रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक-अध्यक्ष नीता अंबानी ने नीता मुकेश अंबानी सांस्कृतिक केंद्र में ‘द लाइब्रेरी’ की शुरुआत की। इस नई जगह को किताबों, सिनेमा, संस्कृति और आपसी बातचीत से जुड़े अनुभवों को एक साथ लाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उद्घाटन समारोह के दौरान नीता अंबानी का अंदाज भी खास चर्चा में रहा। उन्होंने प्रसिद्ध आभूषण कलाकार वालेस चान द्वारा डिजाइन किया गया ‘सोअरिंग स्पिरिट’ नाम का आकर्षक ब्रोच पहना था। इस ब्रोच की डिजाइन ने समारोह में मौजूद लोगों का ध्यान खींचा। कार्यक्रम की तस्वीरों और समारोह की झलकियों में नीता अंबानी के इस खास आभूषण को प्रमुखता से देखा गया। नई लाइब्रेरी की शुरुआत के साथ सांस्कृतिक केंद्र में साहित्य और संवाद को बढ़ावा देने वाली एक नई जगह जुड़ गई है।
ड्रैगनफ्लाई से प्रेरित ब्रोच में छिपा है आजादी और सपनों का संदेश: उद्घाटन के मौके पर नीता अंबानी ने जो ‘सोअरिंग स्पिरिट’ ब्रोच पहना, उसे वालेस चान ने तैयार किया है। इस कलाकृति की प्रेरणा ड्रैगनफ्लाई यानी व्याध पतंग से ली गई है। ब्रोच को सपनों, आजादी और असीम संभावनाओं का प्रतीक बताया गया है। इसकी कलात्मक बनावट बदलाव, आश्चर्य और नई चीजों की खोज की खूबसूरती को दर्शाती है। सांस्कृतिक केंद्र की ओर से साझा की गई तस्वीरों के साथ इस आभूषण की विशेषता भी बताई गई। किताबों, बातचीत और खानपान के लिए तैयार की गई नई जगह के उद्घाटन पर इस खास कलाकृति ने समारोह की खूबसूरती में एक अलग आकर्षण जोड़ दिया। नीता अंबानी का यह आभूषण उनके पूरे लुक का प्रमुख हिस्सा रहा और कार्यक्रम की चर्चा में भी शामिल हुआ।
डेनिम और ब्रोकेड टॉप में ईशा अंबानी का स्टाइलिश अंदाज: ‘द लाइब्रेरी’ के उद्घाटन समारोह में ईशा अंबानी भी अपने खास पहनावे के कारण आकर्षण का केंद्र रहीं। उन्होंने इस अवसर पर डेनिम जींस के साथ ब्रोकेड टॉप पहना था। उनके पहनावे में पारंपरिक कपड़े की खूबसूरती और आधुनिक परिधान का मेल देखने को मिला। ईशा ने अपने लुक को बहुत कम आभूषणों और अन्य साज-सज्जा के सामान के साथ पूरा किया। उन्होंने अपने लंबे बाल खुले रखे, जिससे उनका पहनावा और अधिक उभरकर सामने आया। कम साज-सज्जा के कारण ब्रोकेड टॉप की डिजाइन और उसकी बनावट पर खास ध्यान गया। समारोह में उनका यह सादा लेकिन स्टाइलिश अंदाज चर्चा में रहा।
करीना-सैफ से शाहिद-मीरा तक, समारोह में पहुंचे फिल्म जगत के कई सितारे: ‘द लाइब्रेरी’ के शुभारंभ समारोह में मनोरंजन जगत की कई जानी-मानी हस्तियों ने शिरकत की। इस मौके पर करीना कपूर और सैफ अली खान की जोड़ी पहुंची, वहीं शाहिद कपूर अपनी पत्नी मीरा राजपूत के साथ समारोह में शामिल हुए। इनके अलावा अभिनेता विक्रांत मैसी, राजकुमार राव और फिल्म निर्माता राजकुमार हिरानी भी मेहमानों में शामिल रहे। अभिनेत्री सोनाली कुलकर्णी और वेदिका पिंटो ने भी कार्यक्रम में उपस्थिति दर्ज कराई। किम शर्मा और सोहा अली खान भी इस खास शाम का हिस्सा बनीं। फिल्म और मनोरंजन जगत से जुड़े इन मेहमानों की मौजूदगी ने उद्घाटन समारोह को खास बना दिया। साहित्य और संस्कृति को समर्पित इस आयोजन में फिल्मी सितारों की भागीदारी ने भी लोगों का ध्यान खींचा।
काजोल, न्यासा देवगन और मनीष मल्होत्रा समेत कई चर्चित चेहरे हुए शामिल: समारोह में काजोल और न्यासा देवगन भी मौजूद रहीं। इनके साथ प्रसिद्ध परिधान डिजाइनर मनीष मल्होत्रा, कुशा कपिला और ओरी ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया। फिल्म निर्माता विधु विनोद चोपड़ा समेत कई अन्य जाने-माने मेहमान भी इस आयोजन में पहुंचे। अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़ी हस्तियों की मौजूदगी ने ‘द लाइब्रेरी’ के उद्घाटन को एक खास सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन का रूप दिया। इस शाम में सिनेमा, फैशन और कला जगत के कई चर्चित चेहरे एक साथ नजर आए। समारोह की तस्वीरों में मेहमानों की मौजूदगी के साथ नई लाइब्रेरी की शुरुआत भी प्रमुखता से दिखाई गई। इस आयोजन ने किताबों और सांस्कृतिक गतिविधियों को लेकर एक साझा मंच तैयार करने की पहल को सामने रखा।
नई पीढ़ी में पढ़ने की आदत और साहित्य से जुड़ाव बढ़ाना है मकसद: मेहमानों का स्वागत करते हुए नीता अंबानी ने कहा कि ‘द लाइब्रेरी’ किताबों, बातचीत और अच्छे खानपान के लिए बनाई गई जगह है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य नई पीढ़ी के बीच किताबों और पढ़ने के आनंद को फिर से लोकप्रिय बनाना है। उनके अनुसार, यह स्थान केवल पुस्तकें पढ़ने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि लोगों को बातचीत और साझा अनुभवों के लिए भी एक साथ लाएगा। साहित्य और संस्कृति के माध्यम से लोगों के बीच जुड़ाव बढ़ाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। नई लाइब्रेरी को ऐसी जगह के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां लोग किताबों के साथ समय बिता सकें, विचार साझा कर सकें और खानपान के अनुभव का आनंद ले सकें। इस तरह ‘द लाइब्रेरी’ के जरिए पढ़ने की संस्कृति को प्रोत्साहित करने और नई पीढ़ी को साहित्य से जोड़ने की कोशिश की गई है।
















































