यमन की मान्यता प्राप्त सरकार ने सोमवार को हुए इस हवाई हमले का एक बिल्कुल ही अलग कारण दुनिया को बताया है। रक्षा मंत्री जनरल ताहिर अल-अकीली के अनुसार यह हमला एक विशेष ईरानी विमान को उतरने से रोकने के लिए किया गया था। इस संदिग्ध विमान में एक बहुत ही महत्वपूर्ण हूती प्रतिनिधिमंडल सवार था जो विदेश यात्रा से वापस लौट रहा था। यह प्रतिनिधिमंडल ईरान के सर्वोच्च नेता के अंतिम संस्कार के बड़े कार्यक्रम में शामिल होने के बाद अपने देश लौट रहा था। इसी महत्वपूर्ण डेलिगेशन वाले विमान को रनवे पर उतरने से रोकने के लिए यह पूरी सैन्य योजना बनाई गई थी।
विमान ने बदला अपना रास्ता रनवे पर हुए इस भयानक हमले के कारण उस ईरानी विमान को आपातकालीन स्थिति में अपना तय रास्ता बदलना पड़ा। विमान के पायलट ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए विमान को सुरक्षित स्थान की ओर तुरंत मोड़ लिया। हूती समूह ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि हमले के कारण विमान को वहां नहीं उतारा जा सका। इसके बाद यह विशेष विमान सुरक्षित रूप से होदेइदाह हवाई अड्डे पर सफलतापूर्वक उतार लिया गया। इस पूरे घटनाक्रम में विमान में सवार किसी भी व्यक्ति को कोई गंभीर नुकसान पहुंचने की कोई खबर नहीं है।
अली खामेनेई का अंतिम संस्कार यह पूरा विवाद ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला Ali Khamenei के अंतिम संस्कार के ठीक बाद शुरू हुआ है। आपको बता दें कि इस प्रसिद्ध ईरानी नेता को इसी शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ सुपुर्द-ए-खाक किया गया था। उनकी हाल ही में एक बहुत ही भयानक और घातक हवाई हमले के दौरान दुखद मौत हो गई थी। अट्ठाईस फरवरी को हुए उस भीषण हमले के पीछे US और Israel की सेनाओं का मुख्य हाथ बताया गया था। इस मौत के बाद से ही पूरे Middle East में राजनीतिक और सैन्य तनाव बहुत अधिक गहरा गया है।
हूती गुट की तीखी प्रतिक्रिया अपने नेताओं को ले जा रहे विमान पर हुए इस हमले से हूती विद्रोही बहुत ज्यादा गुस्से में आ गए हैं। विद्रोही गुट ने इस कृत्य को एक बहुत बड़ी और क्रूर आक्रामकता बताते हुए इसका कड़ा विरोध किया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि इस तरह के कायरतापूर्ण हमलों को बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हूती समूह ने इस हमले का और भी ज्यादा भयानक और करारा जवाब देने की अपनी कसम खाई है। वे इस पूरे घटनाक्रम को अपने संगठन और ईरान के सम्मान पर एक बहुत बड़ा हमला मान रहे हैं।
सऊदी अरब पर गंभीर आरोप यमन के इस विद्रोही समूह ने इस पूरे हमले के लिए सीधे तौर पर Saudi Arabia की सेना को जिम्मेदार ठहराया है। उनका स्पष्ट रूप से मानना है कि सऊदी दुश्मन ने जानबूझकर उनके शांतिपूर्ण विमान को निशाना बनाने की साजिश रची है। हूती प्रवक्ता ने कहा है कि इस तरह के लापरवाह फैसले के बहुत ही गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। उन्होंने इस पूरे विवाद के लिए अमेरिकी और जायोनी ताकतों के खतरनाक गठजोड़ को भी समान रूप से दोषी माना है। उनका दावा है कि सऊदी अरब पश्चिमी ताकतों के इशारे पर ही इस तरह के उकसावे वाले सैन्य कदम उठा रहा है।
विमानन क्षेत्र में भारी संकट इस ताज़ा संघर्ष के कारण अब पूरे मध्य पूर्व के विमानन क्षेत्र में एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया है। हूती समूह द्वारा दी गई नई चेतावनियों ने क्षेत्रीय उड़ानों की सुरक्षा पर बहुत बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जब तक Sanaa हवाई अड्डे पर लगी नाकेबंदी पूरी तरह से नहीं हटाई जाती, तब तक यह कड़ा तनाव जारी रहेगा। सशस्त्र बलों ने सऊदी अरब के हवाई क्षेत्र को नागरिक विमानों के लिए पूरी तरह से असुरक्षित और खतरनाक घोषित कर दिया है। इस स्थिति के कारण कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस को अपने मार्गों में बड़े बदलाव करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।


























































