भारत और साउथ कोरिया के बीच डेविस कप के दूसरे राउंड में चल रहे मुकाबले में भारतीय टीम ने डबल्स मैच जीतकर अपनी उम्मीदों को बरकरार रखा है। 18 सितंबर को खेले गए दोनों सिंगल्स मुकाबलों में भारत को हार का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद टीम के लिए 19 सितंबर का डबल्स मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया था। इस अहम मैच में एन श्रीराम बालाजी और डीके सुरेश की भारतीय जोड़ी ने दबाव के बीच प्रभावशाली खेल दिखाया और तीन सेट तक चले मुकाबले में साउथ कोरिया की जिसुंग नाम और उइसुंग पार्क की जोड़ी को 2-1 से शिकस्त दी। भारतीय जोड़ी ने यह मुकाबला 6-3, 3-6, 6-3 के स्कोर से अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने डेविस कप के दूसरे राउंड में वापसी की उम्मीद बनाए रखी है। सिंगल्स में मिली दोनों हार के बाद डबल्स में हासिल हुई यह जीत भारतीय टीम के लिए खास महत्व रखती है।
पहले सेट में भारत का दबदबा: मुकाबले की शुरुआत से ही एन श्रीराम बालाजी और डीके सुरेश ने अच्छी लय दिखाई। भारतीय जोड़ी ने पहले सेट में लगातार दबाव बनाए रखा और कोरियाई जोड़ी को ज्यादा मौके नहीं दिए। पहले सेट में कुल नौ गेम खेले गए, जिनमें से भारत ने छह गेम अपने नाम किए, जबकि जिसुंग नाम और उइसुंग पार्क की जोड़ी तीन गेम ही जीत सकी। भारतीय खिलाड़ियों ने महत्वपूर्ण मौकों पर अंक हासिल करते हुए शुरुआती सेट 6-3 से अपने नाम किया। इस परिणाम के साथ बालाजी और डीके सुरेश ने मुकाबले में 1-0 की बढ़त बना ली और दूसरे सेट में भी अपनी बढ़त को निर्णायक स्थिति तक पहुंचाने की कोशिश की। शुरुआती सेट की जीत ने भारतीय टीम को वह आत्मविश्वास दिया, जिसकी उसे सिंगल्स में दोनों मुकाबले गंवाने के बाद जरूरत थी।
दूसरे सेट में कोरिया की वापसी: पहले सेट में 3-6 से पिछड़ने के बाद साउथ कोरिया की जिसुंग नाम और उइसुंग पार्क की जोड़ी ने दूसरे सेट में वापसी की। कोरियाई खिलाड़ियों ने इस सेट में अपने खेल को बेहतर करते हुए भारतीय जोड़ी पर दबाव बनाया और 6-3 के अंतर से सेट जीत लिया। दूसरे सेट का नतीजा आने के बाद मुकाबला 1-1 की बराबरी पर पहुंच गया और फैसला तीसरे सेट में होना तय हुआ। ऐसे में भारतीय जोड़ी के सामने निर्णायक सेट में दबाव को संभालते हुए शुरुआती बढ़त को दोबारा हासिल करने की चुनौती थी। दोनों टीमों के बीच मुकाबला तीन सेट तक खिंचने से मैच की प्रतिस्पर्धा का अंदाजा लगाया जा सकता है, लेकिन निर्णायक सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू किया।
निर्णायक सेट में बालाजी-सुरेश की जीत: तीसरे और निर्णायक सेट में एन श्रीराम बालाजी और डीके सुरेश ने एक बार फिर मजबूत प्रदर्शन किया। भारतीय जोड़ी ने 6-3 के स्कोर से तीसरा सेट जीतकर पूरे मुकाबले को 2-1 से अपने नाम कर लिया। इस तरह भारत ने शुरुआती सिंगल्स मुकाबलों में मिली दोनों हार के बाद डबल्स में जीत दर्ज की और मुकाबले में अपनी चुनौती को जीवित रखा। तीन सेट के इस मुकाबले में भारतीय जोड़ी ने कुल दो सेट जीतकर अपनी बढ़त कायम की, जबकि कोरियाई जोड़ी एक सेट अपने नाम करने में सफल रही। 6-3, 3-6, 6-3 का स्कोर यह बताता है कि मैच में दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला हुआ, लेकिन निर्णायक क्षणों में भारतीय खिलाड़ियों ने बेहतर प्रदर्शन करते हुए जीत हासिल की।
डीके सुरेश को मौका, टीम ने बदली रणनीति: डबल्स मुकाबले के लिए भारतीय टीम की मूल योजना में एन श्रीराम बालाजी के साथ निकी कालियांडा पूनाचा को कोर्ट पर उतरना था। हालांकि, मुकाबले से पहले टीम ने अपनी रणनीति में बदलाव किया और पूनाचा की जगह डीके सुरेश को बालाजी के साथ खेलने का फैसला किया। इस बदलाव के बाद बालाजी और डीके सुरेश की जोड़ी ने कोर्ट पर उतरकर भारतीय टीम को महत्वपूर्ण जीत दिलाई। टीम प्रबंधन का यह बदलाव मुकाबले में प्रभावी साबित हुआ और दोनों खिलाड़ियों ने तीन सेट तक चले मैच में अपनी जोड़ी के तालमेल के साथ प्रदर्शन किया। भारतीय टीम के लिए यह जीत इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि सिंगल्स में दोनों मुकाबले गंवाने के बाद डबल्स में मिली सफलता ने उसे आगे की चुनौती के लिए जरूरी आधार दिया।
दूसरे राउंड में भारत की उम्मीदें कायम: डेविस कप के इस दूसरे राउंड में 18 सितंबर के दोनों सिंगल्स मुकाबलों में हार के बाद भारत की स्थिति चुनौतीपूर्ण थी, लेकिन 19 सितंबर को डबल्स में मिली जीत ने टीम की उम्मीदों को बनाए रखा है। बालाजी और डीके सुरेश ने जिसुंग नाम और उइसुंग पार्क को 6-3, 3-6, 6-3 से हराकर महत्वपूर्ण अंक हासिल किया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इस मुकाबले का सीधा प्रसारण वीटो ओटीटी पर किया जा रहा है। डेविस कप के दूसरे राउंड में भारत और साउथ कोरिया के बीच मुकाबले को लेकर भारतीय टीम के लिए आगे के मैच भी महत्वपूर्ण रहेंगे। डबल्स में मिली जीत से टीम को निश्चित रूप से मुकाबले में बने रहने का अवसर मिला है और अब आगे के परिणाम पर उसकी स्थिति निर्भर करेगी।













































