फुटबॉल जगत के सबसे चर्चित टूर्नामेंट में एक बहुत ही अहम और निर्णायक मुकाबला खेला गया है। यह बड़ा मैच फ्रांस और मोरक्को की मजबूत राष्ट्रीय फुटबॉल टीमों के बीच आयोजित हुआ था। इस कड़े मुकाबले में फ्रांस ने शानदार खेल दिखाते हुए मोरक्को को 2-0 से करारी शिकस्त दी है। मोरक्को पर इस अहम जीत के बाद फ्रांस ने फीफा वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल में अपनी जगह बना ली है। इस ऐतिहासिक जीत ने पूरे फ्रांस के फुटबॉल प्रशंसकों में खुशी की एक बड़ी लहर दौड़ा दी है।
मैच से पहले जताई गई थी हिंसा की आशंका: इस नॉकआउट मुकाबले के शुरू होने से पहले प्रशासन द्वारा भारी हिंसा भड़कने की गंभीर आशंका जताई गई थी। यह मैच नॉर्थ अफ्रीका के देश मोरक्को और उसके पूर्व उपनिवेशवादी शासक फ्रांस के बीच खेला जाना था। इस ऐतिहासिक प्रतिद्वंद्विता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों को फ्रांस की राजधानी पेरिस में उपद्रव का डर था। अधिकारियों का मानना था कि मैच के नतीजे के बाद दोनों देशों के समर्थक आपस में हिंसक रूप से भिड़ सकते हैं। इसी डर के कारण प्रशासन ने पूरे शहर में पहले से ही सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी कर दी थी।
मई महीने की घटना से लिया गया था सबक: पुलिस एजेंसियों ने सुरक्षा को लेकर अपनी यह गंभीर चेतावनी पुरानी घटनाओं को ध्यान में रखकर जारी की थी। बीते मई महीने में पेरिस सेंट-जर्मेन चैंपियनशिप में जीत के बाद शहर में भारी बवाल देखने को मिला था। उस पुरानी जीत के जश्न के दौरान हिंसक घटनाएं हुई थीं और हालात बहुत ज्यादा बेकाबू हो गए थे। फ्रांस की सुरक्षा एजेंसियों को डर था कि फीफा वर्ल्ड कप के इस मैच के बाद भी ठीक वैसे ही हालात बन सकते हैं। इसी पुरानी चेतावनी और सबक को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने पहले से ही सख्त तैयारियां कर ली थीं।
सुरक्षा के लिए तैनात किए गए हजारों जवान: पेरिस और पूरे देश में किसी भी तरह की हिंसा को रोकने के लिए पुलिस बल ने बहुत बड़े स्तर पर मोर्चा संभाला था। रिपोर्ट के अनुसार पूरे फ्रांस में सुरक्षा व्यवस्था कायम रखने के लिए बीस हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे। इन बीस हजार पुलिसकर्मियों में से लगभग आठ हजार जवानों की ड्यूटी केवल राजधानी पेरिस में लगाई गई थी। चप्पे-चप्पे पर भारी संख्या में पुलिस बल की यह तैनाती उपद्रवियों को काबू में रखने के लिए की गई थी। इन जवानों को सख्त निर्देश दिए गए थे कि किसी भी हिंसक स्थिति से बहुत ही सख्ती के साथ निपटा जाए।
राजधानी में जश्न का माहौल रहा शांतिपूर्ण: तमाम चेतावनियों और पुरानी आशंकाओं के बिल्कुल उलट पेरिस शहर का माहौल पूरी तरह से शांतिपूर्ण बना रहा। सेमीफाइनल में अपनी टीम के पहुंचने की खबर सुनते ही हजारों फैंस उत्साह में सड़कों पर उतर आए। सड़कों पर मौजूद इस भारी भीड़ ने बिना किसी बवाल के अपनी राष्ट्रीय टीम की शानदार जीत का जश्न मनाया। फीफा वर्ल्ड कप के इस मुकाबले के बाद पेरिस की सड़कों पर सिर्फ और सिर्फ हंसी-खुशी का माहौल देखने को मिला। शांतिपूर्ण तरीके से मनाए गए इस जश्न ने स्थानीय प्रशासन और भारी संख्या में तैनात पुलिसकर्मियों को बहुत बड़ी राहत दी।
लंदन की सड़कों पर देखने को मिला उपद्रव: जहां एक तरफ पेरिस में जश्न शांतिपूर्ण था, वहीं दूसरी ओर ब्रिटेन की राजधानी लंदन में भारी हिंसा देखने को मिली। वहां फुटबॉल फैंस की बहुत भारी भीड़ सड़कों पर आ गई और हालात पुलिस के बिल्कुल काबू से बाहर हो गए। वेस्टर्न लंदन में उपद्रवियों के जानलेवा हमले में एक पुलिस अधिकारी गंभीर रूप से घायल भी हो गया। एडगवेयर रोड पर भी पुलिस की एक बड़ी टीम को भारी भीड़ से संघर्ष करते हुए वायरल वीडियो में देखा गया है। वहां पुलिसकर्मी अपनी ढालों के साथ कतार बनाकर बेकाबू उपद्रवियों को पीछे धकेलने का प्रयास करते हुए नजर आए।

























































