिलेंडर ब्लास्ट के कारण तीन मंजिला इमारत का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर नीचे गिर गया। मलबे के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालने के लिए सुरक्षा कर्मियों को काफी मशक्कत करनी पड़ी। मलबे से सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद तीनों घायलों को तुरंत पास के ही एक अस्पताल में ले जाया गया। अस्पताल में भर्ती कराए गए इन तीनों ही घायलों की हालत डॉक्टरों के अनुसार बेहद गंभीर बनी हुई है। डॉक्टर लगातार घायलों को बचाने और उन्हें बेहतर इलाज देने का हर संभव प्रयास कर रहे हैं।
सुरक्षा बलों ने संभाला मोर्चा
घर में विस्फोट और आग लगने की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस और दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। इसके साथ ही हालात की गंभीरता को देखते हुए सीआरपीएफ की टीमें भी तुरंत बचाव कार्य के लिए वहां तैनात हो गईं। दमकल कर्मियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर काफी मशक्कत के बाद वहां फैली आग और बेकाबू हालात पर काबू पाया। सभी एजेंसियों ने मिलकर मलबे को हटाने और घायलों को त्वरित चिकित्सा सहायता पहुंचाने का काम बखूबी संभाला।
मकान के अंदर चल रहा था कालाबाजारी का खेल
जिस रिहायशी घर के अंदर यह भीषण धमाका हुआ वहां तलाशी के दौरान करीब 15 गैस सिलेंडर जमा रखे हुए मिले। इतनी बड़ी तादाद में घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर मिलने से पुलिस विभाग के कान खड़े हो गए हैं। प्रशासन को आशंका है कि इस रिहायशी मकान के भीतर गैस सिलेंडरों को ब्लैक में बेचने का अवैध कारोबार धड़ल्ले से चलाया जा रहा था। ऐसी पूरी संभावना जताई जा रही है कि इन्हीं सिलेंडरों में से गैस रिसाव होने के बाद यह भयानक हादसा हुआ।
प्रशासनिक और कानूनी कार्रवाई शुरू
फिलहाल पुलिस और स्थानीय प्रशासन की विभिन्न टीमें इस पूरे मामले की हर एंगल से गहराई से जांच करने में जुटी हुई हैं। रिहायशी क्षेत्र में बिना किसी अनुमति और सुरक्षा के इतने सिलेंडर रखना बेहद खतरनाक साबित हुआ है। दमकल कर्मियों की तत्परता से आग को आगे फैलने और अन्य सिलेंडरों तक पहुंचने से रोक लिया गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस अवैध धंधे के पीछे कौन-कौन शामिल थे। हादसे के शिकार हुए लोगों के परिजनों को सूचित कर दिया गया है और जांच जारी है।





































