सनातन धर्म में श्रावण शुक्ल पक्ष की अष्टमी तिथि का अत्यंत विशेष महत्व है। गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को मासिक दुर्गाष्टमी का पावन व्रत रखा जा रहा है। शास्त्रों के अनुसार, दुर्गाष्टमी का दिन आद्याशक्ति जगदम्बा मां दुर्गा को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए सर्वोत्तम माना गया है। यदि आपके जीवन में लंबे समय से समस्याएं बनी हुई हैं—चाहे वह बच्चों के करियर को लेकर चिंता हो, मनपसंद जीवनसाथी पाने में आ रही बाधाएं हों, आर्थिक तंगी हो, या फिर बार-बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां घेर रही हों—तो आज दुर्गाष्टमी के दिन विधि-विधान से पूजन और शास्त्रों में बताए गए विशेष मंत्रों का जप करने से हर संकट का निवारण होता है।
आइए जानते हैं दुर्गाष्टमी पर किए जाने वाले वे अचूक उपाय और सिद्ध मंत्र, जो आपके जीवन में सुख, समृद्धि और शांति ला सकते हैं:
- संतान के करियर में सफलता और उन्नति हेतु उपाय यदि आप अपने बच्चों के करियर को नई दिशा देना चाहते हैं या उनकी पढ़ाई-लिखाई और नौकरी में आ रही रुकावटों से चिंतित हैं, तो दुर्गाष्टमी के पावन अवसर पर मां दुर्गा के समक्ष बैठकर विद्या रूपी मंत्र का कम से कम 11 बार भक्तिपूर्वक जप करें। जप पूर्ण होने के बाद माता के सामने शुद्ध देसी घी का दीपक जलाएं।
- सिद्ध मंत्र:या देवी सर्वभूतेषु विद्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥
- मनवांछित जीवनसाथी प्राप्त करने का उपाय यदि आपके विवाह में अनावश्यक देरी हो रही है या मनपसंद वर अथवा वधू की प्राप्ति में अड़चनें आ रही हैं, तो आज के दिन स्नान के उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण कर देवी दुर्गा के कल्याणकारी मंत्र का 21 बार जप करें। इस उपाय से सर्वमंगल की प्राप्ति होती है और विवाह के योग शीघ्र बनते हैं।
- सिद्ध मंत्र:सर्वमंगल मांगल्ये शिवे सर्वार्थ साधिके। शरण्ये त्र्यम्बके गौरि नारायणि नमोऽस्तु ते॥
- उत्तम स्वास्थ्य, सौंदर्य और परम सुख की प्राप्ति के लिए यदि आप एक सुंदर, स्वस्थ काया और जीवन में हर तरह के भौतिक व आध्यात्मिक सुख की कामना रखते हैं, तो दुर्गाष्टमी के दिन प्रातःकाल स्नान करके मां दुर्गा का ध्यान करते हुए इस महामंत्र का 51 बार जप करें। यह मंत्र सौभाग्य की वृद्धि करता है और शत्रुओं व बाधाओं का नाश करता है।
- सिद्ध मंत्र:देहि सौभाग्यमारोग्यं देहि मे परमं सुखम्। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
- दीर्घकालिक बीमारियों और स्वास्थ्य समस्याओं से मुक्ति यदि आपके घर में कोई सदस्य निरंतर बीमार रहता है या आप स्वयं पिछले कुछ दिनों से सेहत को लेकर परेशान चल रहे हैं, तो दुर्गाष्टमी पर भगवती दुर्गा के इस आरोग्य प्रदायक मंत्र का 5 बार जप करें। जप समाप्त होने के बाद माता रानी को श्रद्धापूर्वक पांच प्रकार के ताजे फलों का भोग लगाएं।
- सिद्ध मंत्र:ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥
- अखंड आर्थिक समृद्धि और तिजोरी वृद्धि का उपाय यदि परिवार की आर्थिक स्थिति डगमगा रही है या धन संचय नहीं हो पा रहा है, तो आज के दिन मां दुर्गा की धूप-दीप से विधिवत पूजा करें। पूजा के दौरान एक ‘एकाक्षी नारियल’ लें और उस पर सात बार कलावा (मौली) लपेटकर माता के चरणों में अर्पित कर दें। पूजा संपन्न होने के बाद उस नारियल को आदरपूर्वक उठाकर अपनी तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। इस उपाय से घर में मां लक्ष्मी और मां दुर्गा की स्थिर कृपा बनी रहती है।
- अज्ञात भय, डर और संकोच पर विजय प्राप्त करने का उपाय यदि आपके मन में किसी प्रकार का अनजाना भय बना रहता है, या फिर कोई नया व्यवसाय या काम शुरू करते समय असफलता का डर सताता है, तो अपने अंदर आत्मविश्वास जगाने और भय पर काबू पाने के लिए आज के दिन मां चामुंडा के इस शक्तिशाली मंत्र का 11 बार जप करें।
- सिद्ध मंत्र:जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतार्ति हारिणी। जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥
- समस्त बाधाओं के निवारण और धन-धान्य की प्राप्ति हेतु जीवन में आ रही किसी भी प्रकार की बड़ी विपत्ति या संकट से तुरंत राहत पाने के लिए दुर्गाष्टमी पर मां दुर्गा के इस सिद्ध सर्वबाधा नाशक मंत्र का जप करें। जप पूर्ण होने के पश्चात् मां दुर्गा की आरती करें और कपूर अवश्य जलाएं। मान्यता है कि इस उपाय से जीवन की तमाम परेशानियां चुटकियों में समाप्त हो जाती हैं और साधक को पुत्र, धन व धान्य की प्राप्ति होती है।
- सिद्ध मंत्र:सर्वाबाधाविनिर्मुक्तो धनधान्यसुतान्वितः। मनुष्यो मत्प्रसादेन भविष्यति न संशयः॥
















































