भारत और पाकिस्तान के बीच डिप्लोमेटिक रिश्तों में कड़वाहट एक बार फिर अपने चरम पर पहुंच गई है। इस्लामाबाद में इंडियन हाई कमीशन के बाहर से सुरक्षा बैरिकेड्स हटाए जाने के तीन दिन बाद भारत ने करारा जवाब दिया है। नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान हाई कमीशन के बाहर बने सुरक्षा घेरों और अवैध ढांचों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया है। भारत सरकार के इस बड़े फैसले के बाद से ही दोनों पड़ोसी देशों के बीच कूटनीतिक माहौल काफी गर्मा गया है। दोनों ही देश एक-दूसरे के कदमों पर नजर बनाए हुए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था का नया ढांचा नई दिल्ली में हुई इस कार्रवाई के बाद से ही दोनों देशों के राजनयिक परिसरों के बाहर की सुरक्षा व्यवस्था बदल गई है। दिल्ली में पाकिस्तान हाई कमीशन के वीजा अनुभाग के पास मौजूद अवैध निर्माणों को हटाकर रास्ता साफ कर दिया गया है। कूटनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार, भारत-पाकिस्तान के बीच इस प्रकार की त्वरित कार्रवाई बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस घटनाक्रम के बाद से दोनों देशों के दूतावासों की सुरक्षा और उससे जुड़े नियमों को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो गई है।
पाकिस्तान की मनमानी का जवाब भारत द्वारा की गई यह कड़ी कार्रवाई पाकिस्तान की हालिया मनमानी का सीधा और सटीक जवाब मानी जा रही है। दरअसल, तीन दिन पहले इस्लामाबाद में पाकिस्तानी अधिकारियों ने इंडियन हाई कमीशन के बाहर लगे पार्किंग पोल और सुरक्षा ढांचे हटा दिए थे। पाकिस्तान के इस उकसावे वाले कदम के जवाब में भारत ने भी दिल्ली में बुलडोजर चलाकर अवैध अतिक्रमण हटा दिया। भारत ने इस कार्रवाई से यह साबित कर दिया है कि वह पाकिस्तान की हर ईंट का जवाब पत्थर से देने के लिए पूरी तरह सक्षम और तत्पर है।
अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर नई दिल्ली में जो ढांचे बुलडोजर से ढहाए गए हैं, वे सभी पाकिस्तान हाई कमीशन की सीमा से बाहर बनाए गए थे। ये निर्माण वीजा अनुभाग के पास थे और लंबे समय से अतिक्रमण के रूप में वहां मौजूद थे। भारतीय अधिकारियों ने प्रशासनिक नियमों का पालन करते हुए इन सभी अनधिकृत ढांचों को बुलडोजर की मदद से जमींदोज कर दिया। इस कार्रवाई के बाद पाकिस्तान हाई कमीशन के आसपास की सुरक्षा और भौगोलिक स्थिति में अचानक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है।
भारत का मजबूत कूटनीतिक संदेश डिप्लोमेटिक सूत्रों का कहना है कि नई दिल्ली का यह कदम एक सोची-समझी रणनीति के तहत उठाया गया है। भारत ने इस संतुलित कार्रवाई से पाकिस्तान को यह साफ संदेश दे दिया है कि उसके किसी भी उकसावे को बख्शा नहीं जाएगा। अगर इस्लामाबाद में भारतीय राजनयिकों को परेशान किया जाएगा, तो नई दिल्ली में भी पाकिस्तानी मिशन को वैसी ही कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा। भारत का यह सख्त रुख उसकी मजबूत और निडर विदेश नीति को साफ तौर पर प्रदर्शित करता है।
अमेरिका के बयान से पाकिस्तान परेशान इस कूटनीतिक तनाव के बीच भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के जम्मू-कश्मीर दौरे पर दिए बयान से पाकिस्तान तिलमिला गया है। सर्जियो गोर ने जम्मू कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताकर पाकिस्तान को बहुत बड़ा झटका दिया है। इससे बौखलाए पाकिस्तान ने इस्लामाबाद में अमेरिका के कार्यवाहक राजदूत को तलब करके अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया है। एक तरफ अमेरिका का यह कड़ा बयान और दूसरी तरफ दिल्ली में हुई बुलडोजर कार्रवाई ने पाकिस्तान को हर मोर्चे पर अलग-थलग कर दिया है।
















































