हिंदू पंचांग और सनातन धर्म में आषाढ़ माह की अमावस्या का अपना एक विशिष्ट आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। इस वर्ष 14 जुलाई 2026 को पड़ने वाली इस अमावस्या की महत्ता इसलिए भी अत्यधिक बढ़ जाती है क्योंकि यह मंगलवार के दिन पड़ रही है। मंगलवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या को शास्त्रों में ‘भौमवती अमावस्या’ के नाम से जाना जाता है। सोमवती अमावस्या की ही भांति भौमवती अमावस्या को भी पूजा-पाठ, जप-तप और विशेष अनुष्ठानों के लिए अत्यंत पुण्यदायी माना गया है।
धार्मिक मान्यताओं और धर्म ग्रंथों के अनुसार, यह पवित्र तिथि पितरों की आत्मा की शांति, उनके निमित्त तर्पण, और श्राद्ध कर्म करने के लिए सर्वोत्तम होती है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन पवित्र नदियों (विशेषकर गंगा) में स्नान करने और सामर्थ्य अनुसार गरीबों व ब्राह्मणों को दान देने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है और जीवन के कई दोषों से मुक्ति मिलती है।
आइए विस्तार से जानते हैं 14 जुलाई के पंचांग के अनुसार अमावस्या की सटीक समयावधि, दिन के शुभ-अशुभ मुहूर्त और भारत के विभिन्न राज्यों में राहुकाल का समय।
अमावस्या तिथि का समय
- प्रारंभ: 13 जुलाई 2026, शाम 06:49 बजे
- समापन: 14 जुलाई 2026, दोपहर 03:12 बजे
स्नान और दान का शुभ मुहूर्त
भौमवती अमावस्या के पावन अवसर पर स्नान और दान के लिए सर्वोत्तम समय इस प्रकार रहेगा:
- प्रातः काल का मुहूर्त (स्नान व दान): सुबह 05:00 बजे से सुबह 09:00 बजे तक।
- सायंकाल का मुहूर्त (विशेष दान हेतु): शाम 05:00 बजे से शाम 07:00 बजे तक।
14 जुलाई 2026 के अन्य शुभ मुहूर्त
इन शुभ मुहूर्तों में पूजा-पाठ और दैनिक शुभ कार्य किए जा सकते हैं:
| मुहूर्त का नाम | समय (प्रारंभ से समापन) |
| ब्रह्म मुहूर्त | 04:11 AM – 04:52 AM |
| प्रातः सन्ध्या | 04:31 AM – 05:33 AM |
| अभिजित मुहूर्त | 11:59 AM – 12:55 PM |
| विजय मुहूर्त | 02:45 PM – 03:40 PM |
| गोधूलि मुहूर्त | 07:20 PM – 07:40 PM |
| सायाह्न सन्ध्या | 07:21 PM – 08:22 PM |
| अमृत काल | 10:01 PM – 11:27 PM |
| निशिता मुहूर्त | 12:07 AM (15 जुलाई) – 12:48 AM (15 जुलाई) |
14 जुलाई 2026 के अशुभ मुहूर्त
इन समय अवधियों में किसी भी नए कार्य की शुरुआत, यात्रा या मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए:
| मुहूर्त का नाम | समय |
| यमगण्ड | 09:00 AM – 10:43 AM |
| गुलिक काल | 12:27 PM – 02:10 PM |
| वर्ज्य | 01:30 PM – 02:55 PM |
| बाण मृत्यु | 09:27 PM से पूर्ण रात्रि तक |
| दुर्मुहूर्त | 08:18 AM – 09:14 AM तथा 11:26 PM – 12:07 AM (15 जुलाई) |
भारत की प्रमुख राजधानियों में राहुकाल का सटीक समय
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार दिन का वह हिस्सा जो राहुकाल कहलाता है, उसमें कोई भी नया, मांगलिक या शुभ कार्य करना पूर्णतः वर्जित माना जाता है। भारत के विभिन्न राज्यों की राजधानियों में प्रादेशिक देशांतर और सूर्योदय के अनुसार 14 जुलाई का राहुकाल समय निम्नलिखित है:
| राज्य (राजधानी) | राहुकाल का समय |
| उत्तर प्रदेश (लखनऊ) | 03:53 PM – 05:37 PM |
| दिल्ली (नई दिल्ली) | 03:31 PM – 05:07 PM |
| महाराष्ट्र (मुंबई) | 04:05 PM – 05:45 PM |
| पश्चिम बंगाल (कोलकाता) | 03:21 PM – 05:01 PM |
| तमिलनाडु (चेन्नई) | 03:45 PM – 05:19 PM |
| कर्नाटक (बेंगलुरु) | 03:51 PM – 05:25 PM |
| तेलंगाना (हैदराबाद) | 03:48 PM – 05:25 PM |
| राजस्थान (जयपुर) | 03:54 PM – 05:38 PM |
| बिहार (पटना) | 03:31 PM – 05:11 PM |
| मध्य प्रदेश (भोपाल) | 03:53 PM – 05:37 PM |
| गुजरात (गांधीनगर) | 04:05 PM – 05:46 PM |
| पंजाब / हरियाणा (चंडीगढ़) | 03:29 PM – 05:06 PM |
| आंध्र प्रदेश (अमरावती) | 03:44 PM – 05:20 PM |
| ओडिशा (भुवनेश्वर) | 03:31 PM – 05:10 PM |
| असम (दिसपुर) | 02:44 PM – 04:22 PM |
| जम्मू और कश्मीर (श्रीनगर) | 03:33 PM – 05:11 PM |
| केरल (तिरुवनंतपुरम) | 03:52 PM – 05:25 PM |
| उत्तराखंड (देहरादून) | 03:42 PM – 05:19 PM |
| झारखंड (रांची) | 03:31 PM – 05:10 PM |
| छत्तीसगढ़ (रायपुर) | 03:47 PM – 05:27 PM |
| हिमाचल प्रदेश (शिमला) | 03:40 PM – 05:18 PM |
| गोवा (पणजी) | 04:01 PM – 05:40 PM |
| नागालैंड (कोहिमा) | 02:18 PM – 03:57 PM |
| मणिपुर (इम्फाल) | 02:15 PM – 03:54 PM |
| मेघालय (शिलांग) | 02:40 PM – 04:19 PM |
| मिजोरम (आइजोल) | 02:22 PM – 04:02 PM |
| अरुणाचल प्रदेश (ईटानगर) | 02:26 PM – 04:05 PM |
| त्रिपुरा (अगरतला) | 02:37 PM – 04:17 PM |
| सिक्किम (गंगटोक) | 03:17 PM – 04:57 PM |


























































