NEET UG 2026 री-एग्जाम – सुरक्षा व्यवस्था हुई अभेद्य
देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET UG 2026 को लेकर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और सरकार ने अभूतपूर्व कदम उठाए हैं। 21 जून 2026 को होने वाली इस पुनर-परीक्षा (री-एग्जाम) को पूरी तरह से पारदर्शी और लीक-प्रूफ बनाने के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं।
प्रमुख बदलाव और सुरक्षा उपाय
- भारतीय वायु सेना (IAF) द्वारा डिलीवरी: परीक्षा के इतिहास में सबसे बड़ा बदलाव यह है कि प्रश्न पत्रों की सुरक्षित डिलीवरी की जिम्मेदारी वायु सेना को सौंपी गई है। एयरफोर्स देश भर की 18 विभिन्न लोकेशन्स पर प्रश्न पत्र पहुंचाएगी, जहां से उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षा केंद्रों तक भेजा जाएगा।
- हाई-सिक्योरिटी आइसोलेशन: पेपर लीक की संभावनाओं को जड़ से खत्म करने के लिए परीक्षा से जुड़े सभी महत्वपूर्ण स्टाफ (जैसे पेपर सेटर्स, मॉडरेटर्स और ट्रांसलेटर्स) को हाई-सिक्योरिटी आइसोलेशन में रखा गया है। यहां मोबाइल फोन, इंटरनेट और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग पूरी तरह से प्रतिबंधित है।
- मल्टी-लेयर सिक्योरिटी: पेपर सेट करने से लेकर उसे परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को एक अभेद्य ‘मल्टी-लेयर सिक्योरिटी सिस्टम’ में बांटा गया है। हर एक चरण की सख्त निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी स्तर पर चूक की कोई गुंजाइश न रहे।
परीक्षा की महत्वपूर्ण तिथियां और विवरण
- एडमिट कार्ड: परीक्षार्थी 14 जून 2026 से आधिकारिक वेबसाइट (www.neet.nta.nic.in) पर जाकर अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके लिए उन्हें अपना एप्लिकेशन नंबर, पासवर्ड और सिक्योरिटी पिन दर्ज करना होगा।
- परीक्षा का समय: री-एग्जाम 21 जून 2026 को दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित किया जाएगा।
- मोड और केंद्र: यह परीक्षा पूरी तरह से ऑफलाइन (पेन और पेपर मोड) होगी। लाखों छात्रों की सुविधा के लिए देश के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं।
राष्ट्रीय स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति (NSPG) योजना – उच्च शिक्षा के लिए आर्थिक संबल
अक्सर आर्थिक तंगी के कारण होनहार छात्रों को अपनी स्नातकोत्तर (Post Graduation) की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ती है। ऐसे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के मेधावी छात्रों के लिए केंद्र सरकार की राष्ट्रीय स्नातकोत्तर छात्रवृत्ति (NSPG) योजना एक बड़ी राहत लेकर आई है।
कितनी मिलेगी छात्रवृत्ति?
- चयनित छात्रों को अपनी पीजी की पढ़ाई के दौरान 15,000 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है।
- यह राशि एक साल में 10 महीने के लिए दी जाती है और छात्र अधिकतम दो वर्षों तक इस योजना का लाभ उठा सकते हैं।
- इस तरह, एक पात्र छात्र को अपने कोर्स के दौरान कुल 3 लाख रुपये तक की आर्थिक सहायता मिल सकती है, जिससे उसकी पढ़ाई का बोझ काफी हद तक कम हो जाता है।
कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)
इस योजना का लाभ उठाने के लिए निम्नलिखित शर्तें पूरी होनी चाहिए:
- प्रवेश: छात्र पहली बार किसी मान्यता प्राप्त संस्थान या विश्वविद्यालय में पूर्णकालिक (Full-Time) पीजी कोर्स में दाखिला ले रहा हो।
- आयु सीमा: आवेदन करते समय आवेदक की आयु 30 वर्ष से कम होनी चाहिए।
- आय सीमा: योजना का लाभ केवल जरूरतमंदों तक पहुंचे, इसके लिए परिवार की वार्षिक आय 6 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए (आय प्रमाण पत्र अनिवार्य है)।
चयन और आवेदन की प्रक्रिया
- चयन का आधार: उम्मीदवारों का चयन अखिल भारतीय मेरिट (All India Merit) के आधार पर होगा। देशभर के आवेदकों के शैक्षणिक प्रदर्शन के आधार पर एक मेरिट सूची तैयार की जाएगी, इसलिए बेहतर रिकॉर्ड वाले छात्रों के चयन की संभावना अधिक होगी।
- आवेदन कैसे करें: इस योजना के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (National Scholarships Portal) के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन स्वीकार किए जाते हैं।
- आवश्यक दस्तावेज: आवेदन करते समय छात्रों को ई-केवाईसी (e-KYC) प्रक्रिया पूरी करनी होगी। इसके साथ ही कक्षा 9वीं से लेकर उच्चतम योग्यता तक की मार्कशीट, प्रवेश पत्र, बैंक खाते की जानकारी और अन्य मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने होंगे।





































