करियर में ऊंचाइयों को छूना और लगातार तरक्की पाना हर व्यक्ति का सपना होता है। लेकिन कई बार हम देखते हैं कि दिन-रात कड़ी मेहनत और पूरी लगन के बावजूद मनचाही सफलता नहीं मिल पाती या बनते हुए काम अचानक बिगड़ने लगते हैं। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इसका एक बड़ा कारण आपके वर्कप्लेस (कार्यस्थल) पर मौजूद नकारात्मक ऊर्जा (Negative Energy) हो सकती है।
अगर आप भी अपने कार्यस्थल पर ऐसी ही रुकावटों का सामना कर रहे हैं, तो वास्तु शास्त्र में कुछ बेहद आसान और प्रभावी उपाय बताए गए हैं। अपने ऑफिस या वर्क डेस्क के माहौल को सकारात्मक बनाने के लिए आप अपनी डेस्क पर दो खास चीजें रख सकते हैं। आइए विस्तार से जानते हैं कि ये चीजें कौन सी हैं और इन्हें रखने के सही वास्तु नियम क्या हैं।
1. सेंधा नमक (Rock Salt) के वास्तु नियम
वास्तु मान्यताओं में सेंधा नमक को नकारात्मक ऊर्जा सोखने का सबसे बेहतरीन और प्राकृतिक स्रोत माना गया है। ऑफिस डेस्क पर इसे सही तरीके से रखने से आपके आस-पास का माहौल बेहद पॉजिटिव हो जाता है।
- रखने का सही तरीका: सेंधा नमक को हमेशा एक कांच के बर्तन (Glass Bowl) में ही रखना चाहिए। इसे इस तरह रखें कि यह साफ तौर पर दिखाई देता रहे।
- शुभ दिशा: वास्तु के अनुसार, सेंधा नमक के बाउल को अपनी डेस्क की उत्तर (North) या उत्तर-पश्चिम (North-West) दिशा में रखना सबसे अधिक शुभ और फलदायी माना जाता है।
- बदलने का नियम: यह अत्यंत आवश्यक है कि आप इस नमक को समय-समय पर बदलते रहें। मान्यता है कि सेंधा नमक आस-पास की सारी नकारात्मक ऊर्जा को अपने अंदर समाहित कर लेता है।
- क्या करें पुराने नमक का? करीब 10 से 15 दिन बाद बर्तन का पुराना नमक निकाल दें और उसे बहते हुए साफ पानी में प्रवाहित कर दें। उसके बाद बाउल में नया सेंधा नमक भर दें।
2. फिटकरी (Alum) के वास्तु उपाय
फिटकरी को वास्तु शास्त्र में अत्यंत चमत्कारी और सकारात्मक ऊर्जा का संचार करने वाला माना जाता है। इसे वर्क डेस्क पर रखने से काम में एकाग्रता (Concentration) बढ़ती है और सफलता के नए रास्ते खुलते हैं।
- रखने का सही तरीका: फिटकरी को कभी भी खुले में नहीं रखना चाहिए। इसे हमेशा एक लाल रंग के सूती कपड़े में अच्छी तरह लपेटकर रखना चाहिए, ताकि यह बाहर से किसी को दिखाई न दे।
- बर्तन का चुनाव: कपड़े में लिपटी हुई फिटकरी को रखने के लिए हमेशा लकड़ी, कांच या चांदी के छोटे बर्तन का ही इस्तेमाल करना शुभ माना जाता है।
- बदलने का नियम: सेंधा नमक की तरह इसे भी नियमित अंतराल पर बदलना जरूरी है। इसे लगभग 15 से 20 दिनों के बाद बदल देना चाहिए।
- क्या करें पुरानी फिटकरी का? पुरानी फिटकरी को निकालकर उसे अच्छी तरह पीस लें और फिर उसे नाली (Drain) या सिंक में पानी के साथ बहा दें।
विशेष सावधानी: भूलकर भी दोनों चीजों को एक साथ न रखें
वास्तु शास्त्र के अनुसार, यद्यपि फिटकरी और सेंधा नमक दोनों ही ऑफिस डेस्क के लिए बहुत शुभ हैं, लेकिन इन्हें कभी भी एक साथ या एक ही डेस्क पर नहीं रखना चाहिए।
- ऊर्जा का असंतुलन: इन दोनों ऊर्जावान वस्तुओं को एक साथ रखने से आपके आस-पास की ऊर्जा का संतुलन बुरी तरह प्रभावित हो सकता है।
- नकारात्मक प्रभाव: एक साथ रखने पर फायदे की जगह नुकसान हो सकता है और कार्यस्थल के आस-पास नेगेटिव एनर्जी का संग्रह बढ़ सकता है।
- काम पर असर: इससे आपको अपने काम पर फोकस करने में भारी परेशानी आ सकती है और मानसिक तनाव भी बढ़ सकता है।
इसलिए, अपनी सुविधा और जरूरत के अनुसार अपनी डेस्क पर सेंधा नमक या फिटकरी में से किसी एक का ही चुनाव करें और वास्तु के नियमों का पालन करते हुए अपने करियर में सफलता की ओर कदम बढ़ाएं।


























































