ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के बीच ईरान के सर्वोच्च नेता मुजतबा खामेनेई ने अपनी सेना को किसी भी संभावित हमले का तुरंत जवाब देने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया है। उन्होंने वरिष्ठ सैन्य कमांडरों के साथ बैठक के बाद सामाजिक माध्यम पर कई संदेश जारी कर अपना रुख स्पष्ट किया। खामेनेई ने कहा कि अमेरिका की ओर से किसी भी तरह का हमला होने पर जवाबी कार्रवाई प्रभावी होनी चाहिए और इसमें भौगोलिक सीमाओं की बाधा नहीं होनी चाहिए। उनका यह निर्देश ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच तनाव कम करने के लिए बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं। एक तरफ कूटनीतिक स्तर पर समाधान तलाशने के प्रयास हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ ईरान का सैन्य नेतृत्व संभावित हमले से निपटने की तैयारी बनाए रखने पर जोर दे रहा है।
हमले शुरू करने और उन्हें रोकने का फैसला ईरान की सेना और जनता करेगी: मुजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में कहा कि हर स्तर और हर प्रकार के खतरे का तत्काल तथा प्रभावी जवाब दिया जाना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस कार्रवाई के लिए किसी भौगोलिक सीमा को बाधा नहीं माना जाना चाहिए। खामेनेई ने यह भी कहा कि यदि दुश्मन फिर से सैन्य या आतंकवादी हमले शुरू करते हैं, तो उन्हें कब और किन शर्तों पर समाप्त किया जाएगा, इसका निर्णय इस्लामी गणराज्य की सेना और ईरान की जनता करेगी। इस बयान के जरिए उन्होंने जवाबी कार्रवाई को लेकर ईरान के अधिकार और निर्णय क्षमता पर जोर दिया है। वरिष्ठ सैन्य कमांडरों को दिए गए इस निर्देश से यह संदेश गया है कि ईरान किसी भी नए हमले की स्थिति में पीछे हटने के बजाय तत्काल और मजबूत प्रतिक्रिया देने की तैयारी में है।
दुश्मनों को रोकने के लिए सैन्य क्षमता और रक्षा तकनीक मजबूत करने पर जोर: ईरान के सर्वोच्च नेता ने सेना को केवल संभावित हमले का इंतजार करने के बजाय पहले से पूरी तैयारी बनाए रखने को कहा है। उन्होंने सैन्य अधिकारियों को समझदारी के साथ युद्ध की तैयारी जारी रखने और किसी भी तरह के खतरे का मजबूती से मुकाबला करने का निर्देश दिया। खामेनेई के अनुसार, सेना की मजबूत तैयारी विरोधी पक्ष को हमला करने से रोकने की रणनीति का अहम हिस्सा है। उन्होंने देश की रक्षा तकनीक को और मजबूत करने की आवश्यकता भी बताई। ईरान की सैन्य व्यवस्था को ऐसी स्थिति में तैयार रखने पर जोर दिया गया है, जहां सेना किसी भी स्तर के खतरे का सामना कर सके। यह संदेश ऐसे समय आया है, जब अमेरिका के साथ बातचीत की कोशिशें जारी हैं और क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए कूटनीतिक विकल्पों पर भी चर्चा हो रही है।
डोनाल्ड ट्रंप ने युद्ध खत्म करने की जल्दबाजी से किया इनकार: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर कहा है कि अमेरिका इसे समाप्त करने के लिए जल्दबाजी में नहीं है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है और लगातार बातचीत कर रहा है, लेकिन अमेरिका के पास पर्याप्त समय है। ट्रंप ने दावा किया कि ईरान अपने सैनिकों को वेतन नहीं दे पा रहा है और पुलिसकर्मियों को भी भुगतान करने में मुश्किलों का सामना कर रहा है। उन्होंने ईरान की स्थिति को कठिन बताते हुए मौजूदा संघर्ष को सामान्य युद्ध से अलग करार दिया। ट्रंप ने यह भी कहा कि लड़ाई और कूटनीतिक प्रयासों को चलते हुए 7 महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समझौता नहीं हो पाया है। उनके बयान से संकेत मिलता है कि अमेरिका तत्काल युद्ध समाप्त करने के बजाय अपने हिसाब से बातचीत आगे बढ़ाना चाहता है।
परमाणु सामग्री और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बातचीत का प्रस्ताव तैयार: दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के तहत एक शुरुआती मसौदा तैयार होने की खबर है। इस प्रस्ताव में ईरान के अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम के भंडार को किसी ऐसे तीसरे देश को सौंपने की बात शामिल है, जिस पर दोनों पक्ष सहमत हों। इसके अलावा यूरेनियम के संवर्धन का स्तर कम करने का विकल्प भी रखा गया है। मसौदे का एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़ा है। इसमें शुरुआती सहमति बनने के 7 दिनों के भीतर इस समुद्री मार्ग को अंतरराष्ट्रीय जहाजों की आवाजाही के लिए फिर से खोलने की बात कही गई है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के तेल कारोबार के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में शामिल है। इस मार्ग पर जहाजों की आवाजाही सामान्य बनाए रखना वैश्विक ऊर्जा व्यापार के लिए अहम माना जाता है। प्रस्ताव में परमाणु भंडार और समुद्री मार्ग से जुड़े दोनों मुद्दों को बातचीत के प्रमुख विषय के रूप में रखा गया है।
सैन्य तैयारी के साथ समझौते की कोशिशें भी जारी, आगे की बातचीत पर टिकी निगाहें: ईरान की ओर से सेना को किसी भी हमले का बिना भौगोलिक सीमा के जवाब देने का निर्देश और अमेरिका की ओर से युद्ध समाप्त करने में जल्दबाजी नहीं दिखाने वाला बयान दोनों देशों के बीच तनाव की गंभीरता को दर्शाते हैं। इसके बावजूद बातचीत के लिए तैयार शुरुआती प्रस्ताव में यूरेनियम भंडार और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर संभावित समझौते की रूपरेखा सामने आई है। ईरान के सर्वोच्च नेता ने सेना को युद्ध के लिए तैयार रहने और रक्षा तकनीक मजबूत करने को कहा है, जबकि ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान बातचीत करना चाहता है और अमेरिका के पास समय है। प्रस्ताव के अनुसार, अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम को सहमत तीसरे देश को सौंपने या उसका संवर्धन स्तर घटाने तथा शुरुआती सहमति के 7 दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की बात है। अब दोनों देशों के सैन्य और कूटनीतिक रुख के बीच इस प्रस्ताव पर आगे होने वाली बातचीत महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
















































