डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद यूनुस ने 28 वर्षीय युवक के दिल तक पहुंचाई ‘डिवाइस’, सफल हुआ जटिल उपचार

बहराइच,। जिस इलाज के लिए अब तक बहराइच के मरीजों को बड़े शहरों की ओर देखना पड़ता था, वह सुविधा अब जिले में ही दस्तक दे चुकी है। मल्हीपुर रोड स्थित बिटाना एंड चन्द्रावती हॉस्पिटल में डीएम (कार्डियोलॉजी) डॉ. मोहम्मद यूनुस ने 28 वर्षीय युवक के दिल में मौजूद छेद को बिना छाती पर चीरा लगाए बंद कर दिया। पैर की रक्त वाहिका के रास्ते विशेष उपकरण को हृदय तक पहुंचाकर छेद को बंद करने की यह जटिल प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। अस्पताल के अनुसार, बहराइच में अपने तरह की यह पहली प्रक्रिया है। इस उपलब्धि की खास बात केवल यह नहीं कि मरीज के दिल का छेद बिना बड़े ऑपरेशन के बंद किया गया, बल्कि यह भी है कि पूरा उपचार आयुष्मान कार्ड के माध्यम से किया गया और मरीज की जेब से एक भी पैसा नहीं लगा। इस जटिल उपचार के मुख्य सूत्रधार डीएम (कार्डियोलॉजी) डॉ. मोहम्मद यूनुस रहे। उन्होंने आधुनिक कैथेटर तकनीक के माध्यम से हृदय के छेद को बंद करने की प्रक्रिया को अंजाम दिया। डॉ. यूनुस के अनुसार, प्रक्रिया में छाती खोलने की आवश्यकता नहीं होती। मरीज के पैर की रक्त वाहिका से कैथेटर को शरीर के भीतर से हृदय तक पहुंचाया जाता है। इसके बाद छेद की सही स्थिति पर एक विशेष छाता नुमा बटन/डिवाइस स्थापित की जाती है। डिवाइस निर्धारित स्थान पर खुलकर छेद को बंद करने का काम करती है। यानी बाहर से देखने पर बड़ा ऑपरेशन नहीं, लेकिन शरीर के भीतर हृदय तक पहुंचकर बेहद सटीक तरीके से किया जाने वाला यह उपचार चिकित्सकीय दृष्टि से जटिल प्रक्रिया है। 28 वर्षीय युवक के हृदय में मौजूद छेद का चिकित्सकीय परीक्षण किए जाने के बाद कैथेटर आधारित प्रक्रिया के जरिए उपचार का निर्णय लिया गया। डॉ. मोहम्मद यूनुस और उनकी टीम ने पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा किया। पारंपरिक सर्जरी में जहां बड़े चीरे और लंबी प्रक्रिया की जरूरत पड़ सकती है, वहीं इस तकनीक में छाती खोलने से बचा जा सकता है। डॉ. मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व में बहराइच में इस प्रक्रिया का सफल होना स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे मरीजों को अपने जिले में ही विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधा मिलने की संभावना बढ़ी है।
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‘दिल के छेद’ के इलाज में नई राह, डॉ. यूनुस की टीम को मिली बधाई
डॉ. मोहम्मद यूनुस की विशेषज्ञता और नेतृत्व में हुई इस प्रक्रिया ने जिले में इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजी की संभावनाओं को मजबूती दी है। सफल प्रक्रिया के बाद अस्पताल के मैनेजिंग डायरेक्टर डॉ. रमेश वर्मा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर शुभांगी वर्मा, सीएमएस डॉ. मुकेश यादव, न्यूरो सर्जन डॉ. अनुरोध पटेल, मैनेजमेंट सदस्य राजन श्रीवास्तव, डॉ. अतुल मिश्रा और रमेश पांडेय ने डीएम कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. मोहम्मद यूनुस एवं उनकी पूरी टीम को बधाई दी।








































