मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने जिलाधिकारियों को अपने-अपने जिलों में राजस्व न्यायालयों की कोर्टवार समीक्षा स्वयं करने और लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि राजस्व मामलों के त्वरित निस्तारण से आम नागरिकों को बहुत बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें वर्षों तक चक्कर लगाने से मुक्ति मिलेगी। बैठक में 13 जुलाई से 23 अगस्त के बीच प्रदेश में अपराध की जनपदवार स्थिति का भी विस्तृत विश्लेषण किया गया। अधिकारियों ने बताया कि 13 से 19 जुलाई की तुलना में 17 से 23 अगस्त की अवधि में कुल एफआईआर की संख्या में 0.4 प्रतिशत की कमी दर्ज हुई है।
अपराध के आंकड़ों में गिरावट: समीक्षा के दौरान अपर पुलिस महानिदेशक, कानून-व्यवस्था ने आंकड़ों का ब्योरा प्रस्तुत करते हुए कई महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार गंभीर अपराधों में 5.1 प्रतिशत और महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों में 3.9 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इसके साथ ही अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के विरुद्ध होने वाले अपराधों के आंकड़ों में 11.2 प्रतिशत की बड़ी कमी दर्ज हुई है। कानून-व्यवस्था की स्थिति में सुधार के इन आंकड़ों पर मुख्यमंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए अधिकारियों को इसी तरह निरंतर कड़ी कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए।
महिला सुरक्षा और सख्त कार्रवाई: मुख्यमंत्री ने अपराध नियंत्रण के लिए निरंतर सतर्कता और प्रभावी कार्रवाई जारी रखने के सख्त निर्देश अधिकारियों को दिए हैं। उन्होंने महिला एवं बच्चों से संबंधित अपराधों में विशेष सतर्कता और संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। पुलिस जोन और रेंज स्तर पर साप्ताहिक क्राइम एनालिसिस करने तथा महिला बीट पुलिस अधिकारियों की सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि छेड़खानी और चेन स्नेचिंग जैसी घटनाओं पर बिना किसी संकोच के कठोरतम कार्रवाई की जाए जो दूसरों के लिए भी एक नजीर बने।
माफियाओं के खिलाफ निरंतर अभियान: मुख्यमंत्री ने माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के अभियान को निरंतर और कड़ाई के साथ जारी रखने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने गो-तस्करी, लव जिहाद, धर्मांतरण, धार्मिक स्थलों में तोड़फोड़ तथा महापुरुषों की प्रतिमाओं से छेड़छाड़ जैसी घटनाओं पर पुलिस-प्रशासन को 24×7 अलर्ट रहने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसी घटनाएं किसी भी स्थिति में नहीं होनी चाहिए क्योंकि ये कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बन सकती हैं। इसके साथ ही उन्होंने स्लाटर हाउस की नियमित औचक जांच कराने और अनियमितता पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई के निर्देश दिए।
बाढ़ राहत कार्यों की गहन समीक्षा: मुख्यमंत्री ने Chitrakoot, Farrukhabad, Ayodhya, Azamgarh और Barabanki के जिलाधिकारियों से बाढ़ राहत कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि राहत कार्य पूरी संवेदनशीलता के साथ हों और राहत सामग्री की गुणवत्ता जिलाधिकारी स्वयं सुनिश्चित करें। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों को भरपेट और गरम भोजन उपलब्ध कराया जाना चाहिए। जलभराव वाले क्षेत्रों में सर्पदंश से बचाव के लिए एंटी-वेनम तथा एंटी-रेबीज की पर्याप्त उपलब्धता सभी अस्पतालों में सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
संभावित बीमारियों की रोकथाम के निर्देश: पशुओं की सुरक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने लंपी डिजीज से बचाव हेतु पशुपालन विभाग को तत्काल आवश्यक कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। बाढ़ का पानी उतरने के बाद संभावित बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में विशेष मेडिकल कैंप लगाने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि शासन की प्राथमिकता कागजी कार्रवाई नहीं बल्कि आमजन की समस्याओं का धरातल पर वास्तविक और स्थायी समाधान करना है। सभी जिलों के अधिकारियों को इन सभी निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित करने का आदेश दिया गया है।













































