Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust से महासचिव चम्पत राय और डॉ अनिल मिश्रा के इस्तीफे के बाद मंदिर प्रशासन में बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इन इस्तीफों के बाद से ट्रस्ट के सदस्य और निर्मोही अखाड़े के अध्यक्ष महंत दीनेन्द्र दास मंदिर परिसर में काफी एक्टिव दिखाई दे रहे हैं। वह रोजाना नियमित रूप से मंदिर जाकर वहां की सभी व्यवस्थाओं की खुद बारीकी से निगरानी कर रहे हैं। सोमवार को भी महंत दीनेन्द्र दास राम मंदिर की विशेष मंगला आरती में पूरे भक्ति भाव से शामिल हुए। आरती के बाद वह यात्री सुविधा केंद्र पहुंचे और वहां भक्तों के लिए की गई व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
चढ़ावे की गिनती का निरीक्षण अपनी बढ़ती सक्रियता के बीच, रविवार को भी महंत दीनेन्द्र दास ने राम मंदिर के गर्भगृह में विशेष श्रंगार आरती में हिस्सा लिया था। इसके बाद वह सीधे उस कॉउंटिंग सेंटर में गए जहां भगवान राम को चढ़ाए गए दान की गिनती की जाती है। वहां उन्होंने बहुत ही ध्यान से चढ़ावे की गिनती की पूरी प्रक्रिया को अपनी आंखों से देखा। यह कदम विशेष रूप से तब उठाया गया है जब मंदिर के चढ़ावे को लेकर कुछ विवाद सामने आए हैं। उनकी यह व्यक्तिगत निगरानी इस बात का संकेत है कि ट्रस्ट अब किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरतना चाहता।
गबन और एसआईटी जांच का असर हाल ही में मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले में हुई कुछ गिरफ्तारियों ने मंदिर प्रशासन को पूरी तरह से हिला कर रख दिया है। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी (SIT) द्वारा एक बहुत ही सघन जांच भी की जा रही है। इन घटनाओं और जांच का सीधा असर कॉउंटिंग सेंटर के दैनिक कामकाज और वहां के स्टाफ पर स्पष्ट रूप से पड़ा है। कॉउंटिंग सेंटर में काम करने वाले कर्मचारियों की संख्या में अब काफी बड़ी कमी आ गई है। प्रशासन अब केवल अत्यंत विश्वस्त लोगों को ही इस महत्वपूर्ण कार्य में लगा रहा है।
गिनती प्रक्रिया में बदलाव स्टाफ की कमी के कारण अब चढ़ावे की गिनती की प्रक्रिया में भी कई अहम बदलाव किए गए हैं। पहले जहां कॉउंटिंग के काम में करीब चालीस लोग लगातार लगे रहते थे, वहीं अब केवल 23 से 24 लोग ही आ रहे हैं। कर्मचारियों की इस कमी के कारण अब गिनती का काम केवल एक शिफ्ट में सुबह नौ बजे से शाम छह बजे तक ही किया जा रहा है। महंत दीनेन्द्र दास ने खुद मीडिया को जानकारी दी कि कॉउंटिंग सेंटर में लोग जमीन पर नीचे बैठकर पूरे ध्यान से कॉउंटिंग कर रहे हैं। सुरक्षा के लिहाज से यह प्रक्रिया अब बहुत ही सख्त कर दी गई है।
सख्त सुरक्षा इंतजाम चढ़ावे की गिनती में किसी भी प्रकार की चोरी को रोकने के लिए अब बहुत ही कड़े नियम लागू किए गए हैं। कॉउंटिंग सेंटर में काम करने वाले सभी कर्मचारी अब बिना जेब वाली टीशर्ट और पैंट पहनकर ही अंदर आ सकते हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी व्यक्ति गिनती के दौरान कुछ भी अपने पास छिपाकर बाहर न ले जा सके। इसके अलावा कॉउंटिंग सेंटर की निगरानी के लिए एक अलग से विशेष कंट्रोल रूम भी बनाया गया है। इस कंट्रोल रूम से हर कर्मचारी और हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे पैनी नज़र रखी जा रही है।
ट्रस्ट की आगामी बैठक इन सभी प्रशासनिक और सुरक्षा बदलावों के बीच ट्रस्ट की अगली महत्वपूर्ण बैठक बाइस जुलाई को होने जा रही है। इस बैठक में नए सीईओ की नियुक्ति और मंदिर की अन्य प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर अहम फैसले लिए जाने की उम्मीद है। राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कहा है कि वह बैठक का एजेंडा जानने के बाद ही इसमें शामिल होने पर कोई फैसला करेंगे। यह बैठक यह तय करेगी कि भविष्य में मंदिर की व्यवस्था को और अधिक पारदर्शी कैसे बनाया जाए। सभी की निगाहें अब ट्रस्ट के अगले बड़े कदम पर टिकी हुई हैं।

























































