दलीप ट्रॉफी 2026 का पहला सेमीफाइनल मुकाबला ईस्ट जोन और सेंट्रल जोन की टीमों के बीच खेला जा रहा है। इस बेहद महत्वपूर्ण सेमीफाइनल मुकाबले में ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का निर्णय लिया। मैच के पहले दिन के पहले ही सेशन में ईस्ट जोन की टीम को उस वक्त एक बड़ा झटका लगा जब उनके कप्तान ईशान किशन मैदान पर चोटिल हो गए। कप्तानी कर रहे ईशान किशन के मैदान से बाहर जाने के बाद युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन की कमान संभाली और कप्तानी का जिम्मा पूरा किया। महज 15 साल के युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी को दलीप ट्रॉफी 2026 प्रतियोगिता के लिए ईस्ट जोन की टीम का उपकप्तान नियुक्त किया गया था।
ईशान किशन चोटिल: मैच के दौरान विकेटकीपिंग कर रहे ईशान किशन को यह चोट पहली पारी के 19वें ओवर के दौरान अचानक लगी। विकेटकीपिंग करते समय एक गेंद तेजी से आकर ईशान किशन की दाहिनी कलाई पर लग गई, जिससे वे काफी दर्द में दिखाई दिए। अत्यधिक दर्द होने के कारण मैदान पर फिजियो की मदद ली गई और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें इलाज के लिए मैदान से बाहर जाना पड़ा। ईशान के मैदान से बाहर जाने के बाद कुमार कुशाग्र ने विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी उठाई और वे स्टंप के पीछे कमान संभालने लगे। वहीं 19वें ओवर में ईशान किशन के बाहर जाते ही 15 वर्षीय उपकप्तान वैभव सूर्यवंशी ने ईस्ट जोन टीम की कप्तानी संभालने का काम शुरू कर दिया।
वैभव का कीर्तिमान: यह पहला ऐतिहासिक मौका है जब 15 साल के वैभव सूर्यवंशी किसी सीनियर मेंस क्रिकेट टीम की कप्तानी का जिम्मा संभाल रहे हैं। युवा खिलाड़ी वैभव सूर्यवंशी अपने प्रथम श्रेणी करियर का महज दूसरा दलीप ट्रॉफी मुकाबला और कुल मिलाकर अपना 10वां फर्स्ट-क्लास मैच खेल रहे हैं। इससे पूर्व उन्होंने वर्ष 2024 की शुरुआत में रणजी ट्रॉफी में अपना पहला कदम रखते हुए डेब्यू किया था और सबसे कम उम्र में मैच खेलने का रिकॉर्ड बनाया था। हालांकि नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ खेले गए पिछले क्वार्टर फाइनल मैच में वैभव का बल्ला शांत रहा था और वे 8 गेंदों का सामना करके केवल 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गए थे। बल्लेबाजी में भले ही वे नाकाम रहे हों, लेकिन उस क्वार्टर फाइनल मैच में गेंदबाजी करते हुए उन्होंने दो महत्वपूर्ण विकेट अपने नाम दर्ज किए थे।
टीम में बदलाव: इस सेमीफाइनल मुकाबले के लिए ईस्ट जोन की टीम प्रबंधन ने अपनी प्लेइंग इलेवन स्क्वॉड में एक बड़ा और महत्वपूर्ण बदलाव किया था। पिछले मैच के नायक रहे शाहबाज अहमद इस सेमीफाइनल मुकाबले के लिए पूरी तरह से फिट नहीं हो सके थे, जिसके चलते उन्हें इस मैच की प्लेइंग इलेवन से बाहर रखा गया। फिट न होने के कारण शाहबाज अहमद की जगह टीम में कुनैन कुरैशी को शामिल किया गया और उन्हें इस मुकाबले में खेलने का मौका दिया गया। ईस्ट जोन की टीम ने इस बड़े बदलाव के साथ सेंट्रल जोन के खिलाफ सेमीफाइनल मैच के पहले दिन मैदान में उतरने का फैसला किया था।
मैच की स्थिति: सेमीफाइनल मैच के पहले दिन की खेल स्थिति की बात करें तो सेंट्रल जोन की टीम ने लंच ब्रेक तक सावधानीपूर्वक बल्लेबाजी की। सेंट्रल जोन की टीम ने पहले दिन के लंच ब्रेक का खेल समाप्त होने तक 3 विकेटों के नुकसान पर कुल 81 रन बोर्ड पर बना लिए थे। ईस्ट जोन के गेंदबाजों ने शुरुआत में दबाव बनाते हुए सेंट्रल जोन के तीन महत्वपूर्ण बल्लेबाजों को आउट करके लंच तक पवेलियन भेजने में सफलता प्राप्त कर ली थी। मैदान पर ईशान किशन के चोटिल होने के बावजूद ईस्ट जोन के खिलाड़ियों ने अनुशासित गेंदबाजी का प्रदर्शन करते हुए सेंट्रल जोन को लंच तक नियंत्रित रखा।
भविष्य पर नजर: मैदान से बाहर जाने के बाद अब हर किसी की निगाहें ईशान किशन की चोट और उनकी मैदान पर वापसी के समय पर टिकी हुई हैं। ईशान किशन की कलाई की चोट कितनी गंभीर है और वे कब तक पूरी तरह से उबरकर मैदान पर वापस लौटते हैं, यह देखना काफी दिलचस्प होगा। यदि ईशान किशन जल्द मैदान पर वापस नहीं आते हैं तो 15 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को ही आगे भी ईस्ट जोन की कप्तानी जारी रखनी पड़ सकती है। फिलहाल 15 साल के युवा कप्तान वैभव सूर्यवंशी की अगुवाई में ईस्ट जोन की टीम सेंट्रल जोन के खिलाफ इस सेमीफाइनल मैच में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रही है।














































