ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों की चाल और उनके राशि परिवर्तन का प्रत्येक मनुष्य के जीवन पर गहरा प्रभाव पड़ता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, सौंदर्य, भौतिक सुख, प्रेम और समृद्धि के कारक ग्रह शुक्र 2 सितंबर 2026 को कन्या राशि से निकलकर अपनी स्वराशि तुला में गोचर करने जा रहे हैं। शुक्र का यह गोचर ज्योतिषीय दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इस समय न्याय के देवता शनिदेव मीन राशि में विराजमान हैं।
शुक्र के तुला राशि में प्रवेश करते ही मीन राशि में स्थित शनि और तुला राशि में स्थित शुक्र के बीच ‘षडाष्टक योग’ का निर्माण होगा। ज्योतिष में षडाष्टक योग को एक अशुभ और चुनौतीपूर्ण योग माना जाता है। इस योग की स्थिति तब बनती है जब शनिदेव शुक्र से छठे भाव में स्थित होंगे और शुक्र ग्रह शनिदेव से अष्टम भाव में मौजूद रहेंगे।
शनि और शुक्र के इस षडाष्टक अशुभ योग के कारण विशेष रूप से मेष, सिंह और वृश्चिक राशि के जातकों को अपने करियर, आर्थिक मामलों और स्वास्थ्य को लेकर अत्यधिक सतर्क रहने की आवश्यकता होगी। आइए जानते हैं कि इस योग का इन 3 राशियों पर क्या प्रभाव पड़ेगा और इससे बचने के सटीक ज्योतिषीय उपाय क्या हैं।
1. मेष राशि (Aries)
- कार्यक्षेत्र व करियर: षडाष्टक योग के प्रभाव से मेष राशि के जातकों को अपने कार्यस्थल पर अत्यधिक सावधानी बरतनी होगी। ऑफिस में सहकर्मियों के साथ किसी बात को लेकर मतभेद या अनबन की स्थिति पैदा हो सकती है। अपने काम में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें, अन्यथा आपकी पेशेवर छवि को नुकसान पहुँच सकता है और अधिकारियों की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है।
- स्वास्थ्य स्थिति: स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से यह समय थोड़ा संवेदनशील रह सकता है। मानसिक तनाव, अनिद्रा और सिरदर्द जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। योग और ध्यान का सहारा लें।
- पारिवारिक व व्यक्तिगत जीवन: पारिवारिक जीवन में वाणी पर संयम रखना अनिवार्य होगा। बातचीत के दौरान शब्दों का चयन सोच-समझकर करें, अन्यथा छोटी सी बात बड़े विवाद का रूप ले सकती है।
- ज्योतिषीय उपाय: प्रतिदिन भगवान शिव की उपासना करें और ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें।
2. सिंह राशि (Leo)
- कार्यक्षेत्र व करियर: सिंह राशि वाले जातकों के बने-बनाये कामों में अचानक रुकावटें या विलंब की स्थिति बन सकती है। कार्यक्षेत्र में आज के काम को कल पर टालने की आदत से बचें, वरना नुकसान हो सकता है। ऑफिस में होने वाली किसी भी प्रकार की आंतरिक राजनीति से दूरी बनाकर रखें और केवल अपने लक्ष्यों पर ध्यान केंद्रित करें।
- व्यापार व योजनाएं: किसी भी नई परियोजना पर काम शुरू करने से पहले मजबूत रणनीति (प्लानिंग) बनाएं और बिना सोचे-समझे कोई बड़ा कदम न उठाएं।
- स्वास्थ्य स्थिति: इस अवधि में आपको गले में इंफेक्शन, खराश और हड्डियों या जोड़ों में दर्द की शिकायत हो सकती है। शारीरिक रूप से अत्यधिक थकान महसूस हो सकती है।
- ज्योतिषीय उपाय: शनिवार के दिन जरूरतमंदों को काले तिल, उड़द की दाल या काले वस्त्रों का दान करें।
3. वृश्चिक राशि (Scorpio)
- व्यापार व आर्थिक स्थिति: वृश्चिक राशि के जातकों को धन के लेन-देन और आर्थिक मामलों में विशेष सावधानी रखनी होगी। कारोबारी वर्ग के लोग किसी भी बड़ी डील को फाइनल करने या बड़ा निवेश करने से पहले किसी अनुभवी विशेषज्ञ या सलाहकार की मदद अवश्य लें।
- करियर व नौकरी: नौकरीपेशा लोगों के लिए दफ्तर का माहौल थोड़ा प्रतिकूल महसूस हो सकता है। कार्यस्थल पर धैर्य बनाए रखें और विपरीत परिस्थितियों में भी शांति से काम लें, जल्द ही स्थितियां आपके पक्ष में सुधरेंगी।
- स्वास्थ्य स्थिति: सेहत के मामले में आपको खान-पान पर विशेष ध्यान देना होगा। पेट से जुड़ी समस्याएं, पाचन में गड़बड़ी और जोड़ों के दर्द की समस्या परेशान कर सकती है।
- ज्योतिषीय उपाय: मंगलवार और शनिवार के दिन हनुमान चालीसा का पाठ करें और हनुमान जी को बूंदी का भोग लगाएं।













































